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  • आखिर सामने आ गया संघमित्रा का छुपा खेल

    आखिर सामने आ गया संघमित्रा का छुपा खेल

    भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया घेराव
    आईएनएस न्यूज नेटवर्क
    Up Election 2022: लखनऊ. सत्ता के साथ बने रहना नेताओं की मजबूरी होती है. जनता को दिखाने के लिए नेताओं के बोल अलग और राजनीतिक हित के लिए उनकी चाहत अलग होती है. स्वामी प्रसाद मौर्य  के भाजपा छोड़ने के बाद उनकी भाजपा की सांसद पुत्री संघमित्रा मौर्य ने कहा था कि वे भाजपा में ही बनी रहेंगी. पिता की राजनीति से उनका कोई सरोकार नहीं है. इस समय भाजपा नेताओं ने संघमित्रा को सर पर बिठाते हुए नारा दिया था कि बेटियां भाजपा के राज में ही सुरक्षित हैं. लेकिन संघमित्रा ने चुनाव के आखिरी दिन खुलेआम अपने पिता के लिए वोट मांग कर अपनी कुटिल राजनीति उजागर कर दिया.
    तीन मार्च को यूपी के 10 जिलों की 57 सीटों पर मतदान होना है.  मंगलवार को कुशीनगर की फाजिलनगर सीट पर खूब सियासी घमासान देखने को मिला.  इस सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे स्‍वामी प्रसाद मौर्य की बीजेपी सांसद बेटी संघमित्रा मौर्य खुलकर उनके समर्थन में आ गईं. इतना ही नहीं संघमित्रा ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर उन्‍हें घेरने का आरोप लगाते हुए फाजिलनगर की महिलाओं से अपने पिता को वोट देने की अपील की.
     चुनाव प्रचार के आखिरी दिन शाम  को फाजिलनगर के गोड़रिया नामक स्‍थान पर सपा और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए थे. दोनों पार्टियों के उम्‍मीदवारों के समर्थकों के बीच अचानक झगड़े के बाद मारपीट शुरु हो गई. कार्यकर्ताओं के बीच हुए पथराव में कई गाड़ियों के शीशे टूट गए. इसके बाद स्‍वामी प्रसाद मौर्या मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए. दूसरी तरफ आक्रोशित भाजपा कार्यकर्ता भी तुर्कपट्टी थानाक्षेत्र के नुनियापट्टी चौराहे पर सड़क जाम करने लगे.
     स्‍वामी प्रसाद मौर्य की सांसद बेटी संघमित्रा भी घटनास्‍थल पर पहुंचीं. उन्‍होंने मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि पिता के ऊपर हमले की सूचना पर जब वह यहां आ रही थीं तो रास्‍ते में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्‍हें घेर लिया. संघमित्रा ने फाजिलनगर की जनता खासकर महिलाओं से अपने पिता स्‍वामी प्रसाद मौर्य को वोट देने की अपील भी की.
     भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि संघमित्रा पिछले कुछ दिनों से फाजिलनगर में  अपने पिता के लिए वोट की लॉबिंग कर रही थीं. पिछले दिनों फाजिलनगर के जौरा-मगुलही गांव में बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्य को देखे जाने पर मीडियाकर्मियों से उनसे स्‍वामी प्रसाद मौर्य का प्रचार करने को लेकर सवाल पूछे. तब संघमित्रा ने साफ तौर पर इससे इनकार करते हुए कहा कि वह बतौर सांसद कहीं भी आ-जा सकती हैं. संघमित्रा ने कहा था कि उन्‍होंने पार्टी हाईकमान को पहले ही बता दिया था कि वो फाजिलनगर में बीजेपी का प्रचार नहीं करेंगी. वह यहां वह स्वतंत्र रूप से यहां घूम रही हैं. उनके यहां आने का पिता के प्रचार से कोई लेना-देना नहीं है. लेकिन मंगलवार को संघमित्रा ने मीडिया को दी बाइट में साफ तौर पर कहा कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उन्‍हें भी घेर लिया था. वह फाजिलनगर की जनता खासतौर पर महिलाओं से स्‍वामी प्रसाद मौर्य को वोट देने की अपील कर रही हैं.
  • तीसरे चरण के प्रचार का आज आखिरी दिन

    तीसरे चरण के प्रचार का आज आखिरी दिन

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क
      Up Election 2022: लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव  के तीसरे चरण के लिए होने वाले प्रचार का आज आखिरी दिन है. 16 जिलों की 59 सीटों के लिए 20 फरवरी को मतदान होगा. आज शाम ६ बजे इन सीटों के लिए प्रचार थम जाएगा.मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि इस चरण में 16 जिलों की 59 सीटों पर रविवार को वोटिंग होनी है.
    इन जिलों में होगी वोटिंग
    तीसरे चरण में हाथरस, फिरोजाबाद, एटा, इटावा, मैनपुरी, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, औरय्या, कानपुर देहात, कानपुर नगर, जालौन, झांसी, ललितपुर, हमीरपुर और महोबा में  होना है चुनाव होगा.16 जिलों में 2.16 करोड़ मतदाता हैं जो 627 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगें.
    भाजपा, सपा के लिए अहम
     भाजपा ,समाजवादी के लिए अहम हैं 59 सीटें
     इससे पहले हुए दो चरण के चुनाव में भाजपा और सपा दोनों पार्टियां अपनी जीत का दावा कर रही हैं. तीसरे चरण का चुनाव मुलायम सिंह और अखिलेश यादव का गढ़ कहा जाता है. 2017 के चुनाव की वोटिंग में इन जिलों की 59 सीटों में भाजपा ने 49 सीटें जीत ली थी. सपा- कांग्रेस गठबंधन को 9 सीटों से संतोष करना पड़ा था.
     बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर
     इस चरण के प्रमुख उम्मीदवारों में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव है. वो मैनपुरी जिले की करहल सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. वहां से बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल को उतारा है. वहीं योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री सतीश महाना कानपुर की महराजपुर, रामनरेश अग्निहोत्री मैनपुरी के भोगांव और नीलिमा कटियार कल्याणपुर से चुनाव मैदान में हैं. अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव की हार-जीत भी इस चरण में तय होगी. वे इटावा की जसवंतनगर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.कानपुर की किदवईनगर सीट से वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय कपूर चुनाव मैदान में हैं. फर्रुखाबाद सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं. बसपा छोड़कर बीजेपी में आए विधायक रामवीर उपाध्याय हाथरस की सादाबाद सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. इन बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है. भाजपा दावा कर रही है कि करहल सीट से अखिलेश यादव भारी मतों से चुनाव हारने जा रहे हैं.