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  • कोविड से मुंबई में हुईं 35,138 मौतें!

    कोविड से मुंबई में हुईं 35,138 मौतें!

    21,436 आवेदन मंजूर
    आईएनएस न्यूज नेटवर्क
    Covid-19 Deth in Mumbai: मुंबई महानगर पालिका के आंकडों में अब तक कोविड से 16,688 लोगों की मौत को दिखाया जा रहा है. दरअसल राज्य सरकार मुंबई हाईकोर्ट के आदेश पर कोरोना से मरने वालों के परिजनों को 50 हजार रुपये सहायता राशि दे रही है. बीएमसी को अब तक कोरोना से मरने वालों के परिजनों के 35,138 आवेदन आये हैं. जिसमें से 21,436 आवेदन मंजूर किये गए हैं. तो क्या मुंबई में कोरोना से मरने वालों की संख्या 35 हजार से अधिक है? जैसा कि विरोधी पक्ष नेता देवेंद्र फडणवीस ने मृतकों का आंकड़ा छुपाने का आरोप लगाया था.  इन आंकड़ों के सामने आने के बाद अब इस पर सवाल उठने लगे हैं. मुंबई की महापौर किशोरी पेडणेकर ने जिन्हें आर्थिक सहायता राशि नहीं मिली उसके लिए हुई जनसुनवाई के दौरान यह जानकारी दी है.
     सोमवार को कोरोना से मरने वाले जिन नागरिकों के परिजनों को 50 हजार सहायता राशि नहीं मिली थी उनका जीजामाता उद्यान के पेंगुइन सभागृह में महापौर ने जनसुनवाई की थी. जन सुनवाई में आये 328 आवेदनों में से 273 आवेदन को तत्काल स्वीकार कर लिया गया. मंजूर किये गए आवेदन को राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा.
    महापौर किशोरी पेडणेकर ने कहा कि सरकार द्वारा तैयार किए गए पोर्टल में कोरोना से मरने वालों के परिवार को सहायता राशि मिलने में दिक्कत आने की शिकायत के बाद जनसुनवाई की गई.
    महापौर ने बताया कि मुंबई के लिए 35,138 आवेदन मिले जिसमें स्वास्थ्य अधिकारी ने 21,436 आवेदन मंजूर किये हैं. मंजूर आवेदन में से 2116 मृतकों के परिवार को 50 हजार रुपये सहायता राशि दी गई है. जबकि 12,871 आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं. उसमें 5,003 लोगों ने शिकायत निवारण समिति के पास आवेदन किया है. शिकायत समिति कागजातों की जांच कर मंजूर स्वीकार अथवा अस्वीकार की कार्रवाई करता है. सोमवार की बैठक में 328 लोगों ने भाग लिया जिसमें से 273 आवेदन स्वीकार किये गए. 36 आवेदन ऐसे थे जिनकी मौत मुंबई से बाहर हुई थी. 19 के कागजात नहीं होने के कारण अगली बैठक में सुनवाई की जाएगी. महापौर ने सभी को उचित कागजात के साथ उपस्थित रहने के लिए कहा है.
     मुंबई में कोरोना की पहली लहर में मची अफरातफरी के बीच कोरोना से मृतकों के शव बड़ी संख्या में शवदाह गृहों में जलाये जा रहे थे. परिजनों को दूर रखा जा रहा था. उस समय पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में विरोधी पक्ष नेता ने कोरोना मृतकों के आंकड़े छुपाने का आरोप लगाया था.