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  • मुख्यमंत्री शिंदे से मिली बालासाहेब ठाकरे की बहू

    मुख्यमंत्री शिंदे से मिली बालासाहेब ठाकरे की बहू

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई. शिवसेना प्रमुख स्व.बालासाहेब ठाकरे की बहू, सामाजिक कार्यकर्ता और फिल्म निर्माता स्मिता ठाकरे (Smita Thakckray Met CM Eknath Sinde) आज मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की. शिवसेना में विद्रोह के बाद एकनाथ शिंदे से मिलने वाली वह ठाकरे परिवार की पहली व्यक्ति हैं. इस मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में कईयों की भौंहें चढ़ा दी हैं.

    शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की बहू और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की भाभी स्मिता ठाकरे और देवर उद्धव ठाकरे के साथ दोस्ताना नहीं होने के लिए जाना जाता है. कई सालों तक राजनीति से दूर रहीं स्मिता ठाकरे ने आज मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात ने सियासी  माहौल गरमा गया है. ठाकरे परिवार से ताल्लुक रखने वाले मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने भले ही एकनाथ शिंदे का समर्थन किया हो, लेकिन एकनाथ शिंदे से उनकी मुलाकात अभी बाकी है. इसे देखकर स्मिता ठाकरे ठाकरे परिवार की पहली शख्स हैं जो बगावत के बाद एकनाथ शिंदे से मिलीं. उनकी मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है.
       पार्टी में बगावत के बाद उद्धव ठाकरे और उनके समर्थक एकनाथ शिंदे गुट पर हमलावर हैं. शिंदे गुट और उनके साथ शामिल होने वाले सभी विधायकों, सांसदों और पदाधिकारियों को गद्दार बताया जा रहा है  शिंदे के विद्रोह के बाद से शिवसेना मुश्किल में है और पार्टी को पार्टी और चुनाव चिह्न को लेकर अदालती लड़ाई का सामना करना पड़ रहा है  इस पृष्ठभूमि में, स्मिता ठाकरे ने एकनाथ शिंदे से मुलाकात कर यह दिखा दिया कि उनके और उद्धव ठाकरे के बीच पारिवारिक संबंध सीमित ही रह गए हैं. कहा तो यह भी जा रहा है कि स्मिता की शिंदे से मुलाकात गुप्त समर्थन देने के लिए आयोजित थी. सवाल उठता है कि जब उद्धव ठाकरे का परिवार राजनीतिक संकट से जूझ रहा है शिंदे से मुलाकात कर स्मिता क्या संदेश देना चाहती हैं.
  • ठाकरे, शिंदे के बीच सुलह का प्रयास

    ठाकरे, शिंदे के बीच सुलह का प्रयास

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क
    मुंबई. महाराष्ट्र में दो धड़ों में विभाजित हो चुकी शिवसेना को फिर से एक करने का प्रयास शुरु हो गया है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की तरफ से सांसदों, जिला प्रमुखों की बुलाई गई बैठक में शिवसेना के दोनों गुटों में समझौते को लेकर चर्चा शुरु हो गई है. शिवसेना सांसदों ने उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ अपने विवाद को सुलझाने की सलाह दी है. हालांकि उद्धव ठाकरे ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
    महाराष्ट्र में शिवसेना के 19 सांसद हैं जिनमें से 12 पाला बदल सकते हैं. भाजपा नेताओं ने दावा किया है कि कम से कम एक दर्जन शिवसेना लोकसभा सांसद उनके संपर्क में हैं. भाजपा के एक केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि महाराष्ट्र में शिवसेना में हुए विभाजन का लोकसभा में भी असर पड़ेगा, क्योंकि कुल 19 में से कम से कम एक दर्जन लोकसभा सदस्य पाला बदलने के लिए तैयार हैं.
       हालांकि इस बीच खबर है कि शिवसेना सांसदों का एक गुट शिंदे और ठाकरे में सुलह कराने के पक्ष में है. भाजपा नेता ने दावा किया कि शिवसेना सांसदों के एक वर्ग ने पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे से कहा है कि वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के
    साथ अपने मतभेद दूर करें.
          बैठक में नहीं पहुंचे तीन सांसद 
    बताया जा रहा है कि बैठक में तीन सांसदों- मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे, ईडी जांच के
    घेरे में आ चुकी भावना गवली और राजन विचारे ने
     बैठक में हिस्सा नहीं लिया. शिवसेना के लोकसभा में 19 सदस्य और राज्यसभा में तीन सदस्य हैं. कल्याण से लोकसभा सदस्य श्रीकांत पहले ही अपने पिता के खेमे से जुड़ चुके हैं, जबकि यवतमाल से सांसद भावना गवली ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर हिंदुत्व के संबंध में बागी नेताओं की शिकायतों पर विचार करने का आग्रह किया था. राजन विचारे लोकसभा में ठाणे सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं.
          नार्वेकर, शिंदे के बीच बातचीत 
      उद्धव ठाकरे के करीबी मिलिंद नार्वेकर विधानसभा में एकनाथ शिंदे के सांसद पुत्र श्रीकांत शिंदे से आधे घंटे चर्चा की थी. सूरत गए बागी विधायकों को मनाने के लिए मिलिंद नार्वेकर को भेजा गया था. इससे पहले भी शिवसेना से अलग होने वाले नेताओं ने मिलिंद नार्वेकर पर आरोप लगाया था. शिंदे नार्वेकर के बीच हुई चर्चा में माना जा रहा है कि वे पुनः ठाकरे के निर्देश पर शिंदे को मनाने की कोशिश कर रहे हैं.
  • ठाकरे परिवार का जिला प्रमुखों और नगरसेवकों से संवाद

    ठाकरे परिवार का जिला प्रमुखों और नगरसेवकों से संवाद

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क
     MahavikasAghadi Crisis: मुंबई. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और युवा सेना नेता आदित्य ठाकरे शिवसेना विधायकों के बगावत के बेहद सतर्कता से कदम उठा रहे हैं. पार्टी को विभाजित होने से बचाने के लिए मुख्यमंत्री शिवसेना के जिला प्रमुखों से बात (Thackeray family’s dialogue with district heads and corporators) किया तो आदित्य ठाकरे महाराष्ट्र के नगरसेवकों को टूटने से बचाने के ऑनलाइन संवाद स्थापित किए.
    बीजेपी ने कई बार धोखा दिया 
     मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि बीजेपी ने हमें बहुत बार धोखा दिया. जो आज बगावत कर रहे हैं वे अपने थे हमें अपनों ने धोखा दिया. जो गए उन्हें जाने दो, हम शिवसेना को फिर से करेंगे.
           मुख्यमंत्री ने सांसदों से की बात 
    वहीं पार्षदों से बात करते हुए  आदित्य ठाकरे ने कहा कि मैंने सोचा कि केवल मुंबई के ही नगरसेवक होंगे, लेकिन फिर मुझे पता चला कि महाराष्ट्र के सभी नगरसेवक मौजूद हैं.आदित्य ने कहा कि  जब विभाजन होता है, तो कोई उत्साह नहीं होता है. हर महीने हम एक साथ बैठकर आम समस्याओं का समाधान करते हैं,अन्य शहरों में पूरे देश ने कोविड काल में किए गए कार्यों को देखा. उन्होंने कहा कि
    फिलहाल मुख्यमंत्री, सांसदों के साथ बैठक कर रहे हैं
    जो विधायक गए हैं, उनमें से 50% वापस आएंगे, कुछ को यह कहकर ले जाया गया है कि वे डिनर पर जाना चाहते हैं.
             लड़ाई के लिए तैयार रहें 
    मुख्यमंत्री ने हमें लड़ाई के लिए तैयार रहने को कहा है. कुछ दिन पहले जब मुख्यमंत्री ने जब यह खुसुर फुसुर सुनी तो उन्होंने उन्हें फोन कर कहा था कि आप चाहें तो मुख्यमंत्री बन जाइए. हमें मुख्यमंत्री पद का कोई लोभ नहीं है. लेकिन कुछ राक्षसी, महत्वाकांक्षी लोगों ने पार्टी को बांटने की कोशिश कर रहे हैं. उनके पास भाजपा में शामिल होने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. शिवसेना की भूमिका प्राण जाए,पर वचन न जाए की है. जैसे-जैसे हम आगे बढ़ेंगे, विद्रोही निकलेंगे और वापस आएंगे. नितिन देशमुख वापस आए, उन्होंने बताया क्या हुआ. अगर कुछ  ​​​साज़िश नहीं थी  तो सूरत, असम में जाकर विद्रोह नहीं करते. हम लड़ना और जीतना जानते हैं.
            सत्ता से विपक्ष में जाने के लिए विद्रोह 
    आदित्य ठाकरे ने कहा कि तुम किसके लिए लड़ रहे हो? आप जानते हैं कि जब हमने पिछले दो विद्रोह देखे जिसमें हम जीते भी. उसके बाद जो दो विद्रोह हुआ, हम,आप जानते हैं कि वे आज कहां हैं. अब हमारी सरकार आई है, हम काम कर रहे हैं काम करना हमारा कर्तव्य है. हम शिवसेना का निर्माण कर रहे हैं, हम हर लड़ाई जीतने के लिए काम करना चाहते हैं, जो हमारे साथ नहीं हैं वे हमारे विरोधी हैं. ये है पार्षदों की ताकत, लेकिन हमने सड़कों पर शिवसैनिकों को देखा,  अब तक विपक्ष से सत्ता में जाने के लिए कई विद्रोह हुए हैं, लेकिन यह देखा गया विद्रोह सत्ता से विपक्ष में जाने के लिए किया जा रहा है.
            प्राइस टैग वाले नहीं चाहिए 
    दिल और दिमाग पर राज करने वाले हमारे मुख्यमंत्री हैं, हम जहां भी गए, लोग उद्धव साहब की तारीफ कर रहे थे. बड़ी बात यह है कि आम लोग राजनीतिक नहीं सभी उद्धव साहब की सराहना करते हैं. जितने भी सर्वे में अध्ययन किया गया, वहां उद्धव साहब हमारे नंबर एक सीएम हैं, वह लोगों के लिए काम करने वाले सीएम हैं. मुख्यमंत्री का ऑपरेशन हुआ हैं, उन्होंने ऐसे समय में बगावत कर दी, लेकिन जो जाना चाहते हैं, वे जाएं. हम ऐसे लोगों को चाहते हैं जो मन की परवाह करें, प्राईस टैग वालों की जरूरत नहीं है.
             भगवा माहौल में चुनाव 
    ईडी, सीबीआई लगाई जाती है लगे हैं, लेकिन संघर्ष हमारे लिए नया नहीं है जब शिव सैनिक कहते हैं,
    आदित्य जी कुछ भी करो माविआ की सरकार देश के लिए जरूरी है.आदित्य ने पूछा कि क्या आप सब साथ हैं?सब साथ रहेंगे तो भगवा माहौल में चुनाव मनाएंगे.
  • सत्ता चाहिए तो मैं साथ आता हूं…. ठाकरे

    सत्ता चाहिए तो मैं साथ आता हूं…. ठाकरे

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने विधानसभा सत्र के आखिरी दिन भाजपा को जम कर लताड़ लगाई. ठाकरे ने कहा कि तुम्हे सत्ता चाहिए, तो मैं साथ में आता हूं. मैं सबके सामने कहता हूं कि मैं तुम्हारे साथ आता हूं, लेकिन तुमने परिवार की बदनामी की है. क्या हमने आपके परिवार को बदनाम किया? मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बीजेपी से कहा- अगर तुम्हारी जान इतनी जल रही है तो मुझे जेल में डाल दो, मर्द हो तो मर्द की तरह लड़ो. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज विधानसभा में अपने भाषण के  दौरान भाजपा लताड़ा.

    सुबह की सत्ता मिलती तो ये गोद में होते

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब भ्रष्ट हैं, दाऊद के आदमी हैं, सुबह की सत्ता का प्रयास सफल होता तो यही नवाब मलिक और अनिल देशमुख आपकी गोद में नहीं बैठे होते? सत्ता नहीं मिली तो आप हमारे परिवार को बदनाम कर रहे हैं जो कि निंदनीय है. मर्द हो तो मर्द की तरह सामने लड़ो सत्ता का दुरुपयोग कर सामने आते हो. ठाकरे ने कहा कि शिखंडी में लड़ने की ताकत नहीं थी, उसे आगे कर युद्ध लड़ा गया. लेकिन यहां तो पता ही नहीं चल रहा है कि कौन शिखंडी है और मर्द कौन. कौन किसे आगे कर लड़ रहा है. हिम्मत है तो आमने- सामने लड़ो, कायरों की तरह क्यों लड़ते हो.

    पेन ड्राइव जमा करने की जरुरत नहीं

    उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह महाराष्ट्र है. धृतराष्ट्र नहीं. मैं इसलिए यह बोल रहा हूं क्योंकि मुझे डर नहीं लगता है. इससे कुछ नहीं होगा. यह अवसर है, अवसर को स्वर्ण बनाने का. कोई सुझाव हो तो बताएं, कोई दोषी हो तो बताएं, हम कार्रवाई करेंगे. लेकिन आप सत्ता चाहते हैं, इसलिए आप परिवार पर दबाव नहीं डाल सकते, जमानत नहीं दिलाना चाहते.  तुम्हें केवल सत्ता चाहिए. मैं आपको बता दूं, सबके सामने कहता हूं आपके साथ हूं.पेन ड्राइव जमा न करें, आपको पेन ड्राइव की जरूरत नहीं है. आपका मुझसे कोई विवाद है तो मुझे जेल में डाल दो. अगर हमने किसी के परिवार को बदनाम किया है, तो मुझे जेल में डाल दो. खुलासे करने से कोई फायदा नहीं है. अगर इतनी जान जल रही हैं तो मुझे जेल में डाल दो, मैं तैयार हूं,

    मुख्यमंत्री के पास नकली बम : फडणवीस   

    मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के भाषण का विधानसभा में  जवाब देते हुए  देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मेैँने जितने भी मुद्दे उठाए उनमें से किसी का भी जवाब नहीं दिया गया. रानीबाग घोटाला,साल्ट लैंड पर पार्क बनाने का मामला, कोविड में खरीदारी का घोटाला जैसे एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया. सिर्फ नकली बम चला रहे हैं. इस समय रुस और यूक्रेन में लडाई चल रही है. यूक्रेन के राष्ट्रपति नाटो से मदद मांग रहे हैं.  जेलेंस्की को नाटो से मदद मांगने की जगह  हमारे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मदद मांगनी चाहिए थी. हमारे मुख्यमंत्री के पास ऐसा हथियार है जो सभी हथियारों पर भारी है वह है नकली बम. फडणवीस ने कहा कि कभी कभी सरकार चलाने के लिए उन चीजों को समर्थन देना पड़ता है जाे दिमाग में नहीं होता है. फडणवीस ने कहा कि हमारे एक भी सवालों का जवाब नहीं मिलने के कारण हम विधानसभा का बहिष्कार  करते हैँ. 

  • ठाकरे तक पहुंची ईडी की आंच,साले की संपत्ति जब्त

    ठाकरे तक पहुंची ईडी की आंच,साले की संपत्ति जब्त

    आईएनएस न्यूज नेटवर्कमुं

    मुंबई.महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साले श्रीधर पाटणकर (Shree dhar patankar) से जुड़े पुष्पक ग्रुफ पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) मनी लांड्रिंग में कार्रवाई करते हुए 6.45 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त कर लिया है. ईडी ने ठाणे स्थित अपार्टमेंट के 11 फ्लैट्स सील कर दिए हैं.ईडी की यह जांच अब मुख्यमंत्री तक पहुंचने लगी है.

    ईडी अधिकारी ने कहा कि श्री साईबाबा गृहनिर्मिती प्राइवेट लिमिटेड के ठाणे स्थित नीलांबरी परियोजना में 11 आवासीय फ्लैटों को कुर्क करने के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक अस्थायी आदेश जारी किया है.पाटणकर ठाकरे की पत्नी रश्मि के भाई हैं जो कि साईबाबा गृहनिर्मिती प्राइवेट लिमिटेड के मालिक है. ईडी की कार्रवाई के बाद महाराष्ट्र सरकार ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईडी के अधिकारी को जांच के लिए समन भेजा है. महाराष्ट्र में केंद्र और राज्य सरकार की जांच एजेंसियां एक दूसरे के आमने- सामने आ गई हैं.

    बंगाल झुकेगा, न महाराष्ट्र टूटेगा.

    ईडी की कार्रवाई को लेकर शिवसेना और एनसीपी ने केंद्र पर भड़क गए हैं. शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि श्रीधर माधव पाटणकर हमारे परिवार के सदस्य हैं, उनका रिश्ता महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे तक सीमित नहीं है. ईडी उन राज्यों में कार्रवाई कर रही है जहां बीजेपी सत्ता में नहीं है. राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में मविआ के नेताओं और प.बंगाल में ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को भी परेशान किया जा रहा है. लेकिन न बंगाल झुकेगा, न महाराष्ट्र टूटेगा.

    राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कहा, ”राजनीतिक हितों के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है. कुछ साल पहले तक ज्यादातर लोग ईडी के बारे में नहीं जानते थे, लेकिन आज इसका इतना दुरुपयोग हो रहा है कि गांवों के लोग भी इसके बारे में जानने लगे हैं.

    क्राइम ब्रांच ने भेजा ईडी अधिकारी को समन

    राज्य में महाविकास अघाड़ी सरकार के आने के बाद से ही राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच मुक़ाबला चल रहा है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने महाविकास अघाड़ी के कई नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की है. पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और अल्पसंख्यक मंत्री नवाब मलिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. अब तक बयानबाजी कर रहे शिवसेना नेताओं ने भी जवाबी कार्रवाई शुरु कर दी है. शिवसेना सांसद संजय राउत ने शिवसेना भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और ईडी अधिकारी जितेंद्र नवलानी पर फिरौती लेने के लिए विभिन्न लोगों के साथ काम करने का आरोप लगाया था. संजय राउत ने तब आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराई थी. सूत्रों ने बताया कि मुंबई क्राइम ब्रांच ने अब मामले की जांच के लिए जितेंद्र नवलानी को तलब किया है.

     सूत्रों ने बताया कि आर्थिक अपराध शाखा ने शिकायत पर संज्ञान लिया है और नवलानी को पूछताछ के लिए पेश होने के लिए समन जारी किया है. राउत ने आरोप लगाया था कि 2015 से 2020 के बीच करीब 70 फर्मों ने जितेंद्र नवलानी के नाम से पंजीकृत कंपनियों में 59 करोड़ रुपये जमा किए हैं.इसके अलावा नवलानी को 100 करोड़ रुपये नकद का भुगतान किया गया है.