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  • पत्रा चाल मामले में संजय राउत को नोटिस, ईडी ने कल पेश होने को कहा

    पत्रा चाल मामले में संजय राउत को नोटिस, ईडी ने कल पेश होने को कहा

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क
    मुंबई. महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों में कई भूकंप आए हैं. एकनाथ शिंदे और उनके कुछ समर्थक विधायकों ने बगावत कर दी है. इस बीच ईडी ने संजय राउत को नोटिस भेज कर कल (Notice to Sanjay Raut in Patra Chaal case, ED asked to appear tomorrow) दफ्तर में पेश होने के लिए कहा है.
    शिवसेना सांसद और प्रवक्ता बागी विधायकों को लगातार धमकी दे रहे हैं. कल एक भाषण में संजय राउत ने कहा कि गुवाहाटी गए 40 विधायकों की आत्मा मर गई है. वे यहां जिंदा लाश की तरह आएंगे जहां उनको फूंक दिया जाएगा. आज संजय राउत को  ईडी ने एक बार फिर पूछताछ के लिए तलब किया है.
     हसन मुश्रिफ से लेकर अनिल परब तक बीजेपी के किरीट सोमैया लगातार भ्रष्टाचार के मामले में घेर रहे हैं. भाजपा या केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ महाविकास आघाड़ी की तरफ से संजय राउत हमेशा चर्चा में रहते हैं. ईडी ने हाल ही में अलीबाग और दादर में संजय राउत की संपत्तियों को जब्त कर लिया था. इससे पहले ईडी ने शिवसेना ठाणे विधायक प्रताप सरनाइक की संपत्ति को जब्त कर लिया था.
    क्या है पात्रा चाल मामला
     संजय राउत के खासमखास रहे प्रवीण राउत की  बड़ी संलिप्तता रही है. कुछ दिन पहले ईडी ने प्रवीण राउत को गिरफ्तार किया था. प्रवीण राउत सफाले में एक रियल एस्टेट व्यवसाय के मालिक हैं. 2007 में एचडीआईएल के एक भागीदार, गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने पत्रा चाल के पुनर्विकास के लिए म्हाडा के साथ एक समझौता किया था.यहां कुल 3000 फ्लैट बनने थे, जिसमें से 672 फ्लैट पात्रा चाल के निवासियों को सौंपे जाने थे, बाकी फ्लैट गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन कंपनी के पास रहने थे. लेकिन प्रवीण राउत से गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन कंपनी गोरेगांव के सिद्धार्थ नगर इलाके में पत्रा चाल में घोटाले की साजिश की थी. गुरु आशीष कुछ वर्ष पहले पत्रा चाल पुनर्विकास करना चाहते थे  ह यह लेन-देन चाल के लोगों की अनुमति के बिना किया गया था. बाद में पूरे प्लॉट को दूसरे बिल्डरों को 1,034 करोड़ रुपए में बेच दिया गया.
       नहीं जाऊंगा ईडी कार्यालय
    ईडी की नोटिस पर संजय राउत ने कहा कि वे कल ईडी कार्यालय नहीं जाएंगे. कल अलीबाग में उनकी रैली पहले से तय है. संजय राउत ने कहा कि इससे पहले शिवसेना के खिलाफ इतनी बड़ी साज़िश नहीं रची गई. उन्होंने कहा कि ईडी चाहे तो उन्हें गिरफ्तार कर ले लेकिन मैं शिवसेना के लिए काम करता रहूंगा. उन्होंने कहा कि कितना भी दबाव बना लें मैं गुवाहाटी नहीं जाऊंगा.
  • कोर्ट कमिश्नर ने पेश की ज्ञानवापी की रिपोर्ट

    कोर्ट कमिश्नर ने पेश की ज्ञानवापी की रिपोर्ट

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क
     वाराणसी. वाराणसी कोर्ट की तरफ से नियुक्त किए गए कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह ( Court commissioner Vishal Singh presented the report of Gyanvapi) ने ज्ञानवापी सर्वेक्षण की रिपोर्ट आज कोर्ट को सौंप दी. एक दिन पहले पूर्व कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्र (Ajay Mishra) ने भी अपनी रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी थी. विशाल सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. रिपोर्ट तैयार करने के तीन दिन से सोया नहीं हूं. विशाल सिंह ने कहा कि उन्होंने तथ्यता: अपनी रिपोर्ट सौंपी है। इसमें कोई पक्षपात नहीं किया गया है.
    70 पन्नों की सौंपी रिपोर्ट
    ज्ञानवापी मस्जिद और सिंगार गोरी मंदिर मामले में कोर्ट ने सर्वे के लिए तीन सदस्यीय कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया था. रिपोर्ट लीक होने के बाद कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा को हटा दिया गया था. विशाल सिंह ने कहा कि जिला अदालत के जज रवि दिवाकर की अदालत में 70 पेज की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंप दी है.
    दो दिन तक मुख्य कोर्ट कमिश्नर रहे अजय मिश्रा ने कल शाम अपनी रिपोर्ट कोर्ट में सौंपी थी. बताया जा रहा है कि उन्होंने केवल दो पन्ने में अपनी रिपोर्ट दी है.
    ज्ञानवापी में सर्वे के दौरान की गई वीडियोग्राफी और फोटो को कोर्ट की ट्रेजरी में पहले ही जमा किया जा चुका है.
    पहले कोर्ट ने अकेले अजय मिश्रा को सर्वे करने की ज़िम्मेदारी दी थी.  जज रवि दिवाकर ने सबसे पहले उन्हें ही कमिश्नर बनाया था. अजय मिश्रा ने दो दिन 6 और 7 मई को अकेले सर्वे की कार्यवाही की थी. बाद में मुस्लिम पक्ष की आपत्ति के बाद कोर्ट ने अजय मिश्रा के साथ विशाल सिंह और अजय प्रताप सिंह को नियुक्त कर सर्वे रिपोर्ट 17 मई को दाखिल करने के आदेश दिए थे. हिंदू पक्ष ने याचिका दायर कर कोर्ट से मांग की थी कि अजय मिश्रा को उनकी रिपोर्ट सौंपने की अनुमति दी जाए. जिसके बाद कोर्ट की अनुमति से अजय मिश्रा की भी रिपोर्ट अदालत में जमा कर दी गई है. इस मामले में अब कोर्ट को अपना निर्णय सुनाना है.
     सुप्रीम कोर्ट में भी आज सुनवाई
    ज्ञानवापी मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई की जाएगी. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. कोर्ट ने आदेश दिया था कि जिस स्थान पर शिवलिंग मिला है उसे सील कर सुरक्षित किया जाए. लेकिन नमाज पढ़ने से किसी को रोका न पहुंचे जाए. कोर्ट ने वाराणसी जिला अदालत की कार्रवाई में भी हस्तक्षेप की मांग पर कहा था कि उनकी कार्यवाही हो जिने दीजिए ,अभी हस्तक्षेप करना ठीक नहीं है.