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  • महारेरा का बड़ा फैसला, पांच वर्ष की सभी प्रोजेक्टस की होगी समीक्षा

    महारेरा का बड़ा फैसला, पांच वर्ष की सभी प्रोजेक्टस की होगी समीक्षा

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई. महारेरा  ( Maharera’s big decision, all projects will be reviewed for five years) ने पिछले पांच वर्षों में रजिस्टर्ड किए गए प्रोजेक्टस की समीक्षा करने का निर्णय लिया है. महारेरा के इस निर्णय से बिल्डरों की टेंशन बढ़ सकती है.

    महारेरा की निगरानी प्रणाली को सक्षम करने के हिस्से के रूप में, महारेरा की स्थापना के बाद 2017 से पंजीकृत परियोजनाओं की समीक्षा शुरू कर दी है. रेरा अधिनियम की धारा 11 के अनुसार महारेरा में किसी भी आवास परियोजना का पंजीकरण कराने के बाद परियोजना प्रमोटर को पंजीकरण के समय दी गई जानकारी का अध्ययन महारेरा की वेबसाइट पर हर 3 महीने में करना होता है. ग्राहक के लिए समय-समय पर परियोजना की स्थिति जानना आवश्यक है.

    कारण बताओ नोटिस भेज रहा महारेरा 

    प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिकांश परियोजनाओं ने पंजीकरण के बाद से महारेरा में जानकारी दर्ज नहीं की है. इसलिए, महारेरा ने  ऐसी सभी परियोजनाओं को कारण बताओ नोटिस भेजना शुरू कर दिया है. कुल करीब 18 हजार परियोजनाओं में से 2 हजार परियोजनाओं को ऐसे नोटिस भेजे जा चुके हैं और सभी को एक महीने के भीतर नोटिस भेज दिया जाएगा.

    कुल प्रोजेक्ट कास्ट का लगेगा 30 प्रतिशत जुर्माना 

       महारेरा अधिकारी ने बताया कि पंजीकरण के दौरान इन परियोजनाओं द्वारा प्रदान किए गए पंजीकृत ई-मेल पते पर नोटिस भेजा जा रहा है. इन सभी प्रमोटरों को कमियों को दूर करने के लिए नोटिस की तारीख से 30 दिनों का समय दिया गया है. फिर भी, जिन लोगों को प्रतिक्रिया, त्रुटियों का सुधार प्राप्त नहीं होता है, वे महारेरा द्वारा दंडात्मक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होंगे. साथ ही, प्रमोटरों को अपनी राशि के 30% से जुर्माना भरना होगा.

    प्रोजेक्ट का 70 प्रतिशत राशि खाते रखना आवश्यक 

        रेरा अधिनियम के अनुसार, प्रमोटर को रेरा पंजीकरण संख्या के अनुसार एक अलग खाता खोलकर ग्राहकों से प्राप्त धन का 70 प्रतिशत रखना आवश्यक है. निर्माण के प्रत्येक चरण में यह पैसा निकालते समय क्रमशः प्रोजेक्ट इंजीनियर, आर्किटेक्ट और चार्टर्ड अकाउंटेंट से प्रोजेक्ट पूरा होने का प्रतिशत, गुणवत्ता, अप्राप्त लागत का प्रमाण पत्र बैंक को जमा करना होगा. प्रोजेक्ट में कितने फ्लैट व प्लॉट बिके इसकी त्रैमासिक सूची वेबसाइट पर डालना अनिवार्य है.

    हर 6 महीने में प्रोजेक्ट एकाउंट का ऑडिट अनिवार्य 

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर छह महीने में परियोजना खाते का ऑडिट करना अनिवार्य है और प्रत्येक वर्ष की समाप्ति के छह महीने बाद एक वैधानिक ऑडिट जमा करना अनिवार्य है, जिसमें यह प्रमाणित किया गया हो कि इस खाते से निकाली गई राशि परियोजना के पूरा होने के अनुपात में निकाली गई है ,और परियोजना पर ही खर्च की गई है.

    एक बार मिलेगी रियायत 

     इन सभी प्रमोटरों को 2017-18 से 2021-22 तक पांच साल की अवधि के लिए जानकारी जमा करनी होगी. यह मानते हुए कि अंतरिम कोविड संकट के कारण इस सूचना को अद्यतन करने में रुकावट आ सकती है, प्रत्येक वर्ष के अंत में 5 वर्ष की जानकारी एक ही रूप में प्रदान करने के लिए एक बार रियायत दी गई है. जो उन्हें एक महीने के भीतर करने की उम्मीद है, लेकिन वर्ष 2022-23 के लिए केवल त्रैमासिक प्रपत्र की आवश्यकता है.

  • 12वीं के छात्रों को अतिरिक्त अंक नहीं, छात्रों की बढ़ी टेंशन

    12वीं के छात्रों को अतिरिक्त अंक नहीं, छात्रों की बढ़ी टेंशन

     

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई. महाराष्ट्र राज्य शिक्षा बोर्ड ने राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक (कक्षा 10वीं और 12 वीं) बोर्ड (HSC Exam 2023) परीक्षा की अंतिम समय सारिणी घोषित कर दी थी. छात्रों की परीक्षा 21 फरवरी से 21 मार्च 2023 तक होगी. लेकिन अब एचएससी परीक्षा देने जा रहे हजारों बच्चों की टेंशन बढ़ाने वाले खबर सामने आई है.(Maharashtra  No extra marks for 12th students, increased tension of students)

    अभ्यास परीक्षा देना हुआ अनिवार्य

    दरअसल राज्य शिक्षा बोर्ड ने फैसला किया है कि 12वीं कक्षा के छात्रों को मिल रहे आंतरिक अंक अब नहीं मिलेंगे जब तक कि मुंबई वे अभ्यास परीक्षा नहीं देते. लिहाजा अब 12वीं कक्षा के छात्रों को अभ्यास परीक्षा देना अनिवार्य होगा. परीक्षा के भय को दूर करने, मुख्य परीक्षा में आत्मविश्वास जगाने और लेखन अभ्यास बढ़ाने के लिए मंडल शिक्षा बोर्ड ने इन छात्रों के लिए अभ्यास परीक्षा अनिवार्य कर दी है.अभ्यास परीक्षा के बाद ही छात्रों को आंतरिक रूप से अंक दिए जाएंगे.

    कोरोना काल में छात्रों के लिए एक बड़ी राहत

    वर्तमान में 12वीं की परीक्षा दे रहे छात्र कोरोना काल से हैं. 2021 में कोरोना काल में इन छात्रों की दसवीं कक्षा में होते हुए भी मुख्य परीक्षा नहीं हुई थी. शिक्षा बोर्ड ने पाठ्यक्रम में 25 प्रतिशत की कमी कर विषयवार पाठ्यक्रम दिया है. लेकिन छात्रों के पसीने छूट रहे हैं क्योंकि मुख्य बोर्ड परीक्षा से पहले कोई अभ्यास परीक्षा नहीं है. अतः परीक्षा के भय को दूर कर उनमें आत्मविश्वास जगाने तथा लेखन अभ्यास को बढ़ाने के उद्देश्य से संभागीय शिक्षा बोर्ड ने इन छात्रों के लिए अभ्यास परीक्षा अनिवार्य कर दी है.

    छात्रों को मिलेगा अभ्यास परीक्षा का लाभ

    इस अभ्यास परीक्षा के माध्यम से छात्रों को बहुत लाभ मिलेगा क्योंकि उन्हें आंतरिक अंक प्राप्त होंगे. इस संबंध में निर्णय संभागीय शिक्षा बोर्ड द्वारा संभाजीनगर क्षेत्राधिकार के सभी पांच जिलों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है. अभ्यास परीक्षा के मूल्यांकन के आधार पर वार्षिक परीक्षा के लिए आंतरिक परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है. इन अभ्यास परीक्षाओं को संभाजीनगर और आसपास के क्षेत्र से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. 58 हजार छात्रों में से 56 हजार 700 छात्र अभ्यास परीक्षा दे रहे हैं.

     

  • कल्याण तलोजा मेट्रो के लिए 5800 करोड़ का टेंडर

    कल्याण तलोजा मेट्रो के लिए 5800 करोड़ का टेंडर

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई, 20.75 किमी लंबी कल्याण तलोजा मेट्रो -12 के 17 स्टेशनों के निर्माण, मेट्रो कारशेड और विद्युतीकरण के लिए एमएमआरडीए (MMRDA) ने 5865 करोड़ रुपए

    का टेंडर जारी किया है. मेट्रो स्टेशनों के निर्माण के साथ बहु प्रतिक्षित मेट्रो परियोजना के काम में तेजी आएगी. (5800 crore tender for Kalyan  Taloja Metro)

    मेट्रो के इन कार्यों के निर्माण की इच्छुक कंपनियों को 2 फरवरी तक टेंडर जारी करने की मोहलत दी गई है. 7 फरवरी को टेंडर खोला जाएगा. कल्याण तलोजा मेट्रो के कारण कल्याण डोंबिवली , ठाणे, नवी मुंबई , पनवेल शहरों के निवासियों को आवागमन अधिक सुविधाजनक हो जाएगा.

    यहां बनेंगे स्टेशन 

    मेट्रो -12 रुट पर गणेशनगर, पिसवलीगाव, गोलवली, डोंबिवली एमआईडीसी, सागाव, सोनारपाडा, मानपाड़ा,, हेदुटणे, कोलेगाव यह नौ स्टेशन शामिल हैं. इन स्टेशनों के दोनों तरफ प्लेटफॉर्म सहित स्टेशन हॉल का निर्माण किया जाएगा. इसके अलावा निलजेगाव, बाले, वाकलण, तुर्भे, पिसावे डिपो पर अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म सहित एक तरफ प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा.

    आपस में जुड़ेंगे मेट्रो रूट 

    ठाणे – भिवंडी – कल्याण मेट्रो के साथ कांजूरमार्ग – बदलापुर, कल्याण – तलोजा मेट्रो एक दूसरे से जुड़े रहेंगे. गायमुख से मीरा रोड और कल्याण से तलोजा मेट्रो के लिए सलाहकार की नियुक्ति की गई है. निलजे के पास एमएमआरडीए ग्रोथ सेंटर का भी निर्माण करेगा. शील फाटा परिसर  में लोढ़ा ,रुनवाल जैसे निजी बिल्डर टाउनशिप बनाने वाले हैं. एमएमआरडीए अधिकारी ने बताया कि मेट्रो 12 का कारशेड पिसावे में रहेगा. यहां बनने वाले कारशेड के एमएमआरडीए भूमि अधिग्रहण करने वाला है.

  • महानगरपालिकाओं में मनोनीत नगरसेवकों की संख्या बढ़ी

    महानगरपालिकाओं में मनोनीत नगरसेवकों की संख्या बढ़ी

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई. राज्य कैबिनेट (States Cabinet Dicision to increased number of nominated corporators) ने आज  नगर पालिकाओं के कामकाज में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आज हुई बैठक में मनोनीत सदस्यों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया. बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की.

    सैद्धांतिक रूप से मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 5(1)(बी) में संशोधन करने के कारण मुंबई मनपा में मनोनीत सदस्यों की संख्या 5 से बढ़कर 10 हो जाएगी.  महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा 5(2)(बी) के में किए गए संशोधन के अनुसार किसी भी नगरपालिका में मनोनीत सदस्यों की संख्या दस प्रतिशत या दस से अधिक नहीं होगी.  राज्य सरकार इस संबंध में महाराष्ट्र के महाधिवक्ता की सलाह लेने का निर्णय लिया है.

     

    बॉम्बे नगर निगम अधिनियम, 1888 की धारा 5(1)(बी) और महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम, 1949 की धारा 5(2)(बी) नामित किए जाने वाले नगरपालिका सदस्यों की संख्या निर्धारित करती है. वर्तमान में मनोनीत किए जाने वाले नगर निगम सदस्यों की संख्या पांच है. सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार नागरिक प्रशासन का अनुभव, दक्षता और ज्ञान रखने वाले और निर्धारित योग्यता रखने वाले व्यक्तियों को राज्य में शहरी प्रशासन की सहायता के लिए मनोनीत सदस्यों के रूप में चुना जाता है. मनोनीत सदस्यों की संख्या में वृद्धि करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि मनोनीत सदस्यों के ज्ञान का उपयोग करके नगर निगमों के कामकाज को गुणात्मक रूप से बढ़ाया जा सके.

     

  • वडाला में 55 अवैध झोपड़ों पर चला बुलडोजर

    वडाला में 55 अवैध झोपड़ों पर चला बुलडोजर

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई. वडाला Wadala East 55 illigal slum bulldozed by BMC) पूर्व के शांतिनगर में मदीना मस्जिद के पास  अवैध रूप से बनाए गए 55 झोपड़े पर बुलडोजर चला कर जमींदोज़ कर दिया गया. यह झोपड़े कलेक्टर की जमीन पर बनाए गए थे. मंगलवार सुबह मुंबई सिटी कलेक्ट्रेट के अधिकारी वडाला टीटी पुलिस के प्रोटेक्शन के साथ शांतिनगर में अवैध रूप से बनाए गए झोपड़ों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जिसका झोपड़ा धारकों ने विरोध किया.

    कलेक्ट्रेट के अधिकारी ने बताया कि कोरोना काल में अवैध रूप से झोपड़ों का निर्माण कर लिया गया था. हमने झोपड़ों को तोड़ने के पहले भी मुंबई महानगरपालिका और पुलिस से सहयोग करने के पत्र दिया था. लेकिन मंगलवार को बीएमसी एफ उत्तर विभाग और पुलिस का सहयोग प्राप्त होने के बाद झोपड़ों को तोड़ कर की एकड़ भूमि मुक्त करा ली गई.

    इस तोड़क कार्रवाई में महानगरपालिका के तीन बुलडोजर, डंपर और 20 से अधिक लेबर लगाए गए थे. झोपड़ों को तोड़ने का विरोध कर रहे नागरिकों को पुलिस ने फटकार कर वहां से भगा दिया. मदीना मस्जिद के पास बड़े-बड़े गालों का अवैध रूप से निर्माण किया गया था जिसमें गैरेज, दुकान, और जिम आदि खोले गए थे. कुल 55 झोपड़ों को तोड़ा गया. एक झोपड़े में जिम खोला गया था उसे सामान निकालने के एक महीने का समय दिया गया है.

  • 19 जनवरी को मुंबई में पीएम का आगमन, हजारों करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे भूमिपूजन

    19 जनवरी को मुंबई में पीएम का आगमन, हजारों करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे भूमिपूजन

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi)  19 जनवरी को मुंबई आ रहे हैं. पीएम के हाथों मुंबई में हजारों करोड़ की परियोजना का भूमिपूजन किया जाएगा.  प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री दहिसर से तक चलने वाली मेट्रो 2ए और 7 तथा नवी मुंबई के सेंट्रल पार्क और बेलापुर स्टेशनों के बीच मेट्रो का लोकार्पण पीएम करेंगे. 5.96 किमी लंबी नवी मुंबई की पहली मेट्रो के एक हिस्से के उद्घाटन की जोरदार तैयारी सिडको के माध्यम से हो रही है. उसी दिन शाम 7 बजे प्रधानमंत्री की बांद्रा बीकेसी एमएमआरडीए ग्राउंड में सभा रखी गई है. जिसे वे संबोधित करेंगे.

    गौरतलब हो कि एमएमआरडीए द्वारा निर्मित मुंबई मेट्रो की 2ए और 7 लाइनों के बचे हुए हिस्से को भी उसी दिन प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में हरी झंडी दिखाए जाने की संभावना है.

    इन परियोजनाओं का पीएम रखेंगे आधारशिला

    इसके अलावा मुंबई मनपा के 7 सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, तीन अस्पताल इमारतों, ठाणे में कैंसर अस्पताल का भूमिपूजन भी प्रधानमंत्री के हाथों किया जाएगा. बीएमसी में 6000 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण की जा रही सड़कों का भी शुभारंभ प्रधानमंत्री के हाथों किया जाएगा. मुंबई मनपा चुनाव के संबंध में राज्य सरकार की तरफ से जोरदार तैयारी की जा रही है. संभावना है कि कोर्ट का फैसला आते ही चुनाव की घोषणा की जा सकती है. उसी को लेकर मुंबई एवं उपनगरों में कई परियोजनाओं का लोकार्पण और कई का भूमिपूजन किया जा रहा है.

    केंद्र सरकार देश भर के रेहडी और फेरीवालों को ब्याज मुक्त 10 हजार रुपए उपलब्ध करा रही है. मुंबई मनपा ने अब तक 1 लाख 10 हजार फेरीवालों को अप्रूवल दिया है. जिसे बैंक ने मंजूरी दी है. प्रधानमंत्री के हाथों फेरीवालों को 10 हजार रुपए देने की पीएम स्वनिधी योजना की भी शुरुआत की जाएगी.

  • सुप्रीम कोर्ट में टली शिवसेना की सुनवाई, 14 फरवरी मिली नई तारीख

    सुप्रीम कोर्ट में टली शिवसेना की सुनवाई, 14 फरवरी मिली नई तारीख

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Suprime Court) में चल रहे महाराष्ट्र सत्ता संघर्ष (Maharashtra Shivsena ) की आज होने वाली सुनवाई टल गई है. इस मामले की सुनवाई अब 14 फरवरी को होगी. शिवसेना उद्धव गुट ने मामले की सुनवाई 7 बेंच के जस्टिस के सामने करने की मांग रखी है.( Shiv Sena’s hearing postponed in Supreme Court, February 14 got new date)

    महाराष्ट्र में बीजेपी की मदद से एकनाथ शिंदे ने शिवसेना से बगावत कर दी थी. जिसके बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास आघाड़ी सरकार गिर गई.

    नई सरकार के गठन, 16 विधायकों की अयोग्यता पर विवाद, विधानसभा उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव जैसी विभिन्न याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त सुनवाई हुई. 1 नवंबर को जब मामलों की सुनवाई हुई, तो जस्टिस ने दोनों समूहों को दस्तावेज पेश करने का आदेश दिया था. इस मामले की सुनवाई 29 नवंबर को होने वाली थी. पांच जजों में से उस वक्त जस्टिस कृष्ण मुरारी उपलब्ध नहीं थे. इसलिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में देरी हुई.

    सुप्रीम कोर्ट ने 10 जनवरी 2023 की तारीख दी थी. लेकिन शिवसेना की तरफ से 7 जजों की बेंच के समक्ष सुनवाई की मांग की गई. इस मामले की सुनवाई अब 14 फरवरी को होगी. यह भी स्पष्ट किया गया कि सुनवाई प्रधान न्यायाधीश धनंजय चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष होगी.

    आने वाले समय में  धनुष बाण चुनाव चिन्ह का असली हकदार कौन है, इस विवाद पर आगामी सप्ताह में सुनवाई होगी. बालासाहेब की शिवसेना और शिवसेना यूबीटी ने प्राथमिक सदस्यों की सूची सुप्रीम कोर्ट में पेश की है. इन दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी.

    शिवसेना यूबीटी ने 1.5 लाख से अधिक प्राथमिक सदस्यों के पत्र  और लगभग तीन लाख शपथ पत्र केंद्रीय चुनाव आयोग को सौंपे गए हैं.  बालासाहेब की शिवसेना की तरफ से 7 लाख सदस्यों के नाम केंद्रीय चुनाव आयोग को दिए गए हैं. ठाकरे समूह में शिंदे समूह से दोगुने सदस्य हैं, इसलिए उनकी पार्टी भारी मानी जाती है.

    ठाकरे गुट की तरफ से अयोग्य घोषित किए गए 16 विधायकों के मामले में, 21 जुलाई को शिंदे समूह द्वारा विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सुनवाई हुई.  इस सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एन. वी जस्टिस रमन, जस्टिस कृष्ण मुरारी और हिमा कोहली की तीन-न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने शिवसेना के लिए और वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने शिंदे समूह के लिए तर्क दिया.,बेंच ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद स्थिति जस की तस रखते हुए सुनवाई 10 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी.यह सुनवाई एक बार फिर टल गई है.

    चुनाव आयोग ने शिवसेना के दोनों गुटों को अलग नाम और चुनाव चिन्ह दिया था. लेकिन अलग नाम और चुनाव चिन्ह केवल अंधेरी उप चुनाव के लिए था. इसलिए शिवसेना पार्टी किसकी, चुनाव चिन्ह धनुष बाण किसकी इसका फैसला सुप्रीम में किया जाएगा. इस मामले में शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता सांसद संजय राऊत ने कहा कि 14 फरवरी से मामले की लगातार सुनवाई होगी. हमें पूरा विश्वास है कि न्याय मिलेगा.

     

     

  • कापड़िया नगर में मोटरसाइकिल सवार ने की मनपा ठेकेदार पर फायरिंग

    कापड़िया नगर में मोटरसाइकिल सवार ने की मनपा ठेकेदार पर फायरिंग

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई.  कुर्ला के कापड़िया नगर में सोमवार रात 8.30 बजे  दो बाइक सवारों ने ठेकेदार पर गोली चला कर फरार हो गए.(Firing on BMC contractor in Kapadia Nagar)  इस गोलीबारी की घटना के बाद दहशत मच गई. मुंबई पुलिस ने गोलीबारी की पुष्टि करते हुए कहा कि बीएमसी के एक ठेकेदार की कार पर गोलीबारी की गई है.  एक अधिकारी ने कहा कि गोली कार के चालक की तरफ के दरवाजे पर लगी. कार में सवार ठेकेदार को कोई चोट नहीं आई. यह घटना कपाड़िया नगर गेट पर हुई है.

    पुलिस ने कहा कि दो अज्ञात लोगों ने उपनगरीय कुर्ला में सोमवार रात मुंबई महानगरपालिका के एक ठेकेदार की कार पर गोलीबारी की. एक अधिकारी ने बताया कि गोली कार के चालक की तरफ वाले दरवाजे पर लगी= कार में सवार ठेकेदार बाल-बाल बच गया.

    पुलिस ने बताया कि घटना के बाद दोनों मौके से फरार हो गए. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि ठेकेदार और कार को कुर्ला पुलिस  (Kurla police station) थाने ले जाया गया. पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने का प्रयास कर रही है. अधिकारी ने कहा कि पुलिस इस घटना के पीछे के लोगों का पता लगाने के लिए चश्मदीद गवाहों की भी तलाश कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की जा रही है.

  • अविघ्न हाऊस में हादसा, लिफ्ट ट्रॉली गिरने से दो मजदूरों की मौत

    अविघ्न हाऊस में हादसा, लिफ्ट ट्रॉली गिरने से दो मजदूरों की मौत

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई. मुंबई में बनाए गए अविघ्न बिल्डिंग में लगातार हादसे हो रहे हैं. लोग तो कहने लगे हैं कि अविघ्न में विघ्न का बसेरा हो गया है. (Accident in Avighna Tower, two laborers died due to fall of lift trolley)  पहले दो बार आग लगी अब लिफ्ट गिर गई जिसमें दो लोग बुरी तरह घायल हो गए हैं.  हादसे की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड, पुलिस मौके पर पहुंच कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया.

    यह हादसा वर्ली के बी जी खेर मार्ग प्रेम नगर स्थित निर्माणाधीन 15 मंजिला अविघ्न हाऊस में हुआ. आज शाम 4.33 बजे लिफ्ट ट्रॉली गिर गई. जिसमें दो लोग बुरी तरह घायल हो गए. घायलों को नायर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

    फायर ब्रिगेड अधिकारी ने बताया दो लोग इमारत में लगे कांच साफ कर रहे थे, इस दौरान लिफ्ट का वायर टूट जाने से दोनों मजदूर लिफ्ट ट्रॉली सहित नीचे गिर गए. दोनों को नायर अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने भर्ती करने से पहले मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने अविघ्न हाऊस में लिफ्ट ट्राली गिरने से होने वाली दो मजदूरों के नाम नूर आलम (35) और जमील अहमद (25) बताया है.

    Avighna house lift trolley Collapse
    Avighna house lift trolley Collapse

    मुंबई के करी रोड़ में भी हाईराइज इमारत अविघ्न वन है. पिछले छः महीने में यहां दो बार आग लगने की घटना हो चुकी है. एक वॉचमैन की मौत भी हो चुकी है.

    पांच दिन पहले विक्रोली के 23 मंजिला सिद्धिविनायक बिल्डिंग में लिफ्ट गिरने से चार मजदूर घायल हो गए थे जिसमें एक की मौत हो गई थी.हाईराइज इमारतों में पर्याप्त सुरक्षा के अभाव में हो रहे हादसे से सवाल खड़े होने लगे हैं.

  • बड़े भूखंडों का डेवलपमेंट, बीएमसी की नई नियमावली

    बड़े भूखंडों का डेवलपमेंट, बीएमसी की नई नियमावली

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क
    मुंबई. बीएमसी (BMC) ने मुंबई में 10 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भूखंडों को डेवलप करते समय मियावाकी वन (Miyawaki Van Compulsory over 10000 square meter land) लगाना अनिवार्य कर दिया है.    (Development of large plots, new rules of BMC) बड़े भूखंड को डेवलप करते समय भूखंड के कुल क्षेत्रफल के 5 प्रतिशत भाग पर मियावाकी वन लगाना होगा. बीएमसी के इस निर्णय से मुंबई में हरियाली के साथ पर्यावरण की रक्षा हो सकेगी. बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल के मार्गदर्शन में अतिरिक्त आयुक्त अश्विनी भिडे ने अहम निर्णय लिया है.
     मुंबई में पर्यावरण पर बहुत सकारात्मक प्रभाव डालने वाले इस निर्णय के तहत अब प्लॉट पर भवन निर्माण करते समय प्लॉट के खुले क्षेत्र के कुछ क्षेत्रों में ‘मियावाकी वृक्षारोपण/शहरी वन’ विकसित करना अनिवार्य है. बीएमसी  पार्क अधीक्षक  जितेंद्र परदेशी ने विश्वास व्यक्त किया है कि बहुत कम जगह में अधिक पेड़ लगाने की इस पद्धति से निश्चित रूप से मुंबई क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को गति मिलेगी.
    परदेशी  ने कहा कि मुंबई मनु क्षेत्र में 10,000 वर्ग मीटर के भूखंड पर भवन का निर्माण करते समय विकास नियंत्रण नियम ‘ओपन स्पेस’ (एलओएस: लेआउट ओपन स्पेस) के रूप में निर्धारित आकार का स्थान होना अनिवार्य है.  इसके अनुसार अब खुले क्षेत्र के लिए निर्धारित 5 प्रतिशत क्षेत्र में ‘मियावाकी वन’ विकसित करना अनिवार्य कर दिया गया है. यदि संबंधित विकासकर्ता को इस ‘मियावाकी वन’ को विकसित करने के लिए किसी तकनीकी मार्गदर्शन की आवश्यकता होगी, तो वही जानकारी उद्यान विभाग द्वारा दी जाएगी.
    परदेशी ने कहा कि मियावाकी के जंगलों में पेड़ सामान्य जंगलों की तुलना में तेजी से बढ़ते हैं. समान ऊंचाई का एक पेड़ आमतौर पर सामान्य रूप से लगाए गए पेड़ के बढ़ने में आधे से भी कम समय में बढ़ता है. साथ ही, मियावाकी-शैली के जंगल, जो आमतौर पर 2 वर्षों में विकसित होते हैं, पेड़ों के बीच कम दूरी के कारण सघन होते हैं.
    इन वनों की एक अन्य विशेषता यह है कि इन्हें आरंभिक दो या तीन वर्षों तक नियमित रख-रखाव की आवश्यकता होती है. उसके बाद ये जंगल प्राकृतिक रूप से बढ़ते चले जाते हैं. बिना किसी रुकावट के जीवन प्रदान करते रहे. इसे ध्यान में रखते हुए मुंबई में मियावाकी के जंगलों को मुंबई शहर का फेफड़ा कहा जा सकता है.