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मुंबई। मुंबई के विकास में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए BMC ने ‘पार्टिसिपेट मुंबई’ नाम से एक नया डिजिटल मंच शुरू किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज BMC सदन में इस पहल का लोकार्पण किया और ‘समग्र’ संस्था के साथ हुए MoU का आदान-प्रदान किया। (Participate Mumbai to Give New Direction to Public Participation CM Devendra Fadnavis)
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पार्टिसिपेट मुंबई’ सिर्फ CSR फंड जुटाने का मंच नहीं है, बल्कि सरकार, महापालिका, कॉर्पोरेट और सामाजिक संस्थाओं के एक साथ आकर काम करने का प्लेटफॉर्म है। इस पोर्टल पर BMC को जिन क्षेत्रों में मदद चाहिए, उन प्रोजेक्ट्स की जानकारी रहेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, रोजगार, पर्यावरण, पार्क सौंदर्यीकरण और गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियां, NGO या आम नागरिक अपनी पसंद का प्रोजेक्ट चुन सकेंगे और अपनी योजना भी रख सकेंगे।
उन्होंने कहा कि CSR में कितना पैसा खर्च हुआ, इससे ज्यादा जरूरी है कि उससे कितना असर हुआ। CSR पार्टनर्स से सरकार को नई टेक्नोलॉजी, आधुनिक मैनेजमेंट और लचीली कार्यप्रणाली का फायदा मिलता है।
मुख्यमंत्री ने मुंबई में कुपोषण के मुद्दे पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि झुग्गी बस्तियों में बच्चों में कुपोषण, बौनापन अभी भी बड़ी चुनौती है। पोषण का सीधा संबंध बच्चों के दिमागी विकास और पढ़ाई से है, इसलिए इस क्षेत्र में CSR की मदद लेनी होगी।
BMC को अधिक गतिमान बनाने के लिए ‘समग्र’ के साथ करार अहम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की 1100 ऑनलाइन सेवाओं में से सिर्फ 45-47 सेवाओं से 90% लोगों का काम होता है, इन्हें ही आसान बनाया जा रहा है। बिल्डिंग परमिशन के लिए AI आधारित सिस्टम शुरू किया गया है, ताकि मानवीय दखल कम हो और Ease of Doing Business बढ़े।
कार्यक्रम में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, महापौर रितु तावडे, उपमहापौर संजय घाडी,कमिश्नर अश्विनी भिडे सहित अतिरिक्त आयुक्त एवं मनपा के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान हिंदुस्तान यूनिलीवर ने 10 नए सुविधा केंद्रों के लिए 25 करोड़ रुपये का CSR फंड BMC को सौंपा।









