महापे में 22 एकड़ में बनेगा ग्लोबल ज्वेलरी हब, जवेरी बाजार की विरासत को सहेजने की तैयारी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रखी आधारशिला

इनसाइट न्यूज स्टोरी
नवी मुंबई। मुंबई के ऐतिहासिक जवेरी बाजार की पीढ़ियों पुरानी विरासत को अब नवी मुंबई के महापे की आधुनिक औद्योगिक क्षमता से जोड़ा जाएगा। जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के नेतृत्व में महापे में *इंडिया ज्वेलरी पार्क, मुंबई* मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 22 एकड़ में बनने वाले इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि इस पार्क के जरिए महाराष्ट्र को सिर्फ ज्वेलरी व्यापार का नहीं, बल्कि उत्पादन, रिसर्च, डिजाइन, कौशल विकास और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाने का संकल्प है।
22 एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक हब
महापे में लगभग 22 एकड़ में बनने वाले इस अत्याधुनिक ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग हब में 2,000 से ज्यादा उत्पादन यूनिट्स लगेंगी।
– *निवेश:* लगभग 25,000 करोड़ रुपए
– *रोजगार:* प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष मिलाकर लगभग 1 लाख लोगों को रोजगार
शिंदे ने कहा, “मुंबई के जवेरी बाजार का कई पीढ़ियों की मेहनत और विश्वास का इतिहास है। भारत डायमंड बोर्स ने मुंबई को वर्ल्ड डायमंड ट्रेड मैप पर ला दिया। अब इस पारंपरिक व्यापार को आधुनिक उत्पादन की जोड मिलेगी।”
सरकार की रेड कार्पेट भूमिका
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग के लिए सिर्फ जमीन देना काफी नहीं, बिजली, पानी, सड़क, इंफ्रास्ट्रक्चर और परमिशन देना भी सरकार की जिम्मेदारी है। इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने रेड कार्पेट की भूमिका निभाई है। महायुति सरकार स्थगिती नहीं, तो प्रगति का सरकार है।
महाराष्ट्र का बड़ा लक्ष्य
शिंदे ने बताया कि जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग देश के लिए विदेशी मुद्रा और रोजगार पैदा करने वाला अहम सेक्टर है। देशभर में 50 लाख से ज्यादा कारीगर इस उद्योग से जुड़े हैं और हर साल लगभग ढाई लाख करोड़ रुपये की ज्वेलरी एक्सपोर्ट होती है।
महाराष्ट्र की जेम्स एंड ज्वेलरी पॉलिसी में 1 लाख करोड़ के निवेश और 5 लाख रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। इस पार्क में AI, 3D डिजाइनिंग, लैब ग्रोन डायमंड और ऑनलाइन ट्रेडिंग जैसी आधुनिक तकनीक को पारंपरिक कारीगरी से जोड़ा जाएगा। स्थानीय युवाओं के लिए स्किल ट्रेनिंग और कामगारों के रहने की व्यवस्था भी की जाएगी।
उन्होंने कहा, *”सोना तिजोरी में रखा तो संपत्ति बढ़ती है, लेकिन सोना उद्योग में लगाया तो रोजगार बढ़ता है, अर्थव्यवस्था बढ़ती है और देश समृद्ध होता है।”*
कार्यक्रम में वन मंत्री गणेश नाईक, विधायक मंदा म्हात्रे, GJEPC चेयरमैन किरीट भंसाली, प्रधान सचिव उद्योग डॉ. अनबलगन, जिलाधिकारी कृष्णा पांचाल, आयुक्त कैलास शिंदे, पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे समेत उद्योग जगत के कई गणमान्य लोग मौजूद थे।




