अरुणाचल में चीन और भारत की सेनाएं फिर आमने-सामने, ITBP चीफ ने कहा – तनाव अभी भी जारी

इनसाइट न्यूज स्टोरी
दिल्ली / अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के बीच एक बार फिर तनाव गहरा गया है। इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने गुरुवार को इस बात की आधिकारिक पुष्टि की है कि प्रदेश के कई हिस्सों में दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने डटे हुए हैं। (India Chaina Face Off in Arunachal Pradesh)
ITBP के 65वें स्थापना दिवस (24 अक्टूबर) से एक दिन पहले अलवर, राजस्थान में जवानों को संबोधित करते हुए DG कपूर ने कहा, “पिछले कुछ दिनों में अरुणाचल में कई जगहों पर face-off की स्थिति बनी है और यह अभी भी जारी है।”
कहां है सबसे ज्यादा तनाव?
सबसे संवेदनशील इलाका *Upper Subansiri जिले का तक्सिंग और असाफिला सेक्टर* बताया जा रहा है। जुलाई 2025 में रिपोर्ट आई थी कि माजा इलाके में गश्त के दौरान भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने आ गए थे। थोड़ी देर की बहस के बाद दोनों पक्ष पीछे हटे, लेकिन कुछ दिन बाद PLA ज्यादा संख्या में लौटी और भारत की LAC की धारणा से लगभग 6-7 किलोमीटर अंदर टेंट गाड़ दिए। तब से दोनों सेनाएं वहां डटी हुई हैं।
BRICS समिट के दौरान भी नहीं हटा तनाव
सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि जब सितंबर में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने दिल्ली आए थे, तब भी LAC पर ये गतिरोध जारी था। सरकार की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया था, लेकिन अब ITBP प्रमुख के बयान के बाद स्थिति साफ हो गई है।
चीन सबसे बड़ा विरोधी, पारंपरिक युद्ध अब नहीं चलेगा – ITBP चीफ
DG कपूर ने चीन को भारत का सबसे बड़ा विरोधी बताते हुए कहा कि पारंपरिक युद्ध के तरीके अब काफी नहीं हैं। उन्होंने यूक्रेन-रूस युद्ध और ईरान-अमेरिका टकराव का उदाहरण देते हुए कहा कि ड्रोन ने युद्ध का तरीका बदल दिया है।
भारत की 4-स्तरीय नई तैयारी:
1. *शौर्य कमांडो:* ITBP ने एक नई एलीट कॉम्बैट यूनिट ‘शौर्य कमांडो’ बनाई है। DG के मुताबिक इन कमांडोज ने अरुणाचल में चल रहे face-off के दौरान अपनी काबिलियत साबित की है। अब हर बॉर्डर बटालियन में इनकी तैनाती होगी।
2. *ड्रोन आर्मी:* हर बॉर्डर बटालियन में ड्रोन प्लाटून बनाई गई है। फोर्स को 400 करोड़ का फंड मिला है, जिसका 70% हिस्सा ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम पर खर्च होगा। गृह मंत्रालय ने 4000 करोड़ की मॉडर्नाइजेशन योजना को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी है।
3. *भूमिगत बंकर:* LAC पर जवानों को चीन की भारी तोप और हवाई हमलों से बचाने के लिए मजबूत भूमिगत बंकर और शेल्टर बनाए जा रहे हैं।
4. *Strike ट्रेनिंग:* जून 2020 में गलवान घाटी में हुई बर्बर झड़प को देखते हुए ‘Strike’ नाम का नया युद्ध प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इसमें पत्थर, कील लगे डंडे और रॉड से होने वाले हमलों से निपटने की ट्रेनिंग दी जाएगी। पूरी 95,000 जवानों की फोर्स को 2027 के अंत तक ये ट्रेनिंग दी जाएगी।
फिलहाल ITBP और सेना के जवान हाई अलर्ट पर हैं और सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए कूटनीतिक बातचीत भी जारी है।




