Breaking News

राष्ट्रपति की मौजूदगी से नासिक कुंभ को मिलेगी राष्ट्रीय चमक! 31 अक्टूबर के ध्वजारोहण का राष्ट्रपति मुर्मू को न्योता

इनसाइट न्यूज स्टोरी 

नई दिल्ली। 65 साल बाद आने वाले नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले के शुभारंभ के प्रतीक 31 अक्टूबर के ध्वजारोहण समारोह के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को निमंत्रण दिया गया है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि राष्ट्रपति की मौजूदगी से नासिक कुंभ को राष्ट्रीय स्तर की चमक मिलेगी। (President Draupadi Murmu Invited for Nashik Kumbh Flag Hoisting on 31st October)

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, मंत्री छगन भुजबल, गिरीश महाजन, दादा भुसे और नरहरी झिरवाल सहित शिष्टमंडल ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें आमंत्रित किया।

शिंदे ने बताया कि 31 अक्टूबर 2026 से 24 जुलाई 2028 तक करीब 22 महीने तक चलने वाले इस कुंभ मेले में लाखों श्रद्धालु शामिल होंगे। पहला अमृत स्नान 2 अगस्त 2027, दूसरा 31 अगस्त 2027 और तीसरा अमृत स्नान 11 सितंबर को नासिक और 12 सितंबर को त्र्यंबकेश्वर में होगा।

मनोज जरांगे के 500 करोड़ के आरोप पर एकनाथ शिंदे का जवाब

दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में शिंदे ने मनोज जरांगे पाटिल के 500 करोड़ के आरोप पर कहा – “500 करोड़ न दिए हैं, न लिए हैं। आरोप लगाने से पहले जरांगे को तथ्यों की जांच करनी चाहिए थी। अगर उनके पास सबूत हैं तो संबंधित एजेंसी को दें, जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।” Eknath Shinde Responds to Manoj Jarange’s Rs 500 Crore Allegation,

उन्होंने कहा कि जरांगे को मराठा समाज का काम करना चाहिए, इसे राजनीतिक मंच नहीं बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री रहते हुए बिना किसी अन्य समाज के आरक्षण को प्रभावित किए मराठा समाज को न्याय दिया गया और आरक्षण के माध्यम से 5300 से अधिक लोगों को नौकरी में लाभ मिला।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए शिंदे ने कहा, “सत्ता परिवर्तन जनता करती है, इसके लिए जनता के बीच जाकर काम करना पड़ता है, घर में बैठकर सत्ता परिवर्तन नहीं होता।”

Related Articles

Back to top button