मुंबई के गोराई-मनोरी का नक्शा बदलेगा, 17.52 KM में 21 हजार घरों और रिसॉर्ट्स की किस्मत फंसी
रिवाइज्ड डीपी प्लान के लिए बीएमसी ने मांगा 60 दिन में सुझाव

इनसाइट न्यूज स्टोरी
मुंबई। मुंबई के आखिरी खुले समुंदर वाले इलाके गोराई-मनोरी-उत्तन (MGU) का पूरा विकास प्लान (DP) बदलने जा रहा है। BMC कमिश्नर अश्विनी भिडे के आदेश पर 19 अक्टूबर को इसका नोटिस जारी हुआ है। (Gorai-Manori DP Change: BMC New Plan, 21k Houses Impact )
क्या होगा बदलाव
17.52 वर्ग किमी का ये पूरा इलाका। इसमें गोराई बीच, मनोरी बीच, उत्तन गांव, एस्सेल वर्ल्ड और हजारों बंगले-रिसॉर्ट आते हैं।
बीएमसी के अनुसार पुराना प्लान 20 साल पुराना हो चुका है। कानून (MRTP एक्ट, कलम 23) कहता है हर 20 साल में नया प्लान बनाना जरूरी है। इस इलाके को 1983 में ही No Development Zone (NDZ) घोषित किया गया था, लेकिन तब से आबादी और कंस्ट्रक्शन बहुत बढ़ गया। पुराने प्लान में सड़क, पानी, हॉस्पिटल का कोई हिसाब नहीं था।
वहां कितने निर्माण हैं, NDZ में घर कैसे बने?
BMC ने आंकड़ा तो नहीं दिया, लेकिन हकीकत में वहां 21 हजार से ज्यादा गांव वाले रहते हैं। उनके अलावा 700 एकड़ में Essel World, Pagoda, Sun Beach Resort और सैकड़ों बंगले-फार्म हाउस बने हैं।
सच ये है कि ये ज्यादातर निर्माण NDZ और CRZ नियम तोड़कर बने हैं। गांव वालों का आरोप है कि उन्हें अपना घर रिपेयर करने की भी परमिशन नहीं मिलती, लेकिन बड़े डेवलपर ने मैंग्रोव भरकर रिसॉर्ट बना लिए। इसी वजह से Sun Beach Resort को BMC ने पहले तोड़ा भी था और अप्रैल 2026 में मनोरी में 186 हेक्टेयर अतिक्रमण हटाया गया था। इस बदलाव का यह असर होगा कि नया DP ही तय करेगा कि आपका घर बचेगा या टूटेगा।
फायदा: 2019 के नए CRZ नियम में NDZ को 200 मीटर से घटाकर 50 मीटर कर दिया गया है। इससे गोराई, मढ़, मार्वे में ज्यादा जगह पर घर बनाना लीगल हो सकता है। पुराने घरों को रेगुलराइज होने का मौका मिल सकता है।
नुकसान: जो निर्माण CRZ-I (समुंदर के सबसे करीब और मैंग्रोव वाले इलाके) में हैं, वो पूरी तरह अवैध घोषित हो सकते हैं। उन पर तोड़क कार्रवाई हो सकती है।
BMC की नई योजना क्या है
BMC नया DP बनाकर तय करेगी –
– कहां घर बन सकते हैं (रेजिडेंशियल जोन)
– कहां कुछ भी नहीं बनेगा (ग्रीन / CRZ-I जोन)
– कहां नई सड़क, पानी, सीवरेज लाइन जाएगी
– कहां टूरिज्म जोन बनेगा। अगर आप वहां रहते हैं तो 60 दिन में अपनी बात BMC को बतानी होगी। 60 दिन बाद BMC सारे सुझाव सुनकर फाइनल नक्शा बनाएगी। अगर अभी आपत्ति नहीं दी तो बाद में आपका घर वैध या अवैध – दोनों ही BMC के नए नक्शे से तय होगा।




