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चुनाभट्टी रेलवे ओवरब्रिज का मुहूर्त फिर टला IIT मुंबई करेगी डिजाइन की जांच
लागत 37 करोड़ से बढ़कर 41 करोड़ हुई

इनसाइट न्यूज स्टोरी
मुंबई। हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेनों के लेट होने की सबसे बड़ी वजह चुनाभट्टी रेलवे फाटक को बंद कर वहां फ्लाईओवर बनाने की योजना पिछले कई वर्षों से कागज पर ही अटकी है। अब बीएमसी ने इस पुल के डिजाइन की दोबारा जांच IIT मुंबई से कराने का फैसला किया है, जिससे प्रोजेक्ट में और देरी होगी। इस प्रस्ताव को बुधवार को स्थायी समिति की बैठक में मंजूरी मिल गई।
फाटक से बिगड़ता है लोकल का टाइम-टेबल
मध्य रेलवे और हार्बर लाइन पर दिवा, कुर्ला, चुनाभट्टी, शिवडी में रेलवे फाटक हैं। हर फाटक 24 घंटे में 30 से 35 बार खुलता-बंद होता है। कई बार तकनीकी खराबी से फाटक खुला ही रह जाता है। इससे लोकल का शेड्यूल बिगड़ता है, सुबह-शाम पीक आवर में तो पूरा टाइम-टेबल चौपट हो जाता है और आसपास जाम लगता है। इसी को खत्म करने के लिए बीएमसी ने रेलवे के साथ मिलकर फाटक बंद कर chunabhatti ROB बनाने का फैसला लिया था। टेंडर में ही एक साल निकल गया।
BMC ब्रिज विभाग ने अक्टूबर 2024 में टेंडर निकाला जिसमें 5 कंपनियों ने हिस्सा लिया, एक कंपनी का चयन भी हो गया। लेकिन टेंडर फाइनल होते-होते देरी हो गई। टेंडर निकालते समय पुल की लागत 37.41 करोड़ रुपए थी, जो मंजूरी तक आते-आते 41.77 करोड़ हो गई।
सीधे 4 करोड़ से ज्यादा की बढ़ोतरी
BMC ने डिजाइन के लिए मे. टेक्नोजेम कंपनी को कंसल्टेंट बनाया। कंपनी ने सर्वे, मिट्टी की जांच कर स्ट्रक्चरल डिजाइन तैयार भी कर दिया, लेकिन काम शुरू ही नहीं हुआ।
अब IIT करेगी जांच, 24 महीने का समय
BMC का कहना है कि आरओबी की स्ट्रक्चरल सेफ्टी, तकनीकी कैलकुलेशन और कंस्ट्रक्शन मेथड सही है या नहीं, इसकी जांच जरूरी है। इसके लिए IIT मुंबई को चुना गया है, जांच के लिए 24 महीने का समय दिया गया है। अधिकारी भले ही कह रहे हैं कि रिपोर्ट जल्दी आ जाएगी, लेकिन कागज पर 24 महीने लिखे होने से देरी तय है।
BMC का कहना है कि आरओबी की स्ट्रक्चरल सेफ्टी, तकनीकी कैलकुलेशन और कंस्ट्रक्शन मेथड सही है या नहीं, इसकी जांच जरूरी है। इसके लिए IIT मुंबई को चुना गया है, जांच के लिए 24 महीने का समय दिया गया है। अधिकारी भले ही कह रहे हैं कि रिपोर्ट जल्दी आ जाएगी, लेकिन कागज पर 24 महीने लिखे होने से देरी तय है।
ब्रिज की कुल लंबाई – रेलवे हिस्से में 36 मीटर और BMC हिस्से में 254 मीटर होगी, जिसमें RCC और स्टील दोनों का इस्तेमाल होगा। फाटक के पास अतिक्रमण भी हैं और ट्रैफिक पुलिस की NOC भी अभी नहीं मिली है। यानी IIT की रिपोर्ट आने के बाद भी तुरंत काम शुरू होने के आसार नहीं हैं। तब तक चुनाभट्टी के लोगों को फाटक पर जाम और हार्बर लोकल की लेटलतीफी झेलनी ही पड़ेगी।




