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बीएमसी ने चेताया,मुंबई में बढ़ेगी घरों की कीमत!

प्रदूषण को लेकर मनपा प्रशासन और महापौर में ठनी

इनसाइट न्यूज स्टोरी

मुंबई, 24 अक्टूबर: मुंबई से रेडी मिक्स सिमेंट (आर एमसी) प्लांट को मुंबई से बाहर करने पर मुंबई में घरों की कीमतें बढ़ जाएंगी। यह चेतावनी बीएमसी प्रशासन ने दी है।  शुक्रवार को बीएमसी सभागृह में शहर की बिगड़ी आबोहवा पर चर्चा के दौरान महापौर रितु तावड़े ने कहा कि आरएमसी प्लांट वायु प्रदूषण बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसलिए इनको मुंबई शहर से बाहर फेंक दिया जाना चाहिए।

मुंबई में वायु प्रदूषण और धूल के बढ़ते साम्राज्य को लेकर BMC सभागृह में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। महापौर रितू तावडे और अतिरिक्त आयुक्त अविनाश ढाकणे के बीच RMC प्लांट के मुद्दे पर सीधी बहस हो गई।

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महापौर रितु तावडे ने सदन में निर्देश दिए कि मुंबई में बढ़ते प्रदूषण के लिए जिम्मेदार सभी *RMC (रेडी मिक्स कंक्रीट) प्लांट को मुंबई से बाहर शिफ्ट किया जाए। उन्होंने कहा कि भायखला की घास गली सहित कई इलाकों में इन प्लांट से उड़ने वाली धूल और निकृष्ट सीमेंट से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। मुंबई में 29 जगह AQI मापने वाली मशीनें लगी हैं, लेकिन फिर भी AQI 150-200 से ऊपर जा रहा है।

इस पर अतिरिक्त आयुक्त अविनाश ढाकणे ने जवाब दिया कि RMC प्लांट को बांधकाम साइट के पास होना जरूरी है। अगर प्लांट मुंबई से बाहर ले जाए गए तो सीमेंट लाने-ले जाने का खर्चा बढ़ेगा और इसका सीधा असर घरों की कीमत पर पड़ेगा। मुंबई में घर पहले से ही महंगे हैं, और महंगे हो जाएंगे।

विपक्ष का हमला – मुंबईकर जहर पी रहे हैं
विरोधी पक्ष नेता किशोरी पेडणेकर ने प्रशासन को घेरते हुए कहा – “मुंबईकर सांस नहीं ले रहे, बल्कि रोज जहर पी रहे हैं। हर घर खांसी-बुखार का अस्पताल बन गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि BKC जैसा पॉश इलाका भी प्रदूषण का हॉटस्पॉट बन गया है और माझगांव, चेंबूर, कुर्ला की हवा दिल्ली से भी खराब हो चुकी है।

कांग्रेस के गुट नेता अशरफ आजमी ने कहा आज मुंबई दुनिया का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। ये मेरे आंकड़े नहीं, दुनिया के Air Quality Index के आंकड़े हैं।

BKC जो मुंबई की शान कहा जाता था, आज AQI 300 पार करके दुनिया के सबसे गंदे इलाकों में शामिल हो गया है। माझगांव, चेंबूर, कुर्ला, अंधेरी की हवा दिल्ली से भी ज्यादा जहरीली हो गई है। मुंबईकर सांस नहीं ले रहा, जहर पी रहा है।

और ये failure किसका है? ये failure है BMC प्रशासन का, BJP और शिवसेना का, जिन्होंने 25 साल इस शहर पर राज किया।

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3500 Construction sites चालू हैं, 8000 शिकायतें मुंबईकरों ने की, 50% सिर्फ धूल की – कार्रवाई कितनों पर की?  आपने कहा मलबा ट्रकों पर GPS लगाया, तो भायखला घास गली में निकृष्ट सीमेंट से लोग बीमार क्यों हो रहे हैं? एयरपोर्ट का रास्ता चकाचक और गरीबों की बस्ती के रास्ते धूल में – ये कैसा विकास?

मैं महापौर से मांग करता हूँ – RMC प्लांट बंद करने से कुछ नहीं होगा। आपको घर महंगे होने का डर दिखाया जा रहा है। मुंबईकरों की जान ज्यादा जरूरी है या बिल्डरों का मुनाफा।

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महापौर का फाइनल निर्देश
महापौर ने अतिरिक्त आयुक्त के जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि मुंबईकरों से 8000 शिकायत पत्र आए हैं, जिनमें से 50% सिर्फ धूल और अवैध बांधकाम को लेकर हैं। मुंबई में अभी करीब 3500 बांधकाम साइट चालू हैं। उन्होंने पूछा कि जब एयरपोर्ट के रास्ते चकाचक हो सकते हैं तो मुंबई के बाकी रास्ते क्यों नहीं?

प्रशासन ने बताया कि राडा-रोडा ले जाने वाले ट्रकों पर GPS लगाया गया है और ‘समीर’ ऐप से हवा की गुणवत्ता देखी जा सकती है। फिलहाल माहुल, मानखुर्द, गोवंडी में लैंडफिल साइट की वजह से प्रदूषण कंट्रोल करना चुनौती बना हुआ है।

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