अपने अस्पतालों के संचालन में फेल हो रही बीएमसी,490 बेड का भगवती अस्पताल 30 वर्षों के लिए निजी भागीदार को सौंपा
96 करोड़ EMD वाला टेंडर जारी, 16 नवंबर लास्ट डेट

इनसाइट न्यूज स्टोरी
मुंबई। देश की सबसे अमीर BMC अब अपने अस्पताल नहीं चला पा रही। ताजा मामला बोरीवली के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हरिलाल भगवती का है। बीएमसी ने इस अस्पताल को 30 सालों के लिए पीपीपी मॉडल यानी निजी भागीदार को देने के लिए टेंडर जारी किया है।
BMC के पास सबकुछ, फिर भी क्यों दे रही अस्पताल?
बीएमसी का बजट हजारों करोड़, जमीन अपनी, बिल्डिंग अपनी। फिर भी टेंडर में लिखा है- डॉक्टर, स्टाफ, मशीनें प्राइवेट कंपनी लाएगी। मतलब BMC मान रही है कि वो अस्पताल नहीं चला सकती।
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ये पहला नहीं, 20 अस्पताल पहले ही PPP पर
BMC पहले ही राजावाड़ी, भाभा, अंबेडकर, शताब्दी समेत 20 से ज्यादा जगहों पर ब्लड बैंक, डायलिसिस, CT-MRI लैब प्राइवेट को दे चुकी है। अब KPMG को 3.45 लाख महीने पर हायर किया है ताकि दहिसर, चांदिवली, मोगरा, खार, मानखुर्द, विक्रोली और मुलुंड के MT अग्रवाल अस्पताल को भी PPP पर दिया जा सके।
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गरीब मरीजों का क्या होगा?
विपक्ष का आरोप- BMC 600 करोड़ की जमीनें 30 साल के लिए फ्री में प्राइवेट को दे रही है। अस्पताल बचाओ समिति के 25 संगठनों का कहना है- 18 रुपए वाली OPD अब 500 में बदलेगी। फ्री इलाज खत्म, गरीब पिसेगा।
BMC बोली- सुविधा बढ़ेगी, विरोधी बोले- बेच दिया
BMC अफसरों का तर्क है कि सुपर-स्पेशियलिटी सुविधा बढ़ेगी। वहीं कांग्रेस नेता अशरफ आजमी ने टेंडर रद्द करने की मांग की है। अस्पताल बचाओ समिति ने मानखुर्द में आंदोलन तेज कर दिया है।




