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  • उद्योग समूहों को आकर्षित करने आज मुंबई पहुंचेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    उद्योग समूहों को आकर्षित करने आज मुंबई पहुंचेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई. उत्तर प्रदेश (Uttar pardesh) में अपराधियों पर लगाम कसने के बाद  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) अब प्रदेश में उद्योगों के निवेश पर ध्यान केंद्रित किया है. देसी उद्योग समूहों को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री 4 जनवरी को मुंबई पहुंच रहे हैं. (Chief Minister Yogi Adityanath will reach Mumbai today to attract industry groups)

    5 जनवरी से 27 जनवरी तक देश के नौ बड़े शहरों में होने जा रहे इन रोड शो की शुरुआत मुंबई से होगी. मुख्यमंत्री योगी 4 और 5 जनवरी को आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और देसी निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए आकर्षित करेंगे.  बीमारू राज्य रहे विकासशील राज्य बन चुके उत्तर प्रदेश में निवेश का रोड मैप रखेंगे.

    देश के बड़े उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उन्हें यूपी में निवेश का न्योता देंगे. मुख्यमंत्री मुंबई के रोड शो में भाग लेंगे. यहां टाटा समूह, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिन्द्रा, गोदरेज, आदित्य बिरला समूह, पिरामल इंटरप्राइजेज, पार्ले एग्रो, जेएसडब्ल्यू ग्रुप और स्टार एंड डिजनी समूह के प्रतिनिधियों भेंट करेंगें हिंदुजा ग्रुप, हिंदुस्तान यूनी लिवर, अडानी ग्रुप, हीरानंदानी ग्रुप, टोरेंट पॉवर, वॉकहार्ड, इंडियन मर्चेंट्स चेम्बर्स, , केकेआर इंडिया, हिंदुजा ग्रुप, एवर स्टोन ग्रुप, हीरो साइकिल, आरपीजी इंटरप्राइज, एल एंड टी, रैमकी ग्रुप ऑफ कम्पनी आदि बड़े औद्योगिक समूहों, कंपनियों से निवेश को लेकर चर्चा करेंगे.

    सीएम योगी चार जनवरी दोपहर में राजधानी लखनऊ से मुंबई के लिए उड़ान भरेंगे, जहां पहुंचने के बाद वह शाम को महाराष्ट्र में रह रहे उत्तर प्रदेश के प्रवासियों से मुलाकात करेंगे और बदले उत्तर प्रदेश के बारे में बताएंगे. सीएम योगी की फिल्म जगत के कलाकारों एवं निर्माताओं से भी मुलाकात होगी. इस दौरान वह उनसे उत्तर प्रदेश में बन रही फिल्म सिटी की संभावनाओं को लेकर चर्चा करेंगे. इसके अलावा सीएम योगी उन्हें ग्लोबल इन्वेटर्स समिट के बारे में जानकारी देंगे.

  • बीएमसी ने गोरेगांव मुलुंड लिंक रोड पर बाधा बने 55 अवैध झोपड़ों को तोड़ा

    बीएमसी ने गोरेगांव मुलुंड लिंक रोड पर बाधा बने 55 अवैध झोपड़ों को तोड़ा

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    Goregaon Mulund link Road: मुंबई नगर निगम के पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों को जोड़ने वाला गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR)  बाधा बने 55 अवैध झोपड़ों को आज तोड़ दिया गया. लगभग 12.2 किमी लंबी इस सड़क की रोड लाइन के साथ कुछ स्थानों पर अनाधिकृत निर्माणों को परियोजना से हटाना आवश्यक था. बीएमसी आयुक्त  डॉ. इकबाल सिंह चहल के मार्गदर्शन में हाल ही में की गई कार्रवाई के दौरान ‘एस डिवीजन’ के इलाके में सुदर्शन होटल से तुलशेतपाड़ा तक करीब आधा किलोमीटर के क्षेत्र में 55 अवैध निर्माणों को हटाए दिया गया.

    इस कार्रवाई से पहले उस क्षेत्र में सड़क की चौड़ाई करीब 30 मीटर थी, लेकिन अब कार्रवाई के बाद यह 45.75 मीटर यानी रोड लाइन की चौड़ाई हो गई है. ‘एस’ विभाग के सहायक आयुक्त अजीत कुमार अंबी की जानकारी के अनुसार, ‘एस’ विभाग द्वारा की गई तोड़क कार्रवाई के बाद मुक्त क्षेत्र का कब्जा बृहन्मुंबई नगर निगम के पुल विभाग को सौंप दिया गया है.

    अंबी ने कहा कि जोन 6 के उपायुक्त देवीदास क्षीरसागर के मार्गदर्शन और आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए, 2 जेसीबी सहित आवश्यक उपकरण का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया.  इस ऑपरेशन के बाद साफ किए गए क्षेत्र में फ्लाईओवर का निर्माण प्रस्तावित है, इसलिए उक्त क्षेत्र की निगरानी बृहन्मुंबई नगर निगम के पुल विभाग को सौंप दी गई है.एस विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई से गोरेगांव-मुलुंड एक्सप्रेसवे परियोजना के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी.

  • अमेय घोले युवा सेना की बैठक से नदारद

    अमेय घोले युवा सेना की बैठक से नदारद

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई. युवा सेना प्रमुख और विधायक आदित्य ठाकरे की मौजूदगी में युवा सेना कार्यकारिणी की बैठक से आदित्य के करीबी अमेय घोले (Ameya Ghole absent from Yuva Sena meeting) नहीं पहुंचे. इस बैठक में अमेय घोले की अनुपस्थिति से एक बार चर्चा तेज हो गई है. अमेय घोले पिछले कई दिनों से युवा सेना से नाखुश बताए जा रहे हैं. अमेय घोले आदित्य ठाकरे के करीबी लोगों से नाराज हैं और उन्होंने पार्टी नेता उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे से नाराजगी जाहिर की है.

    युवा सेना के कोषाध्यक्ष हैं घोले 

    पूर्व नगर सेवक अमेय घोले युवा सेना के कोषाध्यक्ष हैं, युवा सेना कार्यकारिणी की बैठक के लिए  अमेय घोले को भी आमंत्रित किया गया था.  लेकिन आमंत्रित किए जाने के बावजूद अमेय घोले शिवसेना भवन की बैठक से मुंह मोड़ लिया. यह बैठक युवा सेना के खिलाफ बढ़ते विरोध और  युवा सेना को छोड़कर शिंदे समूह में शामिल होने के लिए लोगों की बढ़ती संख्या के कारण आयोजित की गई है. जहां कई सदस्य युवा सेना की बैठक में शामिल हुए, वहीं अमेय घोले अनुपस्थित रहे. कुल मिलाकर अमेय घोले के व्यवहार से यह माना जा रहा है कि वह शिंदे गुट में चले जाएंगे.

    क्यों नाराज़ हैं अमेय घोले 

    हाल ही में देखने को मिला कि शिवसेना शिंदे गुट के बीच तनातनी ने युवा सेना में भी दरार पड़ गई है.  कई युवा सेना के कार्यकर्ता शिंदे समूह में सदस्य के रूप में शामिल हो चुके हैं, उसमें एक नाम युवा सेना के कोषाध्यक्ष अमय घोले का भी जुड़ गया है. जिस तरह से शिवसेना में नाराजगी चल रही थी, उसी तरह की बातें अब युवा सेना में हो रही हैं. अमेय घोले आदित्य ठाकरे के करीबी लोगों से परेशान हैं, उन्होंने शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे और युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे से नाराजगी जताई, लेकिन अमेय घोले ध्यान न देने के कारण बैठक से अनुपस्थित रहे.

    अमेय घोले ने भावना व्यक्त की कि करीबी लोगों द्वारा युवा सेना को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. उनकी शिकायतों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. अमेय घोले ने युवा सेना के व्हाट्सएप ग्रुप को भी छोड़ दिया है. अमेय घोले ने ग्रीटिंग बैनर पर टॉर्च सिंबल या शिवसेना के नाम का जिक्र नहीं किया।श  चर्चा है कि अमय घोले शिंदे समूह में शामिल होंगे. इस बारे में अमेय घोले ने कहा कि अभी हमने कोई निर्णय नहीं लिया है. एक दो महीने में निर्णय लेंगे कि क्या करना है.

  • आमरण अनशन पर बैठे जैन मुनि ने त्यागे प्राण

    आमरण अनशन पर बैठे जैन मुनि ने त्यागे प्राण

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    जयपुर. झारखंड (Jharkhand) स्थित जैन तीर्थ सम्मेद शिखरजी ( Sammed shikhar tirth) को टूरिस्ट प्लेस बनाने के विरोध में पिछले 10 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे जैन मुनि सुज्ञेय सागर ने आज अपने प्राण त्याग दिए. (Jain monk Sugyey Sagar Maharaj sitting on fast unto death gave up his life)

    गौरतलब हो कि झारखंड सरकार गिरिडीह जिले को टूरिस्ट प्लेस घोषित किया है जहां पर जैन तीर्थ सम्मेद शिखर भी आता है. जैन धर्म के लोग तब से ही सम्मेद शिखरजी तीर्थ को बचाने के लिए देश में आंदोलन कर रहे थे.

    इसी मुद्दे पर जैन मुनि सुज्ञेय सागर जी आमरण अनशन पर बैठे थे. मंगलवार को उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए. मंगलवार को ही सांगानेर में उनकी समाधि दी गई.

    जैन मुनि सुनील सागर महाराज ने बताया कि पवित्र सम्मेद शिखर तीर्थ हमारे बहुत महत्वपूर्ण है. जैन मुनि सुज्ञेय सागर के प्राण त्यागने के बाद एक अन्य जैन मुनि समर्थ सागर ने उनके स्थान पर आमरण अनशन शुरू किया है.

  • कोविड सेंटर के लिए जगह देने वाले जमीन मालिकों को बीएमसी ने 80 करोड़ मुआवजा

    कोविड सेंटर के लिए जगह देने वाले जमीन मालिकों को बीएमसी ने 80 करोड़ मुआवजा

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई. कोरोना संकट के समय होटल मालिकों को अतिरिक्त मुआवजा देने वाली बीएमसी  (BMC) प्राइवेट प्रीमाइसेस ( Private premises) पर बनाए गए कोविड सेंटर के लिए 80 करोड़ का मुआवजा दिया है. वर्ष 2020 बीएमसी स्थायी समिति में लाए गए इस प्रस्ताव को समिति ने वापस कर दिया था. अब उसी प्रस्ताव को बीएमसी प्रशासन ने बिना सुधार किए मंजूर कर लिया है.(80 crore compensation by BMC to land owners who gave space for Covid Center)

    कोविड काल में हुए घोटाले की जांच के लिए राज्य सरकार ने कैग से ऑडिट कराने का निर्णय लिया है. कैग की जांच के बीच बीएमसी कमिश्नर ने पुराने प्रस्ताव को मंजूर किया है.

    कोरोना संक्रमण के दौरान अस्पतालों में मरीजों को रखने के लिए जगह कम पड़ गई थी. उस समय जंबो कोविड सेंटर बनाए गए थे. संक्रमितों के संपर्क में आने वालों को रखने के लिए कोविड केयर सेंटर 1 और कोविड केयर सेंटर 2 बनाए गए थे. कोविड केयर सेंटर बनाने के लिए स्कूल, कॉलेज, और मैदान अधिग्रहीत किए गए थे. निजी जमीन को कब्जे में लेकर संस्थागत आइसोलेशन सेंटर और सुश्रुषा केंद्र का निर्माण किया गया था. कब्जे में लिए गए प्राइवेट प्रीमाइसेस (Private premises) को बीएमसी अधिकतम मुआवजा दिया है.

    बीएमसी ने जिन प्राइवेट प्रीमाइसेस को अपने कब्जे में लिया था उसमें वेदर प्रूफ शेड ( Wether proof shed ) फर्नीचर आदि की व्यवस्था बीएमसी ने की थी. लेकिन कुछ जगह पर जैसे लॉज, होटल, खाली इमारत फर्निचर सहित थी ऐसी जमीन प्राइवेट प्रापर्टी होने के कारण उन्हें मुआवजा दिया है.

    कोविड के दौरान बीएमसी ने 256 स्थानों पर 16,829 मरीजों को रखने के लिए कोविड केयर सेंटर 1 और 75 स्थानों पर 8901 मरीजों के लिए कोविड केयर सेंटर 2 और 40,000 मरीजों के लिए स्कूल, कॉलेज,मैदान में कोविड केयर सेंटर 2 बनाए गए थे. इसके लिए बीएमसी ने 79 करोड़ 78 लाख, 89 हजार 97 रुपए मुआवजा दिया है.

  • मुंबई में पूर्व नियोजित 50 से अधिक ऑपरेशन रद्द

    मुंबई में पूर्व नियोजित 50 से अधिक ऑपरेशन रद्द

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    Doctors Strike: सोमवार को मुंबई महानगरपालिका सहित, राज्य के सरकारी अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टरों  की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण 50 से अधिक पूर्व नियोजित ऑपरेशन को रद्द कर दिया गया. (Over 50 pre-planned operations canceled in Mumbai ) रेसिडेंट डॉक्टरों  की हड़ताल के साथ ही मनपा उपनगरीय अस्पताल की सौ नर्सों ने भी सोमवार को अपनी मांगों को लेकर हड़ताल किया.

    हड़ताल के चलते दिनभर अस्पतालों जाने वाले मरीजों को वापस लौटना पड़ा. जबकि बड़े अस्पतालों में ओपीडी वार्ड के बाहर लंबी कतारें देखी गईं, रेजिडेंट डॉक्टर नहीं होने के कारण 40 से 50 प्रतिशत सर्जरी भी रद्द कर दी गईं. मार्ड ने चेतावनी दी है कि मांगे नहीं माने जाने पर रेजिडेंट डॉक्टर जल्द ही आवश्यक सेवाओं से भी हट जाएंगे.

    लिखित आश्वासन पर अड़ा मार्ड 

    मार्ड ने जोर देकर कहा हैं कि अगर चर्चा होती भी है तो लिखित आश्वासन देना पड़ेगा. सोमवार को हड़ताल का पहला दिन था, लेकिन नगर पालिका और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय के कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने रेजिडेंट डॉक्टरों को चर्चा के लिए नहीं बुलाया. सेंट्रल मार्ड ने चेतावनी दी कि अब चर्चा नहीं सीधे लिखित आश्वासन दें, तभी हम हड़ताल समाप्त करेंगे अन्यथा रेजिडेंट डॉक्टर जल्द ही आवश्यक सेवा भी बंद कर देंगे.

    महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ बॉन्डेड रेजिडेंट डॉक्टर्स  भी मार्ड आंदोलन का समर्थन किया है. लेकिन मरीजों की देखभाल के कारण उन्होंने आंदोलन में भाग लेने को स्थगित करने का फैसला किया है.

    धनंजय मुंडे का मुख्यमंत्री को पत्र
    राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों में सेवारत सात हजार से अधिक रेजिडेंट डॉक्टर अपने वेतन, महंगाई भत्ता, पद निर्माण, कॉलेज में छात्रावास की समस्या सहित विभिन्न मांगों को लेकर आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. इसलिए धनंजय मुंडे ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर डॉक्टरों की मांगों पर विचार कर तत्काल समाधान निकालने का अनुरोध किया. वहीं बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डॉक्टरों के आंदोलन पर जो भी निर्णय करना है वह राज्य सरकार ही करेगी.

     

  • किशोरी पेडणेकर ने कहा था पार्टी कार्यालय बंद रखो, बीएमसी कमिश्नर ने खोली पोल

    किशोरी पेडणेकर ने कहा था पार्टी कार्यालय बंद रखो, बीएमसी कमिश्नर ने खोली पोल

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क
    मुंबई: बीएमसी मुख्यालय (BMC Headquarters) में शिवसेना पार्टी कार्यालय (Party’ Offices) पर कब्जा करने को लेकर शिंदे और ठाकरे गुट के बीच विवाद के बाद बीएमसी प्रशासन ने शिवसेना सहित सभी पार्टी कार्यालयों को सील कर दिया था. पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर ने हमें इस कार्यालय को बंद करने के लिए कहा था, इतना ही नहीं मनपा आयुक्त (BMC Commissioner) ने खुलासा किया कि कार्यालय बंद होने के बाद उन्होंने  मैसेज भेजकर धन्यवाद भी दिया था.

    मुंबई नगर निगम मुख्यालय में शिवसेना पार्टी के कार्यालय को शिंदे समूह द्वारा अपने कब्जे में लेने के प्रयास के बाद, ठाकरे गुट और शिंदे के नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी.  इस घटना के बाद शिवसेना, बीजेपी, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस, समाजवादी पार्टी के कार्यालयों को सील कर दिया गया.

    सोमवार को नगर निगम मुख्यालय में भाजपा के पूर्व गुट नेता प्रभाकर शिंदे, प्रवक्ता भालचंद्र शिरसट, पार्टी नेता विनोद मिश्रा के साथ भाजपा नगरसेवकों ने मुख्यालय स्थित अपने पार्टी कार्यालय के सामने बेंच पर बैठकर खुला पार्टी कार्यालय शुरू किया. भाजपा के पूर्व गुट नेता प्रभाकर शिंदे ने कहा कि चूंकि लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई कार्यालय नहीं है, इसलिए वह पार्टी कार्यालय के बाहर बैठकर लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे.

    पार्टी कार्यालय के बाहर बेंच पर बैठे भाजपा नेता
    पार्टी कार्यालय के बाहर बेंच पर बैठे भाजपा नेता

    भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम आयुक्त इकबाल सिंह चहल से मुलाकात कर पार्टी कार्यालय की सील हटाने की मांग की. करीब दस मिनट तक चली इस मुलाकात के दौरान मनपा आयुक्त ने कार्यालय बंद करने के राज का खुलासा कर दिया.आयुक्त ने कहा कि शिवसेना के पार्टी कार्यालय पर कब्जा करने के लिए विवाद के बाद, मेयर किशोरी पेडनेकर ने हमें रात 11 बजे शिवसेना सहित सभी पार्टी कार्यालयों को बंद करने के लिए कहा था. बाद में सुबह सभी पार्टी कार्यालयों को सील कर दिया गया.

     

    आयुक्त ने भाजपा प्रतिनिधिमंडल को बताया कि महापौर ने उन्हें धन्यवाद एसएमएस भी भेजा है. इस खुलासे से शिवसैनिकों की भौंहें तन गई हैं. जहां एक ओर पूर्व मेयर ने पार्टी कार्यालय बंद करने को कहा, वहीं अगले दिन शिवसेना सांसद विनायक राउत सहित कुछ वरिष्ठ नगरसेवकों ने नगर निगम आयुक्त से मुलाकात कर कार्यालय खोलने का अनुरोध किया. लिहाजा साफ है कि पार्टी कार्यालय खुला रखा जाए या नहीं, इस पर शिवसेना में मतभेद है. गौरतलब हो कि कार्यालय सील होने के महापौर किशोरी पेडणेकर आयुक्त से मिलने बीएमसी मुख्यालय भी आईं थीं लेकिन आयुक्त ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया. पेडणेकर ने मीडिया से बातचीत में पार्टी कार्यालय सील करने को सही ठहराया था.

  • मरीन ड्राइव से ईस्टर्न फ्री वे तक ट्विन टनल

    मरीन ड्राइव से ईस्टर्न फ्री वे तक ट्विन टनल

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई. महाराष्ट्र प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने मरीन ड्राइव ( Marine drive) से ईस्टर्न फ्री वे (Eastern Free Way) तक ट्विन टनल (Twin Tunal) बनाने के लिए टेंडर जारी किया है. सुरंग बनने के बाद आने वाले समय में दक्षिण मुंबई ( South Mumbai Traffic Jam)  में ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत छुटकारा मिल सकता है. इस्टर्न फ्री वे के ऑरेंज गेट से मरीन ड्राइव के बीच की दूरी 3.5 किमी है.

    ट्विन टनल निर्माण पर एमएमआरडीए 6,327 करोड़ खर्च करेगा. इसके लिए टेंडर जारी किया गया है. एमएमआरडीए कमिश्नर एसवीआर श्रीनिवास ने बताया कि अगले तीन-चार माह में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.
       30 मीटर जमीन के अंदर बनेगी सुरंग 
    भूमिगत सुरंग जमीन  के 30 मीटर भीतर से होकर गुजरेगी.  यह मुंबई का अब तक का सबसे लंबा टनल रोड होगा, जो वर्ष 2028 तक पूरा होगा. टनल को मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक रोड से भी जोड़ा जाएगा. इस टनल से दक्षिणी मुंबई के वाहनों को मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक तक जाना आसान होगा.
     कोस्टल रोड और ईस्टर्न फ्री वे जुड़ेगा मार्ग
    एमटीएचएल को कोस्टल रोड से जोड़ने के लिए शिवडी वर्ली तक फ्लाई ओवर का निर्माण किया जा रहा है. अब कोस्टल रोड और ईस्टर्न फ्री वे भी इससे जुड़ जाएगा जिससे दक्षिण मुंबई में ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी. इससे न केवल यात्रियों को ट्रैफिक से निजात मिलेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की दूरी भी कम होगी. उल्लेखनीय है कि शाम के समय शहीद भगत सिंह रोड पर ट्रैफिक जाम में कार ड्राइवरों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, उन्हें ईस्टर्न फ्री वे पर आने में एक घंटे से ज्यादा का समय लग जाता हैं.
        मुंबई पोर्ट अथॉरिटी की लेंगे मदद
    एमएमआरडीए आयुक्त एसवीआर श्रीनिवास ने कहा कि परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार है. एमएमआरडीए को मुंबई पोर्ट अथॉरिटी की जमीन के एक हिस्से की भी जरूरत होगी, जिसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. टनल का निर्माण चार
    साल में पूरा किया जाएगा. दो टनल में दो-दो लेन होंगे. फ्री वे के पास की जमीन मुंबई पोर्ट ट्रस्ट की है.
  • निवासी डॉक्टर हड़ताल, बीएमसी कमिश्नर की डीन के साथ बैठक खत्म/ इमरजेंसी, आईसीयू सेवा जारी रखने पर जोर

    निवासी डॉक्टर हड़ताल, बीएमसी कमिश्नर की डीन के साथ बैठक खत्म/ इमरजेंसी, आईसीयू सेवा जारी रखने पर जोर

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई. महाराष्ट्र में 7000 रेसिडेंट डॉक्टरों ( Maharashtra Resident Doctors Strike) की हड़ताल का बीएमसी अस्पतालों  (BMC Hospital) के 2000 डॉक्टर भी समर्थन दे रहे हैं. बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल ने सभी अस्पतालों के डीन की बैठक बुलाई थी जो अभी खत्म हो गई है. इस बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका. हालांकि बीएमसी अस्पतालों में इमरजेंसी और आईसीयू सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने पर जोर दिया गया.

    आज सुबह से ही निवासी डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं. अपनी मांगों को लेकर डॉक्टर अस्पताल गेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं जिससे मरीजों को भीतर नहीं जाने दिया जा रहा है. ओपीडी पूरी तरह से बंद है. इमरजेंसी सेवाओं के संचालन के लिए सीनियर डॉक्टर को तैनात किया गया है. फिलहाल आईसीयू सेवाओं में अभी कोई दिक्कत नहीं आई है.

    इस हड़ताल से वार्डों की सेवाएं भी कुछ हद तक प्रभावित हुई हैं. डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने के कारण वार्ड में भर्ती मरीजों की जिम्मेदारी नर्सों पर आ गई है. बीएमसी के केईएम, नायर, सायन, कूपर और अन्य अस्पतालों में डॉक्टरों के हड़ताल से उपजी परिस्थिति की समीक्षा करने के लिए बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल ने आज अतिरिक्त आयुक्त स्वास्थ्य डॉ संजीव कुमार, सभी अस्पतालों के डीन के साथ विचार विमर्श किया. लेकिन हड़ताल खत्म करने को लेकर कोई निर्णय नहीं हो सका. हालांकि इमरजेंसी सेवा हर हाल में शुरू रखने का निर्णय लिया गया.

    महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेसिडेंट डॉक्टर्स के पदाधिकारी प्रवीण ढगे ने कहा कि बीएमसी प्रशासन और अतिरिक्त आयुक्त संजीव कुमार की तरफ से बातचीत के नहीं बुलाए जाने से हड़ताल की स्थिति उत्पन्न हुई है. मंहगाई भत्ता, कोविड भत्ता, सहायक प्राध्यापकों के रिक्त पदों को भरने, छात्रावास जैसी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया. इसलिए हड़ताल का रास्ता अपनाया गया.

  • डॉक्टरों की हड़ताल का असर / ओपीडी बंद/ पहले दिन हुआ मरीजों का बुरा हाल

    डॉक्टरों की हड़ताल का असर / ओपीडी बंद/ पहले दिन हुआ मरीजों का बुरा हाल

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra Resident Doctors Strike) भर में आज सुबह से हड़ताल पर गए 7000 रेसिडेंट डॉक्टरों के कारण अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों का बुरा हाल रहा. सुबह ओपीडी बंद रहने के कारण मरीजों को वापस जाना पड़ा. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि ओपीडी में डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने केस पेपर भी नहीं दिया गया. डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सुबह से ही प्रदर्शन कर रहे हैं.

    इमरजेंसी का भी बुरा हाल 

    देर से आए सीनियर डॉक्टर इमरजेंसी सेवाएं संभाल रहे हैं लेकिन लेकिन सहायक डॉक्टरों के नहीं होने से उनके लिए भी मुश्किल हो रही है. बीएमसी के केईएम अस्पताल में डॉक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं. लोकमान्य तिलक अस्पताल के 450 रेसिडेंट डॉक्टर्स गेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं. गेट पर प्रदर्शन के कारण इमरजेंसी मरीजों को भीतर नहीं जाने दिया जा रहा है.

    डॉक्टरों की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी

     Maharashtra Association of Resident Doctors (मार्ड)  के अनुसार कई बार महाराष्ट्र सरकार एवं मुंबई महानगरपालिका के समक्ष अपनी मांगे उठाते रहे हैं. लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया. रेजिडेंट डॉक्टरों की मांग में लंबित महंगाई भत्ता और उसका तत्काल भुगतान शामिल हैं.  नायर हॉस्पिटल रेजिडेंट डॉक्टर का 8 महीने का कोविड पीरियड एरियर और केईएम और कूपर अस्पताल का दो माह का बकाया तत्काल भुगतान किया जाए. लेकिन सरकार ने डॉक्टरों की इन मूलभूत समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया है.
     रेजिडेंट डॉक्टरों की समस्या सिर्फ वेतन और महंगाई भत्ते तक ही सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश भर में रेजिडेंट डॉक्टरों को मिलने वाली सुविधाओं और सुविधाओं में भारी असमानता और समस्याएं हैं. सभी बीएमसी
    अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए पर्याप्त छात्रावास की सुविधा नहीं है. अतिरिक्त 1432  वरिष्ठ रेजिडेंट पदों के प्रावधान वाली फाइल महाराष्ट्र सरकार ने अटका रखी है.
     संबंध में मार्ड  के पदाधिकारी डॉ. प्रवीण ढगे बताया कि “मेडिकल टीचिंग स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों को भरने, महाराष्ट्र में सभी वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए समान वेतन की हमारी मांग को महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग के निदेशक तत्काल नहीं स्वीकार करते हैं तो हमें ओपीडी बंद करने का फैसला करना होगा. इसके अलावा हमारे पास और कोई रास्ता नहीं है.