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बीएमसी के मेगा रोड टेंडर का भाजपा ने किया विरोध, नगरसेवक मकरंद नार्वेकर बोले, दक्षिण मुंबई को टेंडर से रखो बाहर

मनपा आयुक्त अश्विनी भिडे को लिखी चिट्ठी

इनसाइट न्यूज स्टोरी

मुंबई।दक्षिण मुंबई के सड़कों के सीमेंट कांक्रीटीकरण (CC) के लिए BMC की ‘मेगा टेंडर’ पद्धति को रद्द कर ज़ोन-निहाय टेंडर निकालने की मांग कुलाबा के भाजपा नगरसेवक मकरंद नार्वेकर ने की है। इसको लेकर उन्होंने BMC आयुक्त अश्विनी भिडे को पत्र लिखा है।

8614 करोड़ का मेगा टेंडर
BMC ने रस्ते कांक्रीटीकरण के तीसरे चरण के लिए फिर से 8,614 करोड़ का मेगा टेंडर निकाला है। इसमें शहर, पूर्व और पश्चिम उपनगर के 1,261 रस्तों के 313 किलोमीटर और 176 रस्तों की 139 किमी साइड स्ट्रिप्स का काम शामिल है।

2023 से दो बार फेल हो चुका ठेकेदार
नार्वेकर ने पत्र में कहा है कि दक्षिण मुंबई में CC रोड का काम 2023 से ठेकेदारों की लगातार नाकामी से रुका पड़ा है।
पहले Roadways Solutions India Infra Ltd (RSIIL) को दिया गया कॉन्ट्रैक्ट शुरू ही नहीं हो पाया, इसलिए उसे रद्द करना पड़ा। फिर NCC Ltd को लाया गया, लेकिन उसे भी काम पूरा करने में दिक्कत आ रही है। इसलिए BMC ने उसके काम का दायरा घटा दिया है और अब उन अधूरे रस्तों को फिर से नए मेगा टेंडर में डाल दिया है।

दक्षिण मुंबई की अलग चुनौतियां
नार्वेकर ने कहा, “दक्षिण मुंबई में दो बार फेल हो चुका मॉडल फिर नहीं चलेगा।”
उपनगरों के मुकाबले दक्षिण मुंबई की रचना अलग है:
– संकरे रस्ते और गलियां
– गाड़ियों और लोगों की भारी भीड़
– बार-बार VIP सुरक्षा प्रतिबंध
– मशीन और मटेरियल रखने के लिए जगह की कमी
– जमीन के नीचे यूटिलिटी लाइनों का जाल

इसलिए एक बड़े ठेकेदार से नहीं, बल्कि वार्ड या ज़ोन के हिसाब से छोटे-छोटे पैकेज में काम बांटना जरूरी है।

ज़ोन-वाइज टेंडर से क्या फायदा?
नार्वेकर के मुताबिक, इससे काम तेज होगा, जवाबदेही तय होगी और अगर कोई ठेकेदार फेल होता है तो तुरंत दूसरा विकल्प लाया जा सकेगा।

नार्वेकर ने कहा, “मैं 2023 से लगातार पत्र लिख रहा हूं। 100% कांक्रीटीकरण के BMC के लक्ष्य का समर्थन है, लेकिन मेगा टेंडर निकालो, फिर नया ठेकेदार लाओ, फिर वो भी काम शुरू न करे, इसमें सालों बर्बाद होते हैं। ज़ोन-वाइज टेंडर से काम तेजी से पूरा होगा।

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