बोरीवली केस में बड़ा एक्शन: BMC की कानून अधिकारी कोमल पंजाबी जबरन छुट्टी पर भेजी गईं,
ज्वाइंट लॉ अधिकारी को सुखश्री मोदले को मिला चार्ज

इनसाइट न्यूज स्टोरी
मुंबई। बोरीवली पूर्व के अतिक्रमण प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद BMC प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बीएमसी की विधि अधिकारी कोमल राजेश पंजाबी को जबरन छुट्टी (Compulsory Leave) पर भेज दिया गया है और उनसे विधि विभाग का चार्ज वापस ले लिया गया है। अब विधि अधिकारी का चार्ज ज्वाइंट लॉ अधिकारी सुखश्री मिलिंद मोदले को सौंपा गया है। (Borivali Encroachment Case )
सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को आदेश जारी कर विधि विभाग का अतिरिक्त कार्यभार संयुक्त कानून अधिकारी सुखश्री मिलिंद मोदले को सौंप दिया है।
क्या है पूरा मामला?
बोरीवली पूर्व में एक भूखंड पर अतिक्रमण हटाकर बस डिपो शुरू करना था, लेकिन BMC तय समय पर कार्रवाई नहीं कर पाई। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कड़ी नाराजगी जताते हुए टिप्पणी की थी कि “अतिक्रमणकारियों से पालिका की मिलीभगत लगती है।”
कोर्ट ने पहले 13 अगस्त 2025 को 3 महीने में अतिक्रमण हटाने को कहा था, फिर 13 नवंबर 2025 को डेडलाइन बढ़ाकर 28 जुलाई 2026 कर दी थी। इसके बावजूद जमीन खाली नहीं हुई।
सूत्रों के अनुसार, इस केस की सही जानकारी और कोर्ट अपडेट समय पर प्रशासन और जन प्रतिनिधियों को नहीं दी गई। उपमहापौर संजय घाडी और विधि समिति अध्यक्ष दीक्षा कारकर की अध्यक्षता में हुई विधि विभाग की बैठक में कोमल पंजाबी के कामकाज पर जमकर नाराजगी जताई गई थी, जिसके बाद अब जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया।
इस मामले में लॉ अधिकारी कोमल पंजाबी और आर मध्य विभाग के सहायक मनपा आयुक्त डॉ प्रफुल्ल तांबे को बीएमसी आयुक्त ने गुरुवार को शोकॉज नोटिस जारी किया था। शुक्रवार को विधि समिति की अध्यक्षता में हुई बैठक में कोमल पंजाबी को एक महीने के लिए जबरन अवकाश पर भेज दिया गया।



