मुंबई में मुस्लिम आबादी बढ़ने से भाजपा में चिंता, किरीट सोमैया ने CM से की डेमोग्राफिक कमेटी बनाने की मांग
हिंदू बच्चों की जन्मदर 3 के मुकाबले मुस्लिम पैदा कर रहे 2 बच्चे

इनसाइट न्यूज स्टोरी
मुंबई। मुंबई में हिंदू और मुस्लिम जन्म दर के आंकड़ों को लेकर भाजपा में चिंता बढ़ गई है। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने दावा किया है कि मुंबई का डेमोग्राफिक बैलेंस तेजी से बदल रहा है और अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो मुंबई ‘मुस्लिम मुंबई’ बनने की ओर बढ़ सकती है। ( Devendra fadnavis Demographic Committee, Mumbai Birth Data 2025)
सोमैया ने पेश किए जन्म के आंकड़े
सोमैया के मुताबिक BMC के जन्म डेटा में चौंकाने वाला अंतर दिखा है। साल 2025 में: मुंबई में 70,380 हिंदू बच्चों का जन्म हुआ, वहीं 48,554 मुस्लिम बच्चों का जन्म हुआ। यानी रेश्यो करीब 3:2 रहा।
– पिछले 5 साल में 3,36,625 हिंदू बच्चों के मुकाबले 2,20,754 मुस्लिम बच्चों का जन्म हुआ।
सोमैया का कहना है कि मुंबई की कुल आबादी में मुस्लिम हिस्सेदारी करीब 20 फीसदी है, लेकिन जन्म दर में हिस्सेदारी 40 फीसदी तक पहुंच गई है। यह सामान्य नहीं है।
बांग्लादेशी घुसपैठ से जोड़ा कनेक्शन
सोमैया ने इस बढ़ती जन्म दर को अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ और फर्जी जन्म प्रमाण पत्र घोटाले से जोड़ते हुए कहा है कि 2024 में कानून बदलने के बाद महाराष्ट्र में 2.24 लाख लोगों को तहसीलदार स्तर से जन्म प्रमाण पत्र दिए गए, जिनमें से 97% एक ही समुदाय के थे। बाद में सरकार ने हजारों सर्टिफिकेट रद्द भी किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से मुंबई के बर्थ रेश्यो में बड़ा बदलाव दिख रहा है।
सोमैया ने कहा कि मामला सिर्फ जन्म दर का नहीं, बल्कि मुंबई की सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा है। इसलिए सरकार को तुरंत डेमोग्राफिक कमेटी बनाकर पूरे मामले की गहन जांच करनी चाहिए।




