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रानी बाग में 12 साल बाद फिर गूंजेगी दहाड़, गुजरात से आएंगे 4 बब्बर शेर

इनसाइट न्यूज स्टोरी

मुंबई। मुंबई के रानी बाग में 12 साल बाद फिर शेर की दहाड़ गूंजने वाली है। इसके लिए मुंबई की महापौर रितु राजेश तावडे आज गुजरात दौरे पर हैं। वे आज शाम 4:30 बजे गांधीनगर में सीएम भूपेंद्र पटेल से मुलाकात कर सिंहों की जोड़ी देने का अनुरोध करेंगी।

जूनागढ़ के सक्करबाग जू से 2 नर और 2 मादा एशियाई शेरों की जोड़ी लाने का प्लान है। (Asiatic lions Junagadh to Mumbai )

कैसे खाली हो गया था पिंजरा?
रानी बाग यानी वीरमाता जिजाबाई उद्यान, जो 1861 में बना था, कभी शेरों के लिए मशहूर था। यहां आखिरी शेर था जिमी। जिमी का जन्म 1998 में रानी बाग में ही हुआ था। पिता था अफ्रीकन शेर अमर और मां एशियाई शेरनी अनीता। 16 साल तक वह मुंबईकरों का चहेता रहा। 8 दिसंबर 2014 को बीमारी से उसकी मौत हो गई। तब से रानी बाग में शेरों का पिंजरा खाली है।

यह खबर भी पढ़े – Cheetah: मुंबई मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में चीतों को जगह मिलने के बाद मुंबई महानगर पालिका ने मुंबई के वीरमाता जीजाबाई भोसले पार्क और जूलॉजिकल म्यूजियम (Ranibag)  में चीतों को लाने की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की जाने वाली है. अंतिम मंजूरी मिलने के बाद चीतों को लाने की प्रक्रिया शुरू होगी. चीता का पिंजरा और अन्य प्रक्रियाओं के लिए समय और अनुमोदन प्रक्रिया में लगभग ढ़ाई साल लगेंगे

बीएमसी ने कई बार कोशिश की। एक बार जेब्रा के बदले शेर लाने की बात चली, फिर पेंग्विन के बदले, पर बात नहीं बनी। 23 हजार स्क्वायर फीट का नया पिंजरा 2022 से बनकर तैयार है, पर अब तक खाली है।

अब महापौर खुद गुजरात गई हैं। अगर इस बार हां हो गई तो दिवाली से पहले मुंबईकरों को रानी बाग में फिर शेर देखने को मिलेंगे। रानी बाग मुंबई में मनोरंजन का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां पर बाघ,लेपर्ड,मगर,घडियाल जैसे जानवर है लेकिन पर्यटकों को शेर की कमी खल रही है।

इससे पहले मुख्यमंत्री स्तर पर सिंह लाने के लिए पत्र व्यवहार किया गया था लेकिन सकारात्मक उत्तर नहीं मिला। केंद्रीय अभ्यारण्य नियमों की बाधा भी बड़ी वजह है जिसमें जानवरों की खरीद फरोख्त पर प्रतिबंध है। केवल जानवरों के लेन देन के बाद ही सिंह को प्राप्त किया जा सकता है।

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