दिया मिर्जा प्रकरण: हाईकोर्ट ने भाजपा और मनपा को लगाई फटकार, वीडियो फिर से अपलोड करने का दिया आदेश

इनसाइट न्यूज स्टोरी
मुंबई। दिवाली पर पटाखा-मुक्त अभियान को लेकर अभिनेत्री दिया मिर्जा के वीडियो पर छिड़े विवाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सव संज्ञान लेते हुए मंगलवार को भाजपा नेताओं और बीएमसी दोनों को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि वह इस पूरे मामले से “गहरे दुख और नाराजगी में है। कोर्ट ने भाजपा को दिया मिर्जा से माफी मांगने और बीएमसी को दिया मिर्जा का हटाया गया वीडियो तुरंत अपने सोशल मीडिया पर फिर से अपलोड करने का आदेश दिया है। (Dia Mirza, Bombay High)
क्या है पूरा मामला?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने वायु प्रदूषण को देखते हुए सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथों पर पटाखे फोड़ने पर रोक लगाई थी। इसी आदेश के पालन में बीएमसी ने दिवाली पर इको-फ्रेंडली अभियान शुरू किया और कई सेलिब्रिटीज – माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड, क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे और दिया मिर्जा – के वीडियो बनाए।
दिया मिर्जा ने वीडियो में कहा था – “हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे फोड़ना मना है, कृपया प्रदूषण से बचें।”
इस वीडियो पर 2 नवंबर को मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने आपत्ति जताई। उन्होंने X पर लिखा – “हमें दिया मिर्जा से दिवाली मनाना सीखने की जरूरत नहीं है।” इसके बाद मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने दिया मिर्जा को “हिंदू विरोधी” बताया और कहा कि वह 100% ब्लैकलिस्टेड हैं। इसके तुरंत बाद बीएमसी ने सिर्फ दिया मिर्जा का वीडियो अपने X और Instagram से हटा दिया, जबकि बाकी सेलिब्रिटीज के वीडियो बने रहे।
हाईकोर्ट में आज क्या हुआ?
आज 3 नवंबर को जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की बेंच ने इस मामले का स्वत: संज्ञान (suo motu PIL) लिया।
कोर्ट ने कहा:
– “यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी छोटी मानसिकता? हमें गहरा दुख हुआ है। यह knee-jerk reaction था।”
– “कोई व्यक्ति पर्यावरण के लिए आगे आता है और उसे ही डांटा जाता है।”
– “भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। त्योहार सबके लिए है। किसी को भी उसके धर्म के कारण त्योहार से अलग नहीं किया जा सकता। कोई कैसे कह सकता है कि आप इस धर्म के हैं इसलिए आप भाग नहीं ले सकते?”
– “यह विशुद्ध रूप से पर्यावरण का मुद्दा है। हर व्यक्ति एक ही हवा में सांस ले रहा है, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का हो।”
कोर्ट ने यह भी कहा कि *बीएमसी आयुक्त का सेलिब्रिटी चुनना बिल्कुल सही था* और बीएमसी को ऐसा वीडियो हटाना नहीं चाहिए था।
कोर्ट ने अंतिम आदेश दिया – “अगर कोई गुडविल मैसेज हटाया गया है तो उसे फिर से अपलोड करना आदर्श होगा और लोगों का विश्वास बहाल करना होगा।”
इस आदेश के बाद अब बीएमसी को दिया मिर्जा का वीडियो फिर से अपलोड करना होगा। शिवसेना (UBT) के आदित्य ठाकरे ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।




