RBI का बड़ा ऐलान बैंक ग्राहकों के लिए बदल गए नियम, अब एक ही जगह दिखेगा सारा पैसा
शेयर बाजार में आया भारी उछाल

इनसाइट न्यूज स्टोरी
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के वित्तीय सेक्टर में एक और बड़ा कदम उठाते हुए 7 अक्टूबर को एक नई और महत्वपूर्ण व्यवस्था का ऐलान किया है। केंद्रीय बैंक ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी अकाउंट एग्रीगेटर्स (NBFC-AA) के बीच इंटरऑपरेबिलिटी लागू करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।
क्या बदलेगा ग्राहकों के लिए?
अभी तक अगर आपका डेटा अलग-अलग AA ऐप पर था, तो आपको उसी ऐप से शेयर करना पड़ता था। नए नियम के बाद आप किसी भी एक लाइसेंस प्राप्त अकाउंट एग्रीगेटर ऐप पर रजिस्टर हैं, तो आप अपना डेटा किसी भी बैंक, लेंडर या वेल्थ मैनेजर के साथ शेयर कर सकेंगे, चाहे वो किसी भी AA का इस्तेमाल कर रहा हो। यह सिस्टम बिल्कुल UPI की तरह काम करेगा और डेटा का बंटवारा खत्म होगा।
CAS में भी बड़ा बदलाव
RBI ने बताया कि SEBI रेगुलेटेड डिपॉजिटरी अब आपके Consolidated Account Statement (CAS) में बैंक डिपॉजिट की जानकारी भी जोड़ेंगी। इससे डीमैट अकाउंट होल्डर्स को अपने शेयर, म्यूचुअल फंड और बैंक में जमा पैसा – सब एक ही स्टेटमेंट में दिखेगा। जिनके पास डीमैट नहीं है, वो AA के जरिए अपनी पूरी जानकारी देख पाएंगे। RBI के मुताबिक दोनों उपाय 31 दिसंबर 2026 तक लागू कर दिए जाएंगे।
साथ ही RBI ने फाइनेंशियल मार्केट के लिए एक टेक्निकल कंसल्टेटिव कमेटी बनाने का भी ऐलान किया है, जो मनी मार्केट, सरकारी सिक्योरिटी और फॉरेक्स मार्केट से जुड़े पॉलिसी मामलों पर चर्चा करेगी।




