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  • 30 सितंबर से देश के अत्याधुनिक एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगे हवाई जहाज, मुख्यमंत्री ने की कार्यों की समीक्षा

    30 सितंबर से देश के अत्याधुनिक एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगे हवाई जहाज, मुख्यमंत्री ने की कार्यों की समीक्षा

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई। देश के अत्याधुनिक एयरपोर्ट से 30 सितंबर को हवाई जहाज उड़ान भरने लगेंगे। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों किया जाएगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का 94 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इस हवाई अड्डे का नाम दि वा पाटिल के नाम पर रखा गया है। (From September 30, airplanes will take off from the country’s most modern airport, Chief Minister reviewed the works)

    फडणवीस ने कहा कि हमने यात्रियों के सामान संभालने की प्रक्रिया का भी निरीक्षण किया है। जिसमें सामान के बारकोड को 360 डिग्री स्कैनिंग प्रणाली द्वारा पढ़ा जा सकता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि सामान सही जगह पर पहुंचे। हमने अधिकारियों से कहा है कि इस हवाई अड्डे में समान दावा प्रणाली न केवल देश में, बल्कि पूरे विश्व में सबसे तेज होना चाहिए और इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

    पहले चरण में एक रनवे का उपयोग किया जाएगा।  जब हवाई अड्डा दो रनवे के साथ तैयार हो जाएगा, तो इसकी क्षमता सालाना नौ करोड़ यात्रियों को संभालने की होगी। फडणवीस ने कहा कि यह हवाई अड्डा पूरी तरह से आधुनिक प्रणालियों से सुसज्जित होगा। यहि मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कई गुना बड़ा होगा। यह देश का सबसे आधुनिक हवाई अड्डा होगा। क्यों हमें (परियोजना का उद्घाटन करने के लिए) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से समय लेना है, इसलिए हमने 30 सितंबर का लक्ष्य रखा है।

    14 हजार श्रमिक हर दिन कर रहे काम 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 सितंबर 2025 तक हवाई अड्डे पर विमानों के संचालन के लिए 13 हजार से 14 श्रमिक हर दिन काम कर रहे हैं। हमने अधिकारियों से 30 सितंबर तक उनकी संख्या डेढ़ गुना या दोगुनी करने को कहा है। अन्य लाइसेंस पूरे हो चुके हैं, लेकिन वाणिज्यिक संचालन के लिए सभी काम पूरे होने हैं। उन्होंने कहा व्यावसायिक लाइसेंस प्राप्त करने का काम भी साथ-साथ किया जा रहा है, ताकि 30 सितंबर तक, या उस समय के आसपास, जब भी प्रधानमंत्री समय दें, हम परियोजना का उद्घाटन कर सकें और वाणिज्यिक परिचालन शुरू कर सकें।

    हवाई अड्डे का विकास एक विशेष प्रयोजन निकाय नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (New Mumbai International Airport) द्वारा किया जा रहा है। इस निकाय में अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) और सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ महाराष्ट्र (सिडको) की हिस्सेदारी 74 प्रतिशत है।

    पीएम ने रखी थी आधारशिला 

    प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2018 में नये हवाई अड्डे की आधारशिला रखी थी, जो 16,700 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा है। इसका उद्देश्य सीमित क्षमता वाले मुंबई हवाई अड्डे पर भीड़भाड़ को कम करना और देश में हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को पूरा करना है। फडणवीस ने कहा, इस हवाई अड्डे की कई विशेषताएं हैं। यह पूरी तरह से नया हवाई अड्डा है, जहां 37 मेगावाट हरित ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। सभी वाहन या तो इलेक्ट्रिक होंगे या वैकल्पिक ईंधन और टिकाऊ विमानन ईंधन से चलेंगे, जिसका बड़े पैमाने पर विकास किया जा रहा है। नए हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए परिवहन साधनों को सुगम बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि  हवाई अड्डे के लिए एक विस्तृत संपर्क योजना तैयार की है। अटल सेतु को कोस्टल रोड से जोड़ने का काम अगले साल मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है। ठाणे से सीधा फ्लाईओवर का सुझाव दिया गया है और वह काम भी जल्द ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे को चारों दिशाओं से उपनगरीय रेलवे, मेट्रो या जल परिवहन सहित परिवहन के सभी साधनों से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि यात्रियों के लिए वहां पहुंचना आसान हो सके।

    शनिवार को एयरपोर्ट की समीक्षा के समय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और गणेश नाइक भी मौजूद थे। देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि हमने रनवे से लेकर टर्मिनल भवन तक के काम की प्रगति पर एक विस्तृत प्रस्तुति देखी और उससे संबंधित सभी जानकारी प्राप्त की। लगभग 94 प्रतिशत जमीनी काम पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि हवाई पट्टी पूरी तरह से तैयार है और टर्मिनल भवन का काम लगभग पूरा हो चुका है, आंतरिक कार्य अभी चल रहा है।बाहरी अग्रभाग और बाहरी छत का काम तेजी से पूरा करने की जरूरत है। बाकी काम भी तेजी से चल रहे हैं।

  • यात्रियों के लिए काल बनती जा रही बेस्ट की वेटलीज बसें, गोरेगांव में ट्रक से भिड़ी बस छह यात्री गंभीर रूप से जख्मी

    यात्रियों के लिए काल बनती जा रही बेस्ट की वेटलीज बसें, गोरेगांव में ट्रक से भिड़ी बस छह यात्री गंभीर रूप से जख्मी

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई। बेस्ट प्रशासन बसों का निजीकरण कर रहा है। बेस्ट बेडे में ज्यादातर बसें कंपनियों से करार के माध्यम से चलाई जा रही हैं। अब यही बसें यात्रियों के लिए काल बनती जा रही है। आज सुबह गोरेगांव में बेस्ट की बस ट्रक से जा भिड़ी जिसमें छह यात्री गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। (BEST’s wet buses are becoming a death trap for passengers, six passengers seriously injured in a bus collision with a truck in Goregaon) 

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हादसा वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर सुबह करीब 6:15 बजे हुआ । बस बोरीवली से अंधेरी की ओर जा रही थी । गोरेगांव इलाके में वनराई पुलिस स्टेशन की सीमा से गुजरते समय बेस्ट ड्राइवर ने बस से नियंत्रण खो दिया । इस समय बस तेज रफ्तार में थी। नियंत्रण खोने के कारण बेस्ट बस ने पीछे से एक ट्रक में टक्कर मार दी । टक्कर के कारण बस में सवार  छह यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए जोगेश्वरी के हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया है ।

    इस दुर्घटना में बेस्ट बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। टक्कर के कारण ट्रक का पिछला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है । टक्कर बहुत ज़ोरदार थी। इसके कारण दोनों वाहनों के कुछ हिस्से टूटकर सड़क पर गिर गए। सुबह का समय होने के कारण बेस्ट बस में कम यात्री थे । इस कारण एक बड़ा हादसा टल गया । वनराई पुलिस स्टेशन में बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस ने बेस्ट बस के चालक को हिरासत में ले लिया है ।

    बेस्ट प्रशासन का कहना है कि इस हादसे में आरिफ शाहिद हुसेन (66) सीताराम गायकवाड़ (60) भारती मंडवकर (56) सुधाकर रावले (57) पुछिया नरेश कानपोछे (30) अमित यादव (35) घायल हुए हैं जिनका इलाज किया जा रहा है।

    कुर्ला बस दुर्घटना के बाद से बेस्ट की वेटलीज बसों से लगातार दुर्घटना हो रही है। वेटलीज बसों के ड्राइवर निजी कंपनियों के होते हैं जो गैर जिम्मेदाराना तरीके से बसों को चलाते हैं। इस कारण दुर्घटना का स्तर भी बढ़ रहा है। बेस्ट प्रशासन इस पर रोक लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। दुर्घटना में बेस्ट बस ड्राइवर और कंडक्टर दोनों भी बुरी तरह घायल हैं।

  • मुंबई में पड़ जाएंगे वडा पाव के लाले, लकड़ी कोयले से चलने वाली बेकरियों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी में बीएमसी

    मुंबई में पड़ जाएंगे वडा पाव के लाले, लकड़ी कोयले से चलने वाली बेकरियों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी में बीएमसी

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई।  मुंबई में कोयले और लकड़ी से चलने वाली बेकरियों पर बीएमसी बड़े एक्शन की तैयारी में है। हाईकोर्ट और बीएमसी के सख्त निर्देश के बाद भी बड़ी संख्या में बेकरी मालिक अपनी बेकरियों को हरित ऊर्जा में परिवर्तित करने में नाकाम रहे हैं। इसलिए बीएमसी इन बेकरियों को सील कर सकती है। इतने बड़े स्तर पर बीएमसी की कार्रवाई हुई तो मुंबई में वड़ा पाव के लाले पड़ जाएंगे। बुधवार को मुंबई हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। बेकरी मालिकों ने हाईकोर्ट से मोहलत देने की मांग की। हाईकोर्ट ने केवल 15 दिन की मोहलत देते हिदायत दी के इस समय-सीमा के भीतर अपनी बेकरियों को पीएनजी गैस अथवा इलेक्ट्रिक में परिवर्तित कर लें। (There will be shortage of Vada Pav in Mumbai, BMC is preparing to take big action against bakeries run on wood and coal)

    हाईकोर्ट ने दी 15 दिन की मोहलत 

    बुधवार को इस मामले की सुनवाई जस्टिस मकरंद कर्णिक और जस्टिस नितिन बोरकर की बेंच में हुई। बेंच ने बीएमसी से पूछा अब तक इन बेकरियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। कोर्ट ने बीएमसी से 15 दिन के भीतर कार्रवाई का स्टेटस और एक्शन प्लान मांगा है।

    187 बेकरियों में लगा हरित ऊर्जा 

    मुंबई में कुल 572 बेकरी हैं जिनमें कोयले, लकड़ी, कागज, प्लाईवुड जला कर पाव, टोस्ट आदि बनाए जाते हैं। अब तक 187 बेकरी मालिकों ने अपनी बेकरी को हरित ऊर्जा में परिवर्तित किया है। जबकि 300 से अधिक बेकरी मालिकों ने हरित ऊर्जा का उपयोग करने में नाकाम रहे हैं।

    बेकरियां होंगी सील!

    इस मामले में बीएमसी अधिकारी ने बताया कि बेकरी मालिकों को अपनी बेकरियों में हरित ऊर्जा में परिवर्तित करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। कोर्ट की सख्ती के बाद हमारे पास बेकरियों को सील करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। 15 दिन के भीतर यदि बेकरियों को सीएनजी, पीएनजी गैस या इलेक्ट्रिक में नहीं बदला गया तो हम कठोर कार्रवाई करेंगे। इन पर एक्शन के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है।

    मुंबई में बडा पाव, ब्रेड , बटर सहित अनेक फास्ट फूड बेकरी प्रोडक्ट पर निर्भर रहते हैं। यदि बीएमसी का एक्शन होता है तो मुंबई वासियों को वड़ा पाव के लिए तरसना पड़ जाएगा। हजारों की संख्या में स्टॉल और दुकानों में वड़ा पाव, समोसा पाव की बिक्री की जाती है। बीएमसी की कार्रवाई के बाद पाव का शार्टेज होना तय है। साथ ही कीमत भी बढ़ने का अंदेशा जताया जा रहा है।

     

  • मोडक सागर जलाशय भी हुआ ओवरफ्लो, आज सुबह जलाशय का गेट एक फीट खोला गया, आस पास के गांवों को जारी की चेतावनी

    मोडक सागर जलाशय भी हुआ ओवरफ्लो, आज सुबह जलाशय का गेट एक फीट खोला गया, आस पास के गांवों को जारी की चेतावनी

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई। मध्य वैतरणा जलाशय के बाद आज सुबह मोडक सागर जलाशय भी ओवरफ्लो हो गया। यह मुंबई शहर को जलापूर्ति करने वाला सात जलाशयों में से एक है। (Modak Sagar reservoir also overflowed, the reservoir gate was opened one feet this morning, warning issued to nearby villages)

    बीएमसी जल विभाग के अनुसार मोडक सागर जलाशय बुधवार सुबह 6.27 बजे लबालब भर गया। जलाशय का एक गेट एक फीट खोल दिया गया। प्रति सेकंड 1022 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इतनी अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने को लेकर ठाणे जिले प्रशासन ने जलाशय के आस पास के गांवों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।

    इस वर्ष जलाशय क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण जलाशय जल्द ओवरफ्लो हो रहे हैं। जबकि आम तौर पर मुंबई में स्थित तुलसी और विहार जलाशय छोटे होने के कारण पहले ओवरफ्लो होते थे।

  • ऑपरेशन ‘सिंदूर’ रखा गया कर्नांक ब्रिज का नाम 10 जुलाई को होगा लोकार्पण

    ऑपरेशन ‘सिंदूर’ रखा गया कर्नांक ब्रिज का नाम 10 जुलाई को होगा लोकार्पण

    ऑपरेशन ‘सिंदूर’ रखा गया कर्नांक ब्रिज का नाम

    10 जुलाई को होगा लोकार्पण

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई। दक्षिण मुंबई के पूर्व-पश्चिम भागों को जोड़ने वाले कर्नांक ब्रिज का नामकरण ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर रखा गया है। इस ब्रिज का उद्घाटन गुरुवार, 10 जुलाई, 2025 को सुबह 10 बजे किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ब्रिज का उद्घटान करेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे , अजीत पवार , विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर सहित अन्य नेता और मनपा अधिकारी मौजूद रहेंगे। (carnac Bridge named Operation ‘Sindoor’ will be inaugurated on July 10)

    पहलगाम आतंकी हमले में सुहागन महिलाओं का सिंदूर उजाड़ने वाले  आतंकियों को पालने वाले पाकिस्तान के खिलाफ  भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चला कर पाकिस्तान की मिट्‌टी  पलीद कर दी थी। 100 वर्ष पुराने कर्नांक ब्रिज के पुनर्निर्माण के बाद महाराष्ट्र सरकार ने इस ब्रिज का नामकरण सिंदूर के नाम पर किया है।

    मस्जिद बंदर रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर स्थित दक्षिण मुंबई के पूर्व और पश्चिम भागों को जोड़ने वाला यह पुल दोनों दिशाओं में यातायात की अनुमति देकर नागरिकों को सुविधाजनक विकल्प प्रदान करेगा।

    इस परियोजना के अंतर्गत 19 अक्टूबर 2024 को दक्षिण की ओर 550 मीट्रिक टन वजनी लौह बीम तथा 26 व 30 जनवरी 2025 को उत्तर की ओर लौह बीम को रेलवे क्षेत्र में ले जाने की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण की गई। परिवहन एवं विद्युत आपूर्ति दोनों घटकों में मध्य रेल प्रशासन द्वारा लिए गए विशेष ब्लॉकों के बीच बीम को सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक ले जाया गया। 550 मीट्रिक टन वजनी लौह बीम की एसेंबली जमीन से 8 से 9 मीटर की ऊंचाई पर पूर्ण की गई, उसे रेलवे क्षेत्र के ऊपर 58 मीटर ऊपर ले जाना, लगभग 2 मीटर की ऊंचाई से नीचे उतारना तथा आरसीसी सपोर्ट पिलर पर रखना सिविल इंजीनियरिंग के नजरिए से काफी चुनौतीपूर्ण एवं जोखिम भरा था। इसके लिए विशेष विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लिया गया। पूर्वी तरफ का पूरा काम, यानी नींव से लेकर डामरीकरण तक का काम महज 4 महीने में पूरा कर लिया गया है।

    बीएमसी के ब्रिज विभाग के समन्वय से सिंदूर ब्रिज का निर्माण, सिविल कार्य और सहायक कार्य पूरे हो चुके हैं। पुल की भार क्षमता, स्थिरता और सुरक्षा की जांच के लिए लोड टेस्ट किया जा चुका है। पुल के दोनों तरफ एप्रोच रोड, कंक्रीट, मैस्टिक, सड़क पर एंटी-क्रैश बैरियर, पेंटिंग और अलाइनमेंट जैसे सभी काम पूरे हो चुके हैं और पुल यातायात के लिए उपलब्ध है। पुल के संचालन के लिए बीएमसी को रेलवे विभाग से संरचनात्मक स्थिरता प्रमाण पत्र, सुरक्षा प्रमाण पत्र और अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल चुका है। कुल मिलाकर सिंदूर (पूर्व में कर्नाक) ब्रिज यातायात के लिए खोलने के लिए तैयार है।

    सिंदूर ब्रिज के पुनर्निर्माण के लाभ –

    – मुंबई शहर के दक्षिण में पी. डी‘मेलो रोड के साथ बंदरगाह क्षेत्र और क्रॉफर्ड मार्केट, कालबादेवी, धोबी तालाब के वाणिज्यिक क्षेत्रों को रेलवे के माध्यम से पूर्व-पश्चिम से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी।
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    पुल के पुनर्निर्माण से पूर्व-पश्चिम यातायात की सुविधा मिलेगी, जो लगभग 10 वर्षों से बाधित है।
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    पुल के चालू हो जाने पर, इससे पी. डिमेलो रोड पर यातायात की भीड़ कम करने में मदद मिलेगी, विशेष रूप से वालचंद हीराचंद रोड और शहीद भगत सिंह रोड के जंक्शन पर।
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    पुल के पुनर्निर्माण से यूसुफ मेहर अली मार्ग, मोहम्मद अली मार्ग, सरदार वल्लभभाई पटेल मार्ग, काजी सैयद मार्ग पर यातायात आसान हो जाएगा।

     

  • मनपा जलाशयों में अक्टूबर  तक जमा हुआ पानी, 10 वर्षों में सबसे ज्यादा पानी जमा होने का बना रिकॉर्ड

    मनपा जलाशयों में अक्टूबर तक जमा हुआ पानी, 10 वर्षों में सबसे ज्यादा पानी जमा होने का बना रिकॉर्ड

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई। मुंबई महानगरपालिका को जलापूर्ति करने वाले सात जलाशयों में 50.75 प्रतिशत पानी जमा हो गया। यह पानी अक्टूबर तक के लिए पर्याप्त है। 23 मई से बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। खास कर जलाशय क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने से जल भंडार में तेजी से वृद्धि हो रही है। बीएमसी जल विभाग के अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष जलाशयों में जितनी तेजी से पानी जमा हुआ है पिछले 10 वर्षों में इतना जल भंडारण नहीं हुआ था। जल भंडारण का यह नया रिकॉर्ड बना है। (Water accumulated in municipal reservoirs till October, record of maximum water accumulation in last 10 years)

    मुंबई की जलापूर्ति  मानसून के समय सात जलाशयों में जमा होेने वाले पानी पर निर्भर है। जिस वर्ष कम बारिश होती है तो मुंबईकरों को पानी कटौती का सामना करना पड़ता है। मुंबई को प्रतिदिन 4200 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति होती है। यहां तेजी से हो रहे विकास के कारण पानी की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। एसआरए, म्हाडा, के अलावा पुरानी इमारतों का रीडेवलमेट चल रहा है। पुरानी इमारतों की जगह हाईराइज इमारतें ले रही हैं। इससे पानी की मांग लगतार बढ़ रही है। इस समस्या से निपटने के लिए बीएमसी के पास कोई दूसरा उपाय नहीं है। गारगाई प्रोजेक्ट को अब तक वाइल्ड लाईफ की अनुमति नहीं मिली है। करीब  3 लाख पेड़ काटे जाने हैं। उन पेड़ों के बदले दूसरी जगह पेड लगाने के लिए जगह नहीं मिल रही है। इसके अलावा समुद्र के खारे पानी को मीठा बनाने की योजना में कोई प्रगति नहीं देखी जा रही है।

    अधिकारी ने कहा कि सात जलाशयों अपर वैतरणा, मध्य वैतरणा, मोडक सागर, तानसा, भातसा, तुलसी और विहार में जल भंडारण की कुल क्षमता 14 लाख 47 हजार 363 मिलियन लीटर की है। 3 जुलाई तक जलाशयों में 7 लाख 34 हजार562 मिलियन लीटर पानी जमा हुआ है। मनपा जलाशयों में जमा कुल पानी केवल 8 महीनों के लिए ही पूरा होता है। इसी में मुंबई, ठाणे और भिवंडी को भी पानी सप्लाई की जाती है। ठाणे और भिवंडी को प्रतिदिन 200 मिलियन लीटर पानी आपूर्ति की जाती है। मुंबई में पानी की आवश्यकता और मांग के बीच अंतर बढ़ता जा रही है। जल्द नए प्रोजेक्ट नहीं बनाए गए तो आने वाले समय में पानी को लेकर मुंबई को अधिक परेशानी उठानी पड़ सकती है।

    अपर वैतरणा में 66.38 प्रतिशत 

    मोडक सागर में 63. 17 प्रतिशत 

    तानसा में 46.85 प्रतिशत

    मध्य वैतरणा में 59.02 प्रतिशत

    भातसा में 41.13 प्रतिशत 

    विहार में 26.00 प्रतिशत 

    तुलसी जलाशय में 34.00 प्रतिशत पानी जमा हुआ है। 

  • पारसी, बोहरी, आगरी, पटेल बन सकते हैं मुंबई के मेयर

    पारसी, बोहरी, आगरी, पटेल बन सकते हैं मुंबई के मेयर

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई। मुंबई शहर सभी जातियों और धर्मों का है और पारसी, बोहरी, खोजा, मेमन, पटेल, आगरी, कोली, मुस्लिम मेयर इस शहर के मेयर रह चुके हैं। कल को अगर कोई खान मेयर भी बन जाता है तो वह भी इस शहर के विकास में अपना योगदान देगा। खान भी मतदाताओं द्वारा चुने गए नगरसेवक होंगे, ऐसा दावा भिवंडी से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक रईस शेख ने बुधवार को विधानसभा में नियम 293 के प्रस्ताव पर बोलते हुए किया। (Parsi, Bohri, Aagri, Patel, Khan can become the mayor of Mumbai)

    शेख ने कहा कि मुंबई शहर का मालिक कोई नहीं है। इस शहर के विकास में सभी जातियों और धर्मों ने योगदान दिया है। अगर हम 1931 से मुंबई के मेयरों के नाम देखें तो हमें जे.बी. बोमन, एच.एम. रहीमतुल्ला, वाई.जे. मेहर अली, एस.पी. सबावाला, ई.ए. बंदूकवाला, ए.यू. मेमन, एस.के. पाटिल जैसे नाम नज़र आते हैं। उन्होंने भाजपा विधायक अमित साटम के उस आरोपों गलत जिसमें साटम ने कहा था कि मुंबई का मेयर कोई मुस्लिम बनति है तो शहर की स्थिति भयानक हो जाएगी। साटम ने न्यूयॉर्क के मेयर को लेकर यह टिप्पणी की थी। रईस शेख ने कहा कि मेयर कोई मुस्लिम बनता है तब भी मुंबई का रंग नहीं बदलेगा।

    शेख ने भिवंडी शहर में यातायात की समस्या का मुद्दा उठाया। सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर बनाने के लिए तैयार है। वह भिवंडी को ‘लॉजिस्टिक्स हब’ बनाने जा रही है। लेकिन, यहां यातायात की समस्या का समाधान कब होगा? भिवंडी की इमारतों के पुनर्विकास का मुद्दा हल नहीं हो रहा है, नतीजतन, अनधिकृत निर्माण हो रहा है और खतरनाक इमारतों की संख्या बढ़ गई है।

    भाजपा विधायक अमित साटम ने कहा था कि यह प्रस्ताव मुंबई का रंग बदलने की साजिश है और कल कोई खान मुंबई का मेयर बन जाएगा। जिसका जवाब शेख बुधवार को विधानसभा में दिया।क्ष

  • विधान परिषद में गूंजा एल  वार्ड में बने 108 अवैध होटलों और 81 लॉजिंग-बोर्डिंग का मुद्दा

    विधान परिषद में गूंजा एल वार्ड में बने 108 अवैध होटलों और 81 लॉजिंग-बोर्डिंग का मुद्दा

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क
    मुंबई। गृह निर्माण राज्य  मंत्री माधुरी मिसाल ने विधान परिषद एल वार्ड साकीनाका में अवैध होटल और लॉजिंग बोर्डिंग बनाने के मामले पर पेश किए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए कहा कि  1 जुलाई से 30 जून तक मुंबई महानगरपालिका के एल वार्ड  कुर्ला (पश्चिम) एल.बी.एस. रोड और साकीनाका क्षेत्रों में 108 अनाधिकृत होटलों और 81 लॉजिंग बोर्डिंग हाउसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। विधान परिषद सदस्य राजहंस सिंह ने इस संबंध में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया था। इस प्रस्ताव पर चर्चा में विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर, भाई जगताप और विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने भाग लिया।(The issue of 108 illegal hotels and 81 lodging-boardings built in L ward echoed in the Legislative Council)राज्य मंत्री मिसाल ने कहा कि इन अनधिकृत होटलों और लॉजिंग की पानी और ड्रेनेज लाइनों को काट दिया गया है ताकि उन्हें फिर से निर्माण करने से रोका जा सके।  उनके खिलाफ कार्रवाई रोक दी गई है क्योंकि उनमें से 73 अदालत में चले गए हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों में दो सफाई निरीक्षकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है और एक जूनियर इंजीनियर और एक मुकादम के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि बीएमसी को भी सूचित किया गया है कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले मनपा के अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

    राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने बताया कि होटल सिटी किनारा में आग लगने की घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को न्यायालय के निर्देशानुसार 50-50 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा तथा यह राशि होटल मालिक से वसूल की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में होटल मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि अनधिकृत निर्माण के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट आठ दिन के भीतर बीएमसी से मांग कर सदन में रखी जाएगी।

  • म्हाडा ने जीटीबी नगर सिंधी शरणार्थियों की 25 इमारतों के पुनर्विकास के लिए निर्माण और डेवलपमेंट एजेंसी की नियुक्ति की

    म्हाडा ने जीटीबी नगर सिंधी शरणार्थियों की 25 इमारतों के पुनर्विकास के लिए निर्माण और डेवलपमेंट एजेंसी की नियुक्ति की

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई।  महाराष्ट्र गृह एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) ने गुरु तेग बहादुर नगर (जी.टी.बी. नगर) सायन कोलीवाड़ा कोलीवाड़ा में सिंधी शरणार्थियों की 25 इमारतों के पुनर्विकास के लिए मेसर्स कीस्टोन रियलटर्स (रुस्तमजी ग्रुप) को निर्माण एवं विकास एजेंसी नियुक्त किया है, जिसे 1958 में स्वतंत्रता के बाद भारत से आए प्रवासियों के लिए बनाया गया था। म्हाडा के उपाध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल द्वारा आज डेवलपर को आशय पत्र प्रस्तुत किया गया। (MHADA appoints construction and development agency for redevelopment of 25 buildings of GTB Nagar Sindhi refugees)

    बांद्रा पूर्व स्थित म्हाडा मुख्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम भावनाओं से भरे माहौल में संपन्न हुआ। यह दिन उन निवासियों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया जो लंबे समय से अपने घर का इंतजार कर रहे थे। इस कार्यक्रम में विधायक कैप्टन तमिल सेलवन, म्हाडा मुंबई बोर्ड के मुख्य अधिकारी मिलिंद बोरिकर, कीस्टोन रियलटर्स (रुस्तमजी ग्रुप) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक बोमन ईरानी, ​​उप मुख्य अभियंता  भूषण देसाई और  राहुल वटकर मौजूद थे। इसके साथ ही जी.टी.बी. नगर की विभिन्न हाउसिंग सोसायटियों के पदाधिकारी और निवासी बड़ी संख्या में मौजूद थे।
    करीब 11.20 एकड़ क्षेत्र में फैली इस ऐतिहासिक जी.टी.बी. नगर बस्ती में सिंधी शरणार्थियों की 25 इमारतों में करीब 1,200 फ्लैट थे। 2020 में बीएमसी द्वारा इन इमारतों को खतरनाक घोषित करने के बाद इन्हें गिरा दिया गया और निवासियों को कहीं और बसना पड़ा। निवासियों की मांग के अनुसार सरकार ने म्हाडा के माध्यम से निजी भूमि पर इस पुनर्विकास परियोजना को लागू करने का निर्णय लिया।

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में म्हाडा मुंबई हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से परियोजना को लागू करने के लिए एक नीति बनाई गई थी। सायन कोलीवाड़ा में सिंधी शरणार्थियों के भवनों के पुनर्विकास के लिए म्हाडा के माध्यम से एक निर्माण और विकास एजेंसी नियुक्त करने का प्रस्ताव विनियमन 33 (9) के तहत 14.02.2024 को कैबिनेट की बैठक में अनुमोदित किया गया था।

    तदनुसार, गृहनिर्माण विभाग के दिनांक 23.02.2024 के सरकारी निर्णय के अनुसार, इस पुनर्विकास परियोजना के लिए म्हाडा को विशेष योजना प्राधिकरण के रूप में अनुमोदित किया गया है। म्हाडा द्वारा निविदा प्रक्रिया को लागू किया गया था।

    म्हाडा द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार विकास नियंत्रण विनियमन 33 (9) के अंतर्गत फंसिबल क्षेत्र सहित न्यूनतम 4.5 वर्ग मीटर क्षेत्र उपलब्ध होगा। प्रत्येक परिवार को 635 वर्ग फीट का घर मुफ्त मिलेगा। म्हाडा को हाउसिंग स्टॉक के रूप में 25 हजार 700 वर्ग मीटर क्षेत्र मिलेगा।

    इस अवसर पर म्हाडा के उपाध्यक्ष और सीईओ संजीव जयसवाल ने कहा कि जी.टी.बी. नगर की सिंधी शरणार्थी इमारत पुनर्विकास परियोजना निर्माण और विकास एजेंसी द्वारा कार्यान्वित की जाने वाली पहली पुनर्विकास परियोजना है। निजी भूमि पर स्थित इमारतों का पुनर्विकास म्हाडा द्वारा किया जाएगा और यह एक ऐतिहासिक, पायलट परियोजना होगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए मास्टर प्लान तैयार करने के लिए संबंधित एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं। जायसवाल ने कहा कि इस परियोजना की प्रगति पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। साथ ही, इन हाउसिंग सोसायटियों के 5 से 7 सदस्यों की एक समिति बनाई जानी चाहिए ताकि समय-समय पर इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा की जा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि इस पुनर्विकास परियोजना के 1200 निवासियों को प्राथमिकता के आधार पर पुनर्वासित किया जाए।  जयसवाल ने यह भी आश्वासन दिया कि उक्त परियोजना के लिए म्हाडा द्वारा सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।

    *1,200 निवासियों को 635 वर्ग फुट का मकान निःशुल्क मिलेगा।
    * पुनर्विकास के बाद, म्हाडा निवासियों को पांच वर्षों तक रखरखाव शुल्क प्रदान करेगी।
    * परियोजना पूरी होने तक 20,000 रुपए प्रति माह किराया।

  • स्कूल सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान

    स्कूल सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई।  रविवार को मुंबई के बोरीवली और कांदिवली में सैंकड़ों बच्चों को हैप्पी फाउंडेशन की तरफ से स्कूलों सामग्री वितरित की गई। स्कूल सामग्री पाकर इन बच्चों के चेहरे खिले नजर आए। साथ ही फाउंडेशन की तरफ से बड़ी संख्या में जरुरतमंदों को गृह उपयोगी वस्तुएं प्रदान की गई। यह सामग्री बोरीवली भाजपा विधायक संजय उपाध्याय के मार्गदर्शन में हैप्पी फाउंडेशन के किशोर मनयाल और अमित मोदी द्वारा वितरित की गई। (Smiles lit up on the faces of children after getting school supplies)

    बोरीवली के राजेंद्र नगर में जरुरतमंदों को सामग्री वितरित कार्यक्रम का आयोजन सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया गया था। जबकि दोपहर 3 बजे से कांदिवली स्थित बाबरेकर नगर में किया गया था। कार्यक्रम के दौरान पूर्व नगरसेविका आशावरी पाटिल ने भी पूरा सहयोग किया।

    हैप्पी फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों लोग उपस्थित थे । संस्था द्वारा 200 दर्जन लॉग बुक, 250 परिवारों को छाता, दानदाता अल्पेश नायक की ओर से 1000 पेन, 250 परिवारों को अनाज के बॉक्स, 300 कंपास बॉक्स, 250 कार्टून बिस्किट, कपड़ों इत्यादि का वितरण किया गया।