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  • महाराष्ट्र के बजट में महिलाओं, किसानों को चुनावी सौगात, मुंबई रह गई खाली हाथ

    महाराष्ट्र के बजट में महिलाओं, किसानों को चुनावी सौगात, मुंबई रह गई खाली हाथ

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई. महाराष्ट्र सरकार द्वारा आज पेश किए गए अंतरिम बजट में महिलाओं और किसानों को बड़ी सौगात दी गई जबकि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के लिए कोई आर्थिक प्रावधान नहीं किया गया, इस बजट में मुंबई खाली हाथ रह गई. वित्त मंत्री अजीत पवार ने दोपहर को बजट पेश किया. (Maharashtra Budget 2024-25) (Maharashtra’s budget gives electoral gifts to women and farmers, Mumbai remains empty handed)

    महाराष्ट्र की गौरवशाली आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा वाले वारकरी बंधुओं के लिए ‘मुख्यमंत्री वारकरी संप्रदाय महामंडल’, पंढरपुर वारी के विश्व नामांकन के लिए यूनेस्को को प्रस्ताव भेजने की घोषणा के अलावा वारी के मुख्य पालखानों की प्रति दिंडी 20 हजार रुपए, ‘निर्मल वारी’ के लिए 36 करोड़ का फंड  देने की घोषणा बजट में की गई है.
    महिलाओं के लाडली बहन योजना
    21 से 60 वर्ष की पात्र महिलाओं को ‘मुख्यमंत्री मेरी लाड़ली बहन योजना’ शुरू की गई है. इस योजना के तहत प्रति माह 1500 रुपए दिए जाएंगे. महिलाओं के लिए ‘पिंक ई-रिक्शा’ योजना जो महिलाओं को रिक्शा व्यवसाय के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है. ‘मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना’ योजना के जरिए राज्य में 52 लाख परिवारों को प्रति वर्ष तीन गैस सिलेंडर मुफ्त दिए जाएंगे, महिला लघु उद्यमियों के लिए ‘पुण्यश्लोक अहिल्या देवी स्टार्टअप योजना’, उनके लिए 15 लाख तक के ऋण पर ब्याज का भुगतान, सभी पेशेवरों के लिए शैक्षिक और परीक्षा शुल्क की पूरी प्रतिपूर्ति.
    चालू वर्ष से ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की लड़कियों के लिए इंजीनियरिंग, सामग्री विज्ञान, फार्मेसी, चिकित्सा, कृषि में पाठ्यक्रम, राज्य में दस लाख युवाओं के लिए ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण और 10,000 रुपए प्रति माह तक ट्यूशन वजीफा की घोषणा की गई है.
    किसानों का बिजली ॠण माफ
     ‘मुख्यमंत्री बलिराजा रियायत योजना’ के तहत राज्य के 44 लाख किसानों को मुफ्त बिजली आपूर्ति, दूध उत्पादक किसानों को 5 रुपए प्रति लीटर की सब्सिडी, अल्पसंख्यक छात्रों को विदेशी शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, रत्न और आभूषण निर्माण के लिए नवी मुंबई के महापे में पार्क, सिंधुदुर्ग में 66 करोड़ से अंतरराष्ट्रीय डाइविंग सेंटर और स्कूबा डाइविंग सेंटर का निर्माण, बारी समुदाय के लिए ‘संत श्री रूपलाल महाराज आर्थिक विकास निगम’ की स्थापना,
    स्वराज्य ने किसानों, मजदूरों, छात्रों, युवाओं सहित महाराष्ट्र के गौरव और स्वाभिमान को बढ़ाने के लिए कई फैसले लिए.
    उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने 27 फरवरी 2024 को चालू वित्त वर्ष के लिए अंतरिम बजट पेश किया. लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अंतरिम बजट पेश करने के बाद उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने आज अनुपूरक बजट पेश किया. अजित पवार ने वित्त एवं योजना मंत्री के तौर पर पहला बजट मार्च 2011 में पेश किया था. उसके बाद से आज उनका पेश किया गया दसवां बजट है.
    उपमुख्यमंत्री अजीत पवार द्वारा प्रस्तुत अनुपूरक बजट 2024-25 में कुल व्यय के लिए 6 लाख 12 हजार 293 करोड़ रुप का प्रावधान किया गया है. इसमें राजस्व जमा 4 लाख 99 हजार 463 करोड़ रुपये है, जबकि राजस्व व्यय 5 लाख 19 हजार 514 करोड़ रुपये अनुमानित है. वार्षिक योजना कार्यक्रम व्यय के लिए 1 लाख 92 हजार करोड़ रुपये और अनुसूचित जाति योजना के लिए 15 हजार 893 करोड़ रुपये, आदिवासी विकास योजना के लिए 15 हजार 360 करोड़ रुपये और जिला वार्षिक के लिए 18 हजार 165 करोड़ रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है. महाराष्ट्र का राजस्व बढ़ कर 20 हजार 51 करोड़ रुपये हो गया है. राजकोषीय घाटा 1 लाख 10 हजार 355 करोड़ रुपये है.

    राज्य सरकार ने किसानों के लिए कई फैसले लिए हैं और सरकार “आत्मनिर्भर किसान, समृद्ध किसान” के आदर्श वाक्य को ध्यान में रखते हुए किसानों को विभिन्न स्तरों पर समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है. बीजों पर सीधी सब्सिडी, सिंचाई सुविधा, आधुनिक तकनीक का उपयोग, सहायक उद्योगों को बढ़ावा, कृषि उपज का मूल्यवर्धन, कृषि उपज का भंडारण, बाजार की उपलब्धता आदि को लेकर विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं. अब तक कुल 92 लाख 43 हजार किसान परिवारों को “नमो शेतकारी महासम्मान निधि योजना” के तहत 5 हजार 318 करोड़ 47 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई है. “एक रुपया फसल बीमा योजना” के तहत 59 लाख 57 हजार किसानों को 3 हजार 504 करोड़ 66 लाख रुपये का भुगतान किया गया है. “गोपीनाथ मुंडे कृषक दुर्घटना सुरक्षा अनुदान योजना” के अंतर्गत 2 हजार 694 किसान परिवारों को 52 करोड़ 82 लाख रुपये वितरित किये गये हैं.
    “महात्मा जोतीराव फुले शेतकारी कर्जमुक्ति योजना” के तहत नियमित रूप से फसल ऋण चुकाने वाले 14 लाख 33 हजार किसानों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 5 हजार 190 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा, इस उद्देश्य के लिए मौजूदा बजट में पर्याप्त धनराशि आवंटित की गई है.
    पूरे राज्य में पेट्रोल और डीजल पर मूल्य वर्धित कर एक समान

    उपमुख्यमंत्री अजीत पवार द्वारा प्रस्तुत अनुपूरक बजट में राज्य भर में पेट्रोल और डीजल पर मूल्य वर्धित कर को बराबर करने का प्रावधान किया गया है. तो आम नागरिकों के साथ-साथ उद्योग और व्यापार क्षेत्र को भी राहत मिलेगी. इस बजट में पांच केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवानों को व्यवसाय कर से छूट, स्टांप शुल्क दंड में कमी, स्टांप शुल्क की वापसी आदि के माध्यम से नागरिकों को राहत दी गई है.
    पेट्रोल 65 पैसे,डीजल 2.07 पैसे सस्ता
    राज्य भर में पेट्रोल और डीजल पर मूल्य वर्धित कर को बराबर करने के लिए, मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई के महानगरीय क्षेत्रों में डीजल पर वर्तमान कर 24 प्रतिशत से 21 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है. साथ ही पेट्रोल पर मौजूदा टैक्स 26 प्रतिशत प्लस 5 रुपये बारह पैसे प्रति लीटर को घटा कर 25 प्रतिशत प्लस 5 रुपये बारह पैसे प्रति लीटर करने का प्रस्ताव किया गया है. इससे आम नागरिकों के साथ-साथ उद्योग और व्यापार क्षेत्र को भी राहत मिलेगी. इस बदलाव के कारण ठाणे, मुंबई और नवी मुंबई महानगरपालिका  क्षेत्रों में पेट्रोल की कीमत लगभग पैंसठ पैसे और डीजल की कीमत लगभग दो रुपये सात पैसे प्रति लीटर सस्ती हो जाएगी.
    उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजीत पवार ने इस बजट में पांच केंद्रीय सशस्त्र बलों के कर्मियों को व्यापार कर से छूट दी है. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, असम राइफल्स, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और सशस्त्र सीमा दल में राष्ट्रीय कर्तव्य निभाने वाले सशस्त्र कर्मियों को व्यवसाय कर का भुगतान करने से छूट दी गई है. इससे करीब बारह हजार जवानों को फायदा होगा.
    यदि पंजीकृत लिखत पर स्टाम्प शुल्क का कम भुगतान पाया जाता है, तो स्टाम्प शुल्क के अंतर पर लगाया गया जुर्माना लिखत के निष्पादन की तारीख से 2% से घटाकर 1% प्रति माह कर दिया जाएगा. साथ ही स्टांप ड्यूटी रिफंड के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इसके लिए आवेदन करने की समय सीमा स्टांप खरीदने की तारीख से छह महीने से एक साल कर दी गई है.
    अनुपूरक बजट की मुख्य विशेषताएं –
    # 27 फरवरी 2024 को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए राज्य का अंतरिम बजट पेश किया गया, अब वर्ष 2024-25 के लिए अनुपूरक बजट पेश किया गया.
    # केंद्र सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में बंदरगाह परियोजना के विस्तार को मंजूरी – कुल लागत 76 हजार 200 करोड़ – 10 लाख से ज्यादा रोजगार सृजन
    # अतिरिक्त बजट में महिलाओं, किसानों, युवाओं, पिछड़े वर्गों और सभी समुदायों के गरीबों को पर्याप्त वित्तीय सहायता पर जोर दिया गया है.
    महिलाओं के लिए विभिन्न योजनाएं-
    #  वर्ष 2023-24 से प्रारंभ ‘लेक लड़की’ योजना- लड़की के जन्म से लेकर अठारह वर्ष की आयु तक कुल चरणबद्ध तरीके से 1 लाख 1 हजार रुपए दिए जाएंगे.
    # `मुख्यमंत्री माझी लाड़ली बहन योजना” 21 से 60 वर्ष की आयु की पात्र महिलाओं को प्रति माह 1.5 हजार रुपये दिए जाएंगे-  इसके लिए लगभग 46 हजार करोड़ रुपये का फंड का प्रावधान किया गया है.
    # 1 मई 2024 के बाद जन्मे व्यक्ति का नाम सरकारी दस्तावेजों में प्रथम नाम, माता का नाम, पिता का नाम और उपनाम के क्रम में दर्ज करना अनिवार्य है.
    # पिंक ई-रिक्शा – 17 शहरों में 10,000 महिलाओं को रिक्शा खरीदने के लिए वित्त पोषित – 80 करोड़ रुपये का फंड
    # “शुभमंगल सामूहिक पंजीकृत विवाह” योजना के तहत लाभार्थी लड़कियों को 10,000 रुपये से 25,000 रुपये तक की सब्सिडी दी गई.
    # राज्य के सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्तन और सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए उपकरण और सामग्री के लिए 78 करोड़ रुपए
    # मरीजों विशेषकर गर्भवती माताओं और बच्चों को स्वास्थ्य संस्थानों तक निःशुल्क परिवहन के लिए 3 हजार 324 एम्बुलेंस
    #  जल जीवन मिशन कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में 1 करोड़ 25 लाख 66 हजार 986 घरों को जोड़ा जा चुका है – शेष 21 लाख 4 हजार 932 घरों के लिए कार्य प्रगति पर है.
    # ‘मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना’ – प्रति वर्ष तीन गैस सिलेंडर मुफ्त दिए जाएंगे – 52 लाख 16 हजार 412 लाभार्थी परिवारों को फायदा होगा
    # लखपति दीदी – महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका संवर्धन मिशन के तहत 7 लाख नए समूहों की स्थापना – बचत समूहों की चक्रीय निधि राशि 15 हजार रुपए से बढ़ाकर 30 हजार रुपए
    # महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं को ‘उम्मेद मार्ट’ और ‘ई-कॉमर्स ऑनलाइन प्लेटफॉर्म’ के माध्यम से अब तक 15 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बना चुकी हैं, इस वर्ष 25 लाख महिलाओं तक पहुंचने का लक्ष्य है.
    # महिला लघु उद्यमियों के लिए ‘पुण्यश्लोक अहिल्या देवी होल्कर महिला स्टार्टअप योजना’ – राज्य में अखिल भारतीय स्तर का सम्मेलन आयोजित
    # ‘एआई योजना’ के तहत पर्यटन क्षेत्र में महिला लघु उद्यमियों को 15 लाख रुपये तक के ऋण पर ब्याज पुनर्भुगतान – 10 हजार रोजगार सृजन
    #  लड़कियों के लिए मुफ्त उच्च शिक्षा – अन्य पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की लड़कियों के लिए 100% ट्यूशन शुल्क और परीक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति,  इस फैसले से करीब 2 लाख 5 हजार 499 लड़कियों को फायदा होगा-  सरकार की तिजोरी पर करीब 2 हजार करोड़ रुपये का बोझ
    किसानों के लिए विभिन्न योजनाए –
    # प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के नुकसान पर जुलाई, 2022 से 15 हजार 245 करोड़ 76 लाख रुपये की सहायता
    # नवंबर-दिसंबर, 2023 के दौरान बेमौसम बारिश से प्रभावित 24 लाख 47 हजार किसानों को 2,253 करोड़ रुपये की सहायता
    # क्षति के क्षेत्र को दो के बजाय तीन हेक्टेयर तक सीमित करके राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि मानदंड से अधिक दरों पर सहायता
    # खरीफ सीजन 2023 के लिए 40 तालुकों में सूखा और 1 हजार 21 राजस्व मंडलों में सूखे जैसी स्थिति और विभिन्न रियायतें लागू हैं.
    #  हानि पंचनामे को त्वरित एवं पारदर्शी बनाने के लिए पूरे प्रदेश में ई-पंचनामा व्यवस्था लागू की जाएगी
    # ‘नमो शेतकरी महासम्मान निधि योजना’ के तहत 92 लाख 43 हजार किसान परिवारों को 5 हजार 318 करोड़ 47 लाख रुपये की सब्सिडी
    # ‘एक रुपया फसल बीमा योजना’ के अंतर्गत 59 लाख 57 हजार किसानों को 3 हजार 504 करोड़ 66 लाख रुपये का भुगतान किया गया है.
    #  ‘महात्मा ज्योतिराव फुले शेतकारी कर्जमुक्ति योजना’ के तहत नियमित रूप से फसल ऋण चुकाने वाले 1.4 लाख 33 हजार किसानों को प्रोत्साहन के रूप में 5 हजार 190 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, शेष राशि शीघ्र वितरित की जाएगी
    #  6 हजार करोड़ रुपये की नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना का दूसरा चरण 21 जिलों में लागू किया जाएगा.
    # बालासाहेब ठाकरे कृषि व्यवसाय और ग्रामीण परिवर्तन परियोजना के तहत 1 हजार 561 करोड़ 64 लाख रुपये की 767 उप-परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है – जिससे लगभग 9 लाख किसान लाभान्वित होंगे
    #  विदर्भ और मराठवाड़ा के 14 आपदा प्रभावित जिलों के 11 लाख 85 हजार किसान लाभार्थियों को 113 करोड़ 36 लाख रुपये का सीधा नकद भुगतान
    #  राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं राज्य पुरस्कृत कृषि यंत्रीकरण योजना से पिछले तीन वर्षों में 2 लाख 14 हजार कृषि यंत्रों की खरीद पर 1 हजार 239 करोड़ की सब्सिडी.
    # नई योजना ‘गांव वहां गोदाम’ में पहले चरण में 100 नए गोदामों के निर्माण के साथ-साथ मौजूदा गोदामों का नवीनीकरण भी किया जाएगा.
    # कपास, सोयाबीन और अन्य तिलहनों की उत्पादकता और मूल्य श्रृंखला विकास में वृद्धि के लिए विशेष कार्य योजना- 2024-25 में 341 करोड़ रुपये का फंड
    # नाफेड के माध्यम से आधार मूल्य पर खरीफ और रबी मौसम के दौरान दलहन और तिलहन की खरीद के लिए 100 करोड़ रुपये का परिक्रामी कोष.
    # खरीफ विपणन सीजन 2023-24 में कपास और सोयाबीन किसानों को दो हेक्टेयर की सीमा के भीतर 5 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की वित्तीय सहायता.
    # 2023-24 में प्याज किसानों को प्रति क्विंटल 350 रुपये की सब्सिडी के रूप में 851 करोड़ 66 लाख रुपये मिलेंगे,।
    # प्याज और कपास की सुनिश्चित खरीद के लिए 200 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड
    # खरीफ विपणन सीजन 2023-24 में 6 लाख धान किसानों को 20,000 रुपये प्रति हेक्टेयर के बराबर 1,350 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी.
    # पंजीकृत 2 लाख 93 हजार दुग्ध उत्पादकों को 5 रूपये प्रति लीटर की दर से 223 करोड़ 83 लाख रूपये की सब्सिडी वितरित की जायेगी, शेष सब्सिडी भी तत्काल वितरित की जायेगी.
    # दूध उत्पादकों को समर्थन देने के लिए प्रति लीटर 5 रुपये की सब्सिडी प्रदान करने की योजना जुलाई 2024 से जारी रखी जाएगी.
    # पशुपालन, डेयरी, पशुपालन और चारा उत्पादन में नए उद्यमियों को तैयार करने के लिए नई ‘डेयरी व्यवसाय उद्यमिता परियोजना’
    # बकरी-भेड़ पालन और मुर्गी पालन को बढ़ावा देने के लिए दो नई परियोजनाएं
    # मछली बाजार की स्थापना के साथ-साथ मछली बिक्री सुविधाओं के लिए 50 करोड़ का फंड
    #अटल बंबू समृद्धि योजना के तहत 10 हजार हेक्टेयर निजी भूमि पर बांस का रोपण – प्रति पौधा 175 रुपये की सब्सिडी
    # राज्य में बंजर भूमि पर बड़े पैमाने पर बांस का रोपण – नंदुरबार जिले में 1 लाख 20 हजार एकड़ क्षेत्र में बांस का रोपण
    # जंगली जानवरों के हमले से मृत्यु पर 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये, स्थायी विकलांगता पर 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख 50 हजार रुपये, गंभीर चोटों पर 1 लाख 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये, 20 रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये। मामूली चोटों के लिए लाख रुपये, कृषि फसल के मुआवजे के लिए देय अधिकतम राशि भी 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है.
    # सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए विशेष अभियान – 108 परियोजनाओं को बेहतर प्रशासनिक मंजूरी – 61 परियोजनाओं के दो साल में पूरा होने की उम्मीद – करीब 3 लाख 65 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता
    # महाराष्ट्र सिंचाई सुधार कार्यक्रम – 155 परियोजनाओं की नहर वितरण प्रणाली का उन्नयन – अगले तीन वर्षों में, लगभग 4 लाख 28 हजार हेक्टेयर बढ़े हुए क्षेत्र को सीधी सिंचाई से लाभ होगा.
    # विभिन्न अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने, वितरण प्रणाली में सुधार के लिए नाबार्ड से 15 हजार करोड़ रुपये का दीर्घकालिक वित्तपोषण
    # मैसूर जिले सांगली में पायलट सौर ऊर्जा परियोजना – अनुमानित लागत 1 हजार 594 करोड़ रुपये – सांगली और सोलापुर जिलों के लगभग 75 हजार किसान परिवारों को लाभ
    # स्वच्छ और हरित ऊर्जा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनाई-शिरसाई, पुरंदर सहित सभी सरकारी सिंचाई योजनाओं का सौर ऊर्जाकरण – 4 हजार 200 करोड़ रुपये
    # वैनगंगा-नलगंगा इंटरलिंकिंग परियोजना- नागपुर, वर्धा, अमरावती, यवतमाल, अकोला और बुलढाणा जिलों के 3 लाख 71 हजार 277 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई का लाभ मिलेगा.
    # कोल्हापुर और सांगली जिलों में बाढ़ के कारण होने वाली जान और वित्त की हानि को रोकने और अधिशेष पानी को सूखाग्रस्त क्षेत्रों में स्थानांतरित करने के लिए विश्व बैंक के साथ 3,200 करोड़ रुपये का महाराष्ट्र उत्तरदायी विकास कार्यक्रम.
    # जलयुक्त शिवार अभियान-2 के तहत मार्च 2024 के अंत तक 49 हजार 651 कार्य पूर्ण – 650 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान
    # ‘गलमुक्त धारण, गलयुक्त शिवार’ योजना के तहत कुल 338 जलाशयों से 83 लाख 39 हजार 818 घन मीटर गाद निकाली गई, 6 हजार किसानों को फायदा.
    #  किसानों को दिन में निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये की सौर ऊर्जा परियोजना – कुल 8 लाख 50 हजार किसानों को सौर ऊर्जा पंप उपलब्ध कराए जाएंगे.
    युवाओं के लिए विभिन्न योजनाएं-
    # मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षण योजना – हर साल 10 लाख युवाओं को ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा कार्य प्रशिक्षण योजना’ – प्रति वर्ष प्रति प्रशिक्षु 10 हजार रुपये तक ट्यूशन फीस – लगभग 6 हजार करोड़ रुपये का वार्षिक खर्च
    # सरकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाने के लिए हर साल 50 हजार युवाओं को रोजगार प्रशिक्षण
    # विश्व बैंक ने `2 हजार 307 करोड़ की सहायता दी ‘मानव विकास के लिए व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकास’ – 500 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, मॉडल आईटीआई, वैश्विक कौशल केंद्र, महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय, डेटा सेंटर आदि का उन्नयन.
    # मुंबई, पुणे, नागपुर, अमरावती, यवतमाल, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, कराड जिला सतारा, अवसारी खुर्द जिला पुणे में तकनीकी शिक्षा संस्थानों में ‘उत्कृष्टता केंद्र’ स्थापित करने को मंजूरी.
    # पंडित दीन दयाल उपाध्याय रोजगार मेला एवं नमो महारोजगार मेले से वर्ष 2023-24 में नौकरियों के लिए 95 हजार 478 अभ्यर्थियों का चयन
    # मुंबई के गोवंडी में ‘स्वामी विवेकानन्द अंतर्राष्ट्रीय कौशल विकास प्रबोधिनी’ का शुभारंभ – ग्रामीण क्षेत्रों में 511 ‘प्रमोद महाजन ग्रामीण कौशल विकास केंद्रों’ की स्थापना – 15 से 45 वर्ष की आयु के 18 हजार 980 उम्मीदवारों को कौशल प्रशिक्षण
    # जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीआरटीआई), डाॅ. बाबासाहेब अम्बेडकर अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (BARTI), छत्रपति शाहू महाराज अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (सारथी), महात्मा ज्योतिबा फुले अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान (महाज्योति), महाराष्ट्र अनुसंधान और प्रशिक्षण प्रबोधिनी (अमृत) आदि प्रशिक्षण- 52 हजार 405 छात्रों को नौकरी मिली अवसर
    # अनुसंधान और नवाचार केंद्रों के लिए विश्वविद्यालय और सरकार से 50-50 करोड़ रुपये की कुल 100 करोड़ रुपये की धनराशि
    # शबरी जनजातीय वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से स्वरोजगार वित्तपोषण योजनाओं के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान
    # 2024-25 से विदेशी शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति योजना अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए भी लागू है
    # ज्ञानज्योति सावित्रीबाई फुले आधार योजना के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे अन्य पिछड़ा वर्ग, विमुक्त जाति और घुमंतू जनजाति और विशेष पिछड़ा वर्ग के छात्रों को प्रति वर्ष 38 से 60 हजार रुपये तक आवास भत्ता मिलेगा.
    # गोपीनाथ मुंडे गन्ना श्रमिक विकास निगम ने गन्ना श्रमिकों के बच्चों के लिए 82 सरकारी छात्रावासों की स्थापना को मंजूरी दी
    #100 छात्रों की क्षमता वाले नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों और 430 बिस्तरों वाले संबद्ध अस्पतालों की स्थापना को मंजूरी, ताकि 2035 तक प्रति 1 लाख की आबादी पर 84 डॉक्टरों के मौजूदा अनुपात को 100 से अधिक किया जा सके.
    # मौजे सावर, तालुका म्हासला, जिला रायगढ़ में 100 छात्रों की नामांकन क्षमता वाला एक नया सरकारी यूनानी कॉलेज, बुलढाणा जिले में नया सरकारी आयुर्वेद कॉलेज स्थापित करने को मंजूरी.
    # सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की ट्यूशन फीस के साथ-साथ स्वैच्छिक शिक्षकों के पारिश्रमिक में भी पर्याप्त वृद्धि.
    # थ्रस्ट सेक्टर में लगभग 1 लाख करोड़ रुपए का निवेश – 50 हजार रोजगार सृजन
    # ग्रीन हाइड्रोजन- 2 लाख 11 हजार 400 करोड़ रुपए का निवेश- 55 हजार 900 रोजगार सृजन
    # नवी मुंबई के महापे में 25 एकड़ भूमि पर ‘इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क’ की योजना – 2 हजार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों का समावेश – 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश – एक लाख रोजगार सृजन
    # एकीकृत एवं सतत कपड़ा उद्योग नीति 2023 से 2028 – पांच वर्षों में 25 हजार करोड़ रुपये का पर्याप्त निवेश – 5 लाख नौकरियों का सृजन
    # निजी निवेश बढ़ाने के लिए छोटे पैमाने के कपड़ा उद्योग परिसरों के साथ-साथ तकनीकी कपड़ा पार्क स्थापित किए जाएंगे
    # सिंधुदुर्ग जिले में अंतर्राष्ट्रीय मानक स्कूबा डाइविंग केंद्र – अनुमानित लागत 20 करोड़ रुपये – 800 स्थानीय लोगों को रोजगार
    कमजोर वर्गों के लिए विभिन्न योजनाएं –
    # ‘सभी रूपों में सार्वभौमिक गरीबी उन्मूलन’ के सतत विकास लक्ष्य को प्राप्त करने का दृढ़ संकल्प
    #  संजय गांधी निराश्रित अनुदान योजना एवं श्रवण बाल सेवा राज्य पेंशन योजना से निराश्रितों, विधवाओं, विकलांगों एवं वरिष्ठ नागरिकों को मासिक वित्तीय सहायता में वृद्धि – एक हजार से बढ़ाकर रु.1500.
    # पान, पानपिंपरी और मूसली उत्पादक बारी समुदाय के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक विकास के लिए संत श्री रूपलाल महाराज आर्थिक विकास निगम की स्थापना
    # नव निर्मित और मौजूदा निगमों के लिए धन का पर्याप्त प्रावधान
    # दिव्यांग व्यक्तियों के लिए ‘धर्मवीर आनंद दीघे घरकुल योजना’ – पहले चरण में 34 हजार 400 घरकुल बनाए जाएंगे-
    # दिव्यांग व्यक्तियों को इलेक्ट्रिक वाहन वितरित किये जायेंगे
    # तृतीयपंथी -2024 की घोषणा – भर्ती प्रक्रिया के साथ-साथ सभी सरकारी योजनाओं में पुरुषों और महिलाओं के साथ ‘तृतीयपंथी’ लिंग विकल्प उपलब्ध – राज्य सरकार की योजनाओं से तीसरे पक्ष के लिए लाभ प्राप्त करना आसान
    # धनगर समाज की शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए खारघर, नवी मुंबई में 4000 वर्ग मीटर का भूखंड
    # महाराष्ट्र घरेलू कामगार कल्याण निगम के माध्यम से पंजीकृत घरेलू कामगारों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाए
    # मौलाना आज़ाद अल्पसंख्यक आर्थिक विकास निगम द्वारा क्रियान्वित योजनाओं के लिए ऋण पर सरकारी गारंटी की सीमा 30 करोड़ रुपये से 500 करोड़ रुपये
    # महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना राज्य के सभी परिवारों के लिए लागू
    # प्रति परिवार 1 लाख 50 हजार रुपये से 5 लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा कवरेज – 1 हजार 900 अस्पतालों के माध्यम से 1 हजार 356 प्रकार के उपचार उपलब्ध
    # ‘हिन्दूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे आपा दवाखाना’ 347 स्थानों पर चालू
    # क्रेडिट संस्थानों के स्थिरीकरण और तरलता के लिए 100 करोड़ का फंड
    # प्रधानमंत्री आवास योजना, रमाई आवास योजना, शबरी, पारधी और आदिम आवास योजना, मोदी आवास योजना, यशवंतराव चव्हाण मुक्त वसाहत योजना, पुण्यश्लोक अहिल्या देवी होल्कर घरकुल योजना के माध्यम से अगले 5 वर्षों में 35 लाख 40 हजार 491 घर बनाए जाएंगे.
    # वर्ष 2024-25 में विभिन्न घरकुल योजनाओं हेतु 7 हजार 425 करोड़ रूपये का प्रावधान
    # मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में मिल श्रमिकों को 12 हजार 954 फ्लैट उपलब्ध , शेष फ्लैट उपलब्ध कराने का प्रयास
    # स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण के द्वितीय चरण वर्ष 2024-25 हेतु 1 हजार 886 करोड़ 84 लाख की धनराशि
    बुनियादी ढांचे और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योजनाएं-
    # मुंबई, पुणे और नागपुर में कुल 449 किमी लंबी मेट्रो लाइनों को मंजूरी दी गई है – 127 किमी लंबी लाइनें यातायात के लिए खुली हैं – अन्य 37 किमी लंबी लाइनें इस साल यातायात के लिए खोली जाएंगी
    # शिवडी-वर्ली लिंक रोड का काम दिसंबर 2025 के अंत तक पूरा हो जाएगा
    # ठाणे कोस्टल रोड – लंबाई 13.45 किलोमीटर – 3 हजार 364 करोड़ रुपये का काम मई 2028 तक पूरा होने की उम्मीद
    # प्रधानमंत्री ग्रामसड़क योजना – तीसरा चरण – लगभग 6 हजार 500 किलोमीटर सड़क सुधार का लक्ष्य – 2 हजार 303 किलोमीटर सड़कें पूरी हुईं
    # मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में 23 हजार किलोमीटर लंबी सड़कों का काम 3 साल में पूरा होगा
    # भगवान बिरसा मुंडा जुड़ाव योजना के लिए 1 हजार 400 करोड़ रुपये का प्रावधान
    # संत सेवालाल महाराज जुड़ाव योजना और यशवन्तराव होलकर जुड़ाव योजना का शीघ्र क्रियान्वयन
    # पीएम ई-बस सेवा योजना 19 नगर निगमों में लागू की जाएगी
    # ‘डी’ श्रेणी के नगर निगमों, सभी नगर परिषदों और नगर पंचायतों में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 615 करोड़ रुपये की योजना लागू की जाएगी
    # मुंबई, नंदुरबार, नांदेड़, वर्धा, अमरावती और कोल्हापुर में चैरिटी कमिश्नर के तहत इमारतों के निर्माण के साथ-साथ मौजूदा इमारतों के नवीनीकरण के लिए 125 करोड़ रुपये का फंड
    # बालासाहेब ठाकरे स्मृति मातोश्री ग्राम पंचायत निर्माण योजना के तहत 2 हजार 567 ग्राम पंचायत कार्यालयों के निर्माण को मंजूरी
    # शिव कालीन 12 किले विश्व धरोहर नामांकन के लिए यूनेस्को को भेजे गए, कोंकण में कटल शिल्प, पंढरपुर वारी, दहीहांडी उत्सव और गणेशोत्सव के प्रस्ताव भी भेजे जाएंगे.
    # सरकार हर साल रायगढ़ किले में शिव का राज्याभिषेक समारोह मनाएगी
    # 66 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर वेंगुर्ला, जिला सिंधुदुर्ग में अंतर्राष्ट्रीय श्रेणी की पनडुब्बी परियोजना
    # सतारा जिले के पश्चिम घाट क्षेत्र में पर्यटन स्थलों के विकास के लिए 381 करोड़ 56 लाख रुपये की एकीकृत पर्यटन विकास योजना को मंजूरी
    # कल्याण-नगर होते हुए मालशेज घाट पर सभी सुविधाओं से युक्त एक अत्याधुनिक दर्शक दीर्घा स्थापित की जाएगी
    # नागपुर जिले में रामटेक विकास योजना के दूसरे चरण में 211 करोड़ रुपये के काम किये जायेंगे
    # आध्यात्मिक गुरु और समाज सुधारक बाबा जुमदेवजी के स्मारक के लिए पांवदौना, तालुका मौदा, जिला नागपुर में 77 करोड़ की विकास योजना तैयार की जाएगी.
    # संत ज्ञानेश्वर महाराज नेवासा में उस मंदिर परिसर के लिए एक विकास योजना तैयार करेंगे जहां ज्ञानेश्वरी को डिजाइन किया गया था
    # कोल्हापुर शहर में राजाराम झील के पास एक अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र स्थापित किया जाएगा.
    कुल खर्च 6 लाख 12 हजार 293 करोड़ –
    # वर्ष 2024-25 में जिला वार्षिक योजना परिव्यय 18 हजार 165 करोड़ रूपए
    # वार्षिक योजना 2024-25 में कार्यक्रम व्यय हेतु एक लाख 92 हजार करोड़ रूपए
    # अनुसूचित जाति योजना के लिए 15 हजार 893 करोड़ रुपये, आदिवासी विकास योजना के लिए 15 हजार 360 करोड़ रुपये.
    # वर्ष 2024-25 में कुल व्यय हेतु 6 लाख 12 हजार 293 करोड़ रूपये का प्रावधान
    # राजस्व संचय 4 लाख 99 हजार 463 करोड़ रुपये, राजस्व व्यय 5 लाख 19 हजार 514 करोड़ रुपये
    श# राजस्व घाटा 20 हजार 51 करोड़ रुपये, राजकोषीय घाटा 1 लाख 10 हजार 355 करोड़ रुपये
  • गणेश मंडलों को बड़ी राहत, पांच वर्ष तक नहीं लेनी होगी अनुमति

    गणेश मंडलों को बड़ी राहत, पांच वर्ष तक नहीं लेनी होगी अनुमति

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई. राज्य सरकार ने गणेशोत्सव (Ganeshotsav) से पहले गणेश मंडलों को बड़ी राहत दी है. गणेश मंडलों को अब पांच साल तक गणेश पंडाल बनाने की अनुमति नहीं लेनी होगी. इस वर्ष ली गई अनुमति को अगले पांच वर्ष तक वैध कर दिया गया है. (Big relief to Ganesh Mandals, permission will not have to be taken for five years)

    मुंबई शहर के पालक मंत्री दीपक केसरकर ने मनपा अधिकारियों के साथ इस विषय पर बैठक की थी. उन्होंने निर्देश दिया कि गणेशोत्सव के दौरान नागरिक सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दें. गणेश भक्तों के लिए रेलवे, बेस्ट बसों को रात में भी चलाया जाना चाहिए. गणेश पंडालों के पास मुफ्त पार्किंग सुविधा, शौचालय की व्यवस्था करें.

    केसरकर ने कहा कि गणेशोत्सव मंडलों और मिट्टी की मूर्ति बनाने वाले मूर्तिकारों के लिए अनुमति पांच वर्ष के वैध रहेगी. उन्होंने कहा कि अब से गणेश मंडलों को परमीशन के लिए ऑनलाइन अनुमति नहीं लेनी होगी. मिट्टी की मूर्ति बनाने वाले मूर्तिकारों को अगले वर्ष मुफ्त में मिट्टी प्रदान की जाएगी.

    परिमंडल 2 के मनपा उपायुक्त रमाकांत बिरादर ने बताया कि गणेश विसर्जन के दिन विसर्जन स्थलों पर 24 घंटे मुफ्त पार्किंग की सुविधा दी जाएगी. प्रमुख विसर्जन स्थलों पर गणेश भक्तों को मुफ्त पानी की बोतल दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि पालक मंत्री ने विसर्जन मार्ग की जानकारी के लिए दिशा सूचक बैनर लगाने, ब्रिजों पर भीड़ टालने के लिए नियोजन करने का निर्देश दिया है.

  • महाराष्ट्र सरकार ने बताया कहां अटकी देश की पहली बुलेट ट्रेन

    महाराष्ट्र सरकार ने बताया कहां अटकी देश की पहली बुलेट ट्रेन

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क
      मुंबई. मुंबई से अहमदाबाद तक प्रस्तावित देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना कहां अटकी है.(Maharashtra government told where the country’s first bullet train got stuck) इसका खुलासा महाराष्ट्र सरकार ने किया है. बुलेट ट्रेन परियोजना की शुरुआत गाजे बाजे के साथ की गई थी लेकिन समय बीतने के साथ इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई. महाराष्ट्र में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी होने वाली है. लेकिन मुंबई की एक जमीन को लेकर पेंच फंसा हुआ है.
    राज्य के महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि गोदरेज और बॉयस से संबंधित भूमि को छोड़कर बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. उन्होंने यह भी दोहराया कि गोदरेज की गतिरोध वाली भूमिका के कारण ही परियोजना रुकी हुई है.
    गोदरेज साइट को छोड़कर, परियोजना के लिए आवश्यक अन्य भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं. कुंभकोणी ने अदालत से कहा कि उक्त परियोजना महत्वपूर्ण है और तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है,‌‌ कंपनी भी याचिका पर जल्द सुनवाई की भी मांग की है. गोदरेज की सहमति का संज्ञान लेते हुए जस्टिस रमेश धानुका और जस्टिस एस जी डांगे की बेंच मामले की सुनवाई के लिए 5 दिसंबर की तारीख तय की है.
    भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अवैध
    गोदरेज एंड बॉयस कंपनी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अवैध है।  भूमि अधिग्रहण की लागत का विवरण देने वाली कोई रिपोर्ट तैयार नहीं की गई थी और संपूर्ण निर्णय लेने की प्रक्रिया कानून के अनुसार नहीं थी.  गोदरेज ने यह भी दावा किया कि कंपनी को दी गई 264 करोड़ रुपए की अंतिम मुआवजा राशि कंपनी को भूमि अधिग्रहण के लिए पेश किए गए शुरुआती 572 करोड़ रुपए का एक अंश थी. सामाजिक परिवर्तनों का अध्ययन करने के लिए शर्त के दुरुपयोग को रोकने के लिए भूमि अधिग्रहण अधिनियम में संशोधन किया गया. राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के चरण में कंपनी अक्सर बाधा उत्पन्न करती रही है. नतीजतन, परियोजना ठप हो गई और इसकी लागत 1000 करोड़ रुपए से अधिक बढ़ गई, जिससे राज्य के खजाने पर करोड़ों रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ा. राज्य सरकार ने दावा किया कि परियोजना में देरी से करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है.
    क्या है मामला
    राज्य सरकार ने पिछले महीने विक्रोली में गोदरेज की जमीन के लिए 264 करोड़ रुपए का मुआवजा तय किया था. यह विक्रोली से ठाणे तक जाने वाली 21 किमी भूमिगत सुरंग है और सरकार ने पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 के तहत विक्रोली में 39,547 वर्ग किलोमीटर भूमि के निजी अधिग्रहण के लिए मार्च 2018 में एक नोटिस जारी किया था. उसके बाद उप जिलाधिकारी ने मुआवजे की राशि तय की. लेकिन कंपनी ने याचिका में दावा किया है कि 15 जुलाई 2020 को सुनवाई के 26 महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भूमि अधिग्रहण रद्द हो गया है.
  • महाराष्ट्र सरकार का फैसला घर से भागी लड़कियों का पता लगा उन्हें देंगे सुरक्षा

    महाराष्ट्र सरकार का फैसला घर से भागी लड़कियों का पता लगा उन्हें देंगे सुरक्षा

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई. श्रद्धा वालकर हत्याकांड के बाद महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है.(Maharashtra government’s decision to find out the girls who ran away from home, will give them security) घर से भागी लड़कियों के परिवार से जानकारी जुटाई जाएगी. बाद में लड़कियों से संपर्क स्थापित कर आवश्यकता के अनुसार उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाएगी. इसके लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत एक दल तैयार किया जाएगा जो घर से भागी लड़कियों की जानकारी इकट्ठा करेगा.

    पर्यटन व उपनगर के पालक मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि श्रद्धा वालकर केस से सबक लेते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि हमने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को आदेश दिया है कि वे घर भागी लड़कियों की मदद के दस्ते का गठन करें.

    मंगल प्रभात लोढ़ा ( Guardian minister Mangal prabhat lodha) ने कहा कि घर से भाग कर गई लड़कियों का अपने पैरेंट्स से संपर्क नहीं रहता है. ऐसे में उन पर क्या बीतता है कोई नहीं जानता. श्रद्धा वालकर के जैसी बहुत लड़कियां लापता हैं. महाराष्ट्र सरकार अब उन लड़कियों तक पहुंच कर उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराएगी.

     

  • ठाकरे गुट, बीएमसी कमिश्नर पर कसेगा शिकंजा/कोरोना में किए गए कार्यों की कैग करेगा जांच

    ठाकरे गुट, बीएमसी कमिश्नर पर कसेगा शिकंजा/कोरोना में किए गए कार्यों की कैग करेगा जांच

    कोविड सेंटरों का निर्माण,  उपकरण खरीद, ऑक्सीजन प्लांट, 56 सड़कों की मरम्मत, 6 एसटीपी प्रोजेक्ट, घनकचरा व्यवस्थापन की भी कैग करेगा जांच

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई. कोविड काल के दौरान बीएमसी (BMC work in covid audit by CAG)की तरफ से किए गए अनाप-सनाप खर्च का अब हिसाब किया जाएगा. राज्य सरकार ने कोरोना के समय किए गए कार्यों की जांच और कैग से ऑडिट कराने का निर्णय लिया है. इससे बीएमसी की सत्तारुढ़ रहा ठाकरे गुट के साथ बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल की भी मुश्किलें बढ़ने वाली हैं.

    सड़कों की सफाई, सफाई कामगारों के लिए बनाए जाने वाले आश्रम योजना, भिंडी बाजार क्लस्टर योजना में सड़कों की चौड़ाई कम कर बिल्ड़र को फायदा पहुंचाने, बीएमसी के कुछ अधिकारी – कर्मचारी अपनी कंपनी शुरु कर बीएमसी का काम लेने, घनकचरा व्यवस्थापन, जैसे कार्यों की संपूर्ण जांच की जाएगी. बीएमसी चुनाव के मौके पर ठाकरे गुट के साथ उनके पाले हुए बीएमसी अधिकारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरु हो गई है.

    राज्य सरकार ने कोरोना काल में बीएमसी द्वारा वितरित किए गए कार्यों (कंट्रोलर ऑफ ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया) कैग स्वतंत्र संस्था से जांच कराने का आदेश दिया है. कैग कोरोना के समय बीएमसी द्वारा बनाए गए कोविड सेंटर, उसके लिए खरीदे गए उपकरण, नियमों के विरुद्ध जा कर कंपनियों को दिए गए ठेके इन सबकी जांच होने वाली है.

    कोरोना में बिना निविदा निकाले सामानों की खरीद में अधिकारों का दुरुपयोग किए जाने का आरोप भाजपा की तरफ से लगाया गया था. कोरोना हुए घोटालों की सच्चाई सबके सामने आए इसलिए कैग से जांच कराने का निर्णय लिया गया है. बीएमसी कार्यों का विशेष लेखा परीक्षण करने का राज्य सरकार का आग्रह कैग ने मान लिया है.

    इस जांच के दायरे में कोविड सेंटर बनाने, सड़क निर्माण, जमीन खरीद आदि जैसे 12 हजार करोड़ रुपए के 76 कार्यों की जांच कैग करने वाला है. उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा अधिवेशन के दौरान जांच किए जाने की घोषणा की थी.

    कैग की इस जांच में बीएमसी कोरोना सेंटर्स, कोरोना काल में उपकरणों की खरीद, दहिसर स्थित जमीन खरीदने का मामला, ऑक्सीजन खरीद और बीएमसी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट घोटाला, बीएमसी के कुछ अधिकारियों ने अपनी कंपनी शुरु कर कोविड ठेका दिलाने का आरोप है.मुंबई शहर के लिए 56 सड़कों की मरम्मत पर खर्च किए गए 2286.24 करोड़ रुपए, एसटीपी प्रोजेक्ट के लिए खर्च किए गए 1084.61 रुपए, घन कचरा व्यवस्था के लिए परियोजनाओं पर 1020.61 खर्च भी जांच कैग करने वाला है.

  • आदर पूनावाला और बिल गेट्स, सरकार को हाईकोर्ट ने भेजा नोटिस

    आदर पूनावाला और बिल गेट्स, सरकार को हाईकोर्ट ने भेजा नोटिस

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    मुंबई.बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीरम इंस्टीट्यूट के कोविशील्ड वैक्सीन लेने के बाद मौत के मामले में (Adar Poonawalla and Bill Gates, Maharashtra Government High Court sent notice) सीरम इंस्टीट्यूट के अदार पूनावाला, बिल गेट्स और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है.

    डॉ. स्नेहल लूनावत नासिक में मेडिसिन की पढ़ाई कर रही थीं. उन्हें CoviShield वैक्सीन लगाई गई थी. बताया गया था कि कोविशील्ड वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है, इसलिए डॉ. स्नेहल ने कॉलेज में CoviShield वैक्सीन ली थी.  टीका लगवाने के बाद स्नेहल की हालत बिगड़ने लगी. अंतत: इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. डॉ स्नेहल ने कोविशील्ड का टीका 28 जनवरी 2021 को लिया था. उसके बाद 1 मार्च 2021 को उनका निधन हो गया. इस मामले में डॉ. स्नेहल के पिता दिलीप लूनावत ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. उन्होंने अपनी बेटी की मौत केंद्र सरकार, राज्य सरकार और वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट की गलती का आरोप लगाते हुए मुआवजे के तौर पर सीरम से 1000 करोड़ रुपए की मांग की है.

    याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कहा कि ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) और एम्स ने यह कहते हुए गलत जानकारी दी कि वैक्सीन से कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है. राज्य सरकार ने भी बिना किसी परीक्षण के वैक्सीन उपलब्ध करा दी. लूनावत ने बताया कि वह अपनी दिवंगत बेटी को न्याय दिलाने के लिए याचिका दायर कर रहे हैं. उन्होंने सीरम इंस्टीट्यूट से मुआवजे के तौर पर एक हजार करोड़ रुपए मुआवजे की मांग की. साथ ही गूगल, यूट्यूब, मेटा जैसी कंपनियों ने टीकों से होने वाली मौतों के आंकड़े छिपाए. याचिका में इन कंपनियों के  खिलाफ केंद्र सरकार कार्रवाई करे यह मांग की गई है. इस मामले में कोर्ट ने दोषियों को नोटिस जारी किया है.