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  • चीन के वुहान लैब से फैला कोरोना/अमेरिकी रिपोर्ट में दावा

    चीन के वुहान लैब से फैला कोरोना/अमेरिकी रिपोर्ट में दावा

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    दिल्ली. सदी की सबसे बड़ी त्रासदी देने वाला कोरोना वायरस (Covid-19 spread from China’s Wuhan lab claim in US report)की उत्पत्ति को लेकर अमेरिका ने बड़ा खुलासा किया है. अमेरिका सीनेट में पेश एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कोविड-19 वायरस चीन से ही फैला था.हालांकि चीन पहले भी अपने यहां से कोरोना संक्रमण फैलने से इनकार करता रहा है.

    गौरतलब हो कि कोविड-19 वायरस का संक्रमण अब भी दुनिया भर में मौजूद है. वायरस के कारण चीन के अधिकांश शहरों में अब भी लॉकडाउन लगा हुआ है. कोरोना की उत्पत्ति को लेकर भी चीन संदेह के घेरे में है. अमेरिका सीनेट कमेटी ने रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हो सकता है जानबूझकर वायरस को जन्म ना दिया गया हो लेकिन यह मानवीय भूल, मशीनी खराबी, किसी जानवर पर प्रयोग का परिणाम हो सकता है.

    सीनेट की हेल्थ एजुकेशन, लेबर ऐंड पेंशन कमेटी का कहना है कि वुहान इंस्टिट्यूट ऑफ वायरॉलाजी ही कोविड वायरस के लीक होने का संदिग्ध ग्राउंड जीरो है. शोध के दौरान सावधानी ना रखने की वजह से ऐसा हुआ था. ट्रांसमिशन के पैटर्न का विश्लेषण करने के बाद कमेटी ने कहा है कि जानवरों से ही यह तेजी से फैला है और वुहान के सीफूड मार्केट से इसका प्रसार तेजी से हुआ. यह रिपोर्ट वुहान इंस्टिट्यूट ऑफ वायरॉलजी के सुरक्षा के मानकों और एपिडेमियोलॉजी के विश्लेषण के आधार पर जारी की गई है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि वुहान के इंस्टिट्यूट में भविष्य की महामारियों से सुरक्षा के लिए रिसर्च चल रही थी. यह इंस्टिट्यूट 2004 से ही रिसर्च कर रहा था. इस क्षेत्र में चमगादड़ों में SARS मिला था और कोरोना वायरस इससे ही मिलता-जुलता था. बताया जाता है कि इसी सार्स-कोव-2 वायरस को रिसर्च के लिए लैब में लाया गया था. इसके बाद यह लैब से लीक होकर इंसानों तक फैल गया. रिपोर्ट में कहा गया है कि लैब में रिसर्च के दौरान वहां काम करने वाले वैज्ञानिकों के साथ ही यह वायरस बाहर आया.

  • कोरोना मरीजों का फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट घोटाला

    कोरोना मरीजों का फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट घोटाला

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क
    Panvel Municipal Corporation: पनवेल. पनवेल नगर निगम के कामोठे नागरिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से कोरोना आरटीपीसीआर टेस्ट की फर्जी रिपोर्ट पेश किए जाने से हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है.  नगर निगम ने स्वास्थ्य केंद्र अधिकारी, लैब टेक्नीशियन व मेडिसिन डिस्पेंसर को बर्खास्त कर दिया है.
      पनवेल नगर निगम क्षेत्र में कोरोना मरीजों की संख्या नियंत्रण में है. हालांकि कामोठे शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. इस पर संदेह जताते हुए पूर्व पार्षद डॉ. अरुण कुमार भगत ने कामोठे में बढ़ते मरीजों पर सवाल उठाए थे. नगर निगम के कोरोना संक्रमित मरीजों की सूची में शामिल मरीजों का नाम व संपर्क नंबर पता तलाशने के बाद सेक्टर 11 अंबर रेस्टोरेंट, सेक्टर 21 भाजी मंडई में जाने पर पता चला कि मरीजों की जानकारी झूठी है.  पूरी घटना का पता तब चला जब कामोठे नागरिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉ अमेय राठौड़ से पूछताछ की गई.
      पता चला है कि स्वास्थ्य केंद्र से एक व्यक्ति के 70 सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए भेजे गए हैं  चूंकि कुल मरीजों में से लगभग 75 प्रतिशत मरीज कमोठे क्षेत्र के हैं, इसलिए संदेह बढ़ता गया और इस कारण मामले की जांच के बाद पता चला कि कोरोना की झूठी रिपोर्ट नगर पालिका को दी जा रही है. कोरोना काल में पनवेल महानगर पालिका प्राइवेट लैब के साथ जांच के लिए करार किया था. कामोठे स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों ने प्राइवेट लैब से सांठगांठ कर फर्जी रिपोर्ट बना कर पनवेल नगर निगम से पैसे दिलवाए. कमिशन के चक्कर में अब नौकरी से हाथ धोना पड़ा.