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  • वाराणसी में वक्फ प्रापर्टी की शुरू हुई जांच, 100 वार्डों और 694 गांवों में लेखपाल कर रहे सर्वेक्षण

    वाराणसी में वक्फ प्रापर्टी की शुरू हुई जांच, 100 वार्डों और 694 गांवों में लेखपाल कर रहे सर्वेक्षण

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    वाराणसी. वाराणसी में अवैध रूप से घोषित की गई वक्फ प्रापर्टी की जांच शुरू कर दी गई है. पूरे जिले में वक्फ संपत्तियों की पहचान, सर्वेक्षण के लिए 100 वार्डो और 694 गांवों में लेखपाल लगाए गए जो वक्फ संपत्तियों की पहचान कर रहे हैं.(Investigation of Waqf property started in Varanasi, Lekhpal is conducting survey in 100 wards and 694 villages) 

    सर्वे की प्रक्रिया में तीनों तहसीलों के एसडीएम और लेखपालों की टीम शामिल है, जो जिले के 100 वार्डों और 694 गांवों में सर्वे कर रही है. यह सर्वे 31 अक्टूबर तक पूरा कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी.

    इस सर्वे का उद्देश्य वक्फ के रूप में दर्ज बंजर, भीटा, और ऊसर भूमि की पुनः जांच करना है ताकि अवैध तरीके से वक्फ संपत्ति घोषित की गई भूमि उन्हें सही राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जा सके.  वर्तमान में वाराणसी में वक्फ बोर्ड की 1469 संपत्तियां दर्ज हैं, लेकिन वास्तविक संख्या 3000 से अधिक बताई जा रही है, जिसमें सुन्नी और शिया समुदाय से जुड़ी संपत्तियां शामिल हैं. सुन्नी समुदाय के पास 1348 और शिया समुदाय की 121 की संपत्तियां रिकॉर्ड में दर्ज हैं.

    वक्फ संपत्ति दो प्रकार की होती है— एक जिसमें जमीन को धार्मिक या सामाजिक कार्य के लिए बैनामा किया जाता है (वक्फ बाई डीड), और दूसरी जिसमें जमीन का धार्मिक उपयोग मालिक स्वयं करता है.

  • वाराणसी गंगा नदी में यात्रियों से भरी नाव डूबी

    वाराणसी गंगा नदी में यात्रियों से भरी नाव डूबी

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    वाराणसी. उत्तर प्रदेश के वाराणसी (Varanasi  Boat full of passengers drowned in Ganga river) में आज सुबह यात्रियों से भरी एक नाव गंगा नदी में डूब गई. तुरंत चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के कारण सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया. नाव में कुल 34 यात्री सवार थे. सभी यात्री दक्षिण भारत आंध्र प्रदेश के निवासी हैं जो वाराणसी भ्रमण के लिए आए थे. 

    शनिवार सुबह 7.30 बजे हुए यह हादसा शीतला घाट पर हुआ. नाव में लगी लकड़ी की बल्ली टूटने के कारण नाव डूबने लगी जिससे उसमें सवार यात्रियों में अफरातफरी मच गई. यात्रियों की चीख पुकार के बाद वहां खड़े दूसरे नाव के नाविकों और पुलिस नदी में डूब रहे यात्रियों को बचाने में जुट गए. सभी 34 यात्रियों को निकाल कर अस्पताल ले जाया गया जिसमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है. 

    महिला को वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया गया है. नाव में सवार यात्रियों में किसी ने सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट नहीं पहना था. हालांकि समय रहते सभी को सुरक्षित बचा लिया गया. नाव में सवार डूबते यात्रियों को छोड़ कर नाविक फरार हो गया था. 

     वाराणसी दशाश्वमेध सर्किल के एसीपी अवधेश पांडे ने बताया कि घाट से गंगा स्नान पूजन के लिए 34 आंध्र प्रदेश के तीर्थयात्रियों को लेकर जा रही नाव की बल्ली टूट गई थी. इसके कारण नाव डूबने लगी थी. सभी को बचा लिया गया है. एक दंपति को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था. हादसे के दौरान किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहन रखी थी. मामले की जांच की जा रही है. 

  • ज्ञानवापी मामले में वाराणसी अदालत का बड़ा फैसला/ कार्बन डेटिंग की इजाजत नहीं

    ज्ञानवापी मामले में वाराणसी अदालत का बड़ा फैसला/ कार्बन डेटिंग की इजाजत नहीं

    वाराणसी. वाराणसी (Varansi)की अदालत ने आज  ज्ञानवापी मस्जिद (shringar gauri gyanvapi case Court order for carbon dating ) का कार्बन डेटिंग नहीं करने का फैसला सुनाया है. वजूखाने के अंदर मिली संरचना की कार्बन डेटिंग की मांग करने वाली हिंदू पक्ष की याचिका के विरोध में यह फैसला आया है. जिला जज ए के विश्वेश ने वजूखाने में मिले शिवलिंग का कार्बन डेटिंग नहीं कराने का आदेश दिया है. इससे निर्णय पर हिंदू पक्ष में निराश जताई है वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह फैसला शीर्ष अदालत के निर्देश के खिलाफ दिया गया है. हिंदू पक्ष ने ‘शिवलिंग’ होने का दावा किया गया था. फैसले से पहले कोर्ट में केवल 58 लोगों के प्रवेश की अनुमति दी गई थी. कोर्ट के भीतर मीडिया को जाने की अनुमति नहीं दी गई.  कोर्ट परिसर के पास भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.
    पांच हिंदू याचिकाकर्ताओं में से चार ने वाराणसी की स्थानीय अदालत द्वारा आदेशित वीडियोग्राफी सर्वेक्षण के दौरान ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर पाए गए ‘शिवलिंग’ की कार्बन-डेटिंग की मांग की है. कार्बन डेटिंग एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसका इस्तेमाल आमतौर पर पुरातत्व में किसी वस्तु की उम्र को समझने के लिए किया जाता है. ज्ञानवापी मस्जिद समिति ने कार्बन डेटिंग की याचिका का विरोध किया है.
    वाराणसी की अदालत ने मामले के संबंध में पहले मुस्लिम पक्ष की दलीलें सुनी थीं. हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील विष्णु जैन ने कहा, “मुस्लिम पक्ष ने कहा कि शिवलिंग सूट संपत्ति का हिस्सा नहीं है और इसकी कार्बन डेटिंग नहीं की जा सकती है. हमने इन दोनों बिंदुओं पर अपना स्पष्टीकरण दिया था अब अदालत ने अपना फैसला सुनाएगा .
     मुस्लिम पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले अखलाक अहमद ने कहा कि हिंदू पक्ष की दलील विचारणीय नहीं है क्योंकि यह सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ है जिसमें संरचना की रक्षा करने  (जिसे मुस्लिम पक्ष एक फव्वारा होने का दावा करता है और हिंदू पक्ष शिवलिंग होने का दावा करता है) के लिए कहा गया था.
    अहमद ने कहा कि हमने कार्बन डेटिंग पर आवेदन का जवाब दिया. स्टोन में कार्बन को अवशोषित करने की क्षमता नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने 17 मई के आदेश में, जिसके अनुसार, आयोग द्वारा पाई गई वस्तु को संरक्षित किया जाना था. हिंदू पक्ष के अनुसार, प्रक्रिया वैज्ञानिक होगी, यदि ऐसा है, तो भी वस्तु के साथ छेड़छाड़ होगी. परीक्षण के लिए रसायनों का उपयोग किया जाएगा.
     मुस्लिम पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले एक अन्य वकील तोहिद खान ने कहा, “अदालत अपना फैसला सुनाएगी कि कार्बन डेटिंग की मांग करने वाला आवेदन स्वीकार्य है या खारिज कर दिया जाना चाहिए. संरचना एक फव्वारा है और शिवलिंग नहीं है. फव्वारे को अभी भी चालू किया जा सकता है. अदालत  दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद 29 सितंबर को अपना आदेश सुरक्षित कर दिया था. हिंदू पक्ष का कहना है कि वजूखाना में पाया गया शिवलिंग है जबकि मुस्लिम पक्ष में उसे फव्वारे का स्ट्रक्चर बताया था.
  • वाराणसी में तैयार हो रहा भारत को “हिंदू राष्ट्र” बनाने का मसौदा

    वाराणसी में तैयार हो रहा भारत को “हिंदू राष्ट्र” बनाने का मसौदा

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क
    Hindu Rashtra:वाराणसी. धर्म के नाम पर विभाजित हुए भारत को अब “हिंंदू राष्ट्र” बनाने की तैयारी शुरु हो गई है. (Draft to make India a “Hindu Rashtra” being prepared in Varanasi) वाराणसी में संतों और विद्वानों का एक वर्ग ‘हिंदू राष्ट्र के रूप में भारत के संविधान’ का मसौदा तैयार कर रहा है. वर्ष 2023 प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेले के दौरान ‘धर्म संसद’ में इस मसौदे को पेश किया जाएगा. हिंदू राष्ट्र में मुस्लिम और इसाई को मतदान का अधिकार नहीं होगा.
     वर्ष 2022 फरवरी में आयोजित हुए माघ मेले के दौरान भारत को अपने स्वयं के संविधान के साथ एक ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने के लिए धर्म संसद में एक प्रस्ताव पारित किया गया था.  वाराणसी स्थित शंकराचार्य परिषद के अध्यक्ष स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि अब शाम्भवी पीठाधीश्वर के संरक्षण में 30 लोगों के समूह द्वारा इस “संविधान” का एक मसौदा तैयार किया जा रहा है.
          750 पृष्ठों का होगा संविधान 
    स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि संविधान 750 पृष्ठों का होगा और इसके प्रारूप पर अब व्यापक रूप से चर्चा की जाएगी. धार्मिक विद्वानों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श और वाद-प्रतिवाद होगा. इसी आधार पर प्रयागराज में होने वाले माघ मेला-2023 में आधा संविधान (करीब 300 पेज) जारी किया जाएगा, जिसके लिए ‘धर्म संसद’ का आयोजन किया जाएगा.
          वाराणसी होगी हिंदू राष्ट्र की राजधानी 
    स्वामी ने कहा कि अब तक 32 पेज तैयार किए गए हैं जिनमें शिक्षा, रक्षा, कानून-व्यवस्था, मतदान की व्यवस्था समेत अन्य विषयों से जुड़े पहलू शामिल हैं.उन्होंने कहा, “इस हिंदू राष्ट्र संविधान के अनुसार, दिल्ली के बजाय वाराणसी देश की राजधानी होगी. इसके अलावा काशी में ‘धर्म संसद’ बनाने का भी प्रस्ताव है.
          वरिष्ठ विद्वान बना रहे मसौदा 
    मसौदा तैयार करने वाले समूह में हिंदू राष्ट्र निर्माण समिति के प्रमुख कमलेश्वर उपाध्याय, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील बीएन रेड्डी, रक्षा विशेषज्ञ आनंद वर्धन, सनातन धर्म के विद्वान चंद्रमणि मिश्रा और विश्व हिंदू महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह सहित अन्य शामिल हैं.
         अखंड भारत को बहाल करने पर जोर 

    हिंदू राष्ट्र संविधान के कवर पेज पर ‘अखंड भारत’ का नक्शा है. आनंद स्वरूप ने कहा कि यह दिखाने का प्रयास किया गया है कि बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, श्रीलंका और म्यांमार जैसे अन्य देशों को भारत से अलग कर दिया गया है, जो एक दिन विलय हो जाएंगे. दस्तावेज़ पर विस्तार से बताते हुए स्वरूप ने कहा कि हर जाति के लोगों को राष्ट्र में रहने की सुविधा और सुरक्षा मिलेगी और अन्य धार्मिक धर्मों के लोगों को मतदान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

        सभी को शिक्षा व्यवसाय का समान अधिकार उन्होंने कहा, “हिंदू राष्ट्र के संविधान के मसौदे के अनुसार मुस्लिम और ईसाई वोट देने के अधिकार को छोड़कर एक आम नागरिक के सभी अधिकारों का आनंद लेंगे. स्वरुप ने कहा कि देश में व्यवसाय करने, रोजगार पाने, शिक्षा और किसी भी आम नागरिक द्वारा प्राप्त सभी सुविधाओं का लाभ उठाने की आजादी होगी.लेकिन उन्हें अपने मताधिकार का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. स्वरूप ने कहा कि नागरिकों को मतदान का अधिकार 16 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद प्राप्त होगा जबकि चुनाव लड़ने की आयु 25 वर्ष निर्धारित की गई है.उन्होंने कहा कि ‘धर्म संसद’ के लिए कुल 543 सदस्यों का चुनाव किया जाएगा.

           दंड प्रक्रिया भी होगी निर्धारित

    स्वामी आनंद स्वरूप कहा कि दंड की न्यायिक प्रणाली त्रेता और द्वापर युग पर आधारित होगी. उन्होंने कहा कि गुरुकुल प्रणाली को पुनर्जीवित किया जाएगा और आयुर्वेद, गणित, नक्षत्र, भूगर्भ, ज्योतिष आदि की शिक्षा दी जाएगी. इसके अलावा, प्रत्येक नागरिक को अनिवार्य सैन्य प्रशिक्षण मिलेगा और कृषि को पूरी तरह से “कर” मुक्त किया जाएगा.

  • मिल गए बाबा विश्वनाथ, कोर्ट ने दिया सील करने का आदेश

    मिल गए बाबा विश्वनाथ, कोर्ट ने दिया सील करने का आदेश

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क
    वाराणसी. कोर्ट के आदेश पर ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे आज पूरा हो गया. तीसरे दिन सवा दो घंटे का सर्वे किया गया. इस दौरान हिंदू पक्ष के वकील विष्णू जैन ने दावा किया है जितना समझा गया था उससे ज्यादा साक्ष्य मिले हैं. उन्होंने दावा किया कि ज्ञानवापी के कुएं में बाबा विश्वनाथ भी मिल गए हैं. ज्ञानवापी कुएं में शिवलिंग मिलने के दावे के बाद वाराणसी कोर्ट ने उस स्थान को सील करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने पुलिस प्रशासन और सीआरपीएफ को आदेश दिया है कि जिस स्थान को सील किया जा रहा है वहां सुरक्षा की व्यक्तिगत जिम्मेदारी भी तय की है.
         जिन ढूंढ़ा तिन पाईयां 
     हिंदू पक्ष के एक अन्य वकील सोहनलाल आर्य ने कबीर वाणी ” जिन ढूंढा तिन पाईयां गहरे पानी पैठी, मैं बपुरा बूडन ड़रा, रहा किनारे बैठि”  से इशारों में बता दिया कि बाबा पानी में पाए गए हैं. उन्होंने कहा कि कुएं में बड़ा काले रंग का पत्थर मिला है. जिसे शिवलिंग बताया जा रहा है. हिंदू पक्ष के मदनमोहन यादव ने दावा किया कि शिवलिंग का व्यास 12.8 फिट था.
    यह भी दावा किया गया कि ज्ञानवापी की दीवारों पर स्वस्तिक और ॐ के निशान भी मिले हैं जिन्हें पेंट से छुपाने का प्रयास किया गया था. हालांकि प्रशासन का कहना है कि इस मामले में केवल आधिकारिक बयानों को माना जाना चाहिए.
        कुएं का पंप से निकाला पानी
     प्रशासन ने कुएं का पानी पंप के जरिए निकाल कर वहां जांच की. इससे पहले वाटर प्रूफ कैमरा डाल कर  वीडियोग्राफी कराई गई. तीसरे दिन सर्वे का काम पूरा होने के बाद वाराणसी पुलिस ने शांतिपूर्ण सर्वे कराने को लेकर सबका आभार व्यक्त किया है. प्रशासन ने कहा कि केवल आधिकारिक बयान पर भरोसा करें.  कोर्ट कमिश्नर मंगलवार को अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेंगे.
       कुएं में बाबा विश्वनाथ की कहानी
     बताया जाता है कि जब औरंगजेब ने काशी विश्वनाथ मंदिर को तोड़ने के लिए आक्रमण किया तो उस समय पुजारियों ने काशी विश्वनाथ मंदिर में बैठे नंदी के कान में कहा, “मुझे तो मरना है, पर आपका तप बड़ा है,
    आपको सदियों तक इंतजार करना है. यह वाक्य बोल कर पुजारियों ने महादेव के स्वयंभू ज्योतिर्लिंग को बचाने के लिए शिवलिंग के साथ ही ज्ञानवापी कुएं में छलांग लगा दी. 353 साल पुराना ज्ञानवापी कुंड काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तार में कॉरिडोर का हिस्सा बना लेकिन ये तस्वीर उसी नंदी की है जो सालों तक अपने महादेव की ओर मुंह करके मंदिर के पुनरुत्थान की प्रतीक्षा कर रहे हैं.
  • ज्ञानवापी में पहले दिन का सर्वे खत्म

    ज्ञानवापी में पहले दिन का सर्वे खत्म

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    वाराणसी. कोर्ट के आदेश पर ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Masque) का सर्वे (Survey) करने पहुंचे कोर्ट कमिश्नर ने पहले दिन के सर्वे का खत्म कर बाहर निकल आये.  पहले दिन मस्जिद के चार तहखानों को खोला गया. सर्वे के समय वादी और प्रतिवादी के वकील भी मौजूद थे. तहखानों का सर्वे करने से पहले वहां सांपों की मौजूदगी होने की आशंका के चलते सपेरों को भी भीतर ले जाया गया था. हालांकि इस दौरान वहां कोई सांप नहीं दिखा.

    तीन घंटे चले सर्वे के बाद बाहर निकले कोर्ट कमिश्नर और अधिवक्ताओं ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया. पुलिस ने सभी को अपनी गाड़ियों में बैठा कर वापस चली गई,  वाराणसी के पुलिस कमिश्नर ने कहा कि सर्वे का काम कल भी चलता रहेगा. सर्वे करने गई टीम में कुल 52 सदस्य थे. तहखानों में लगे तालों में जंग लग गया था इसलिए ताले नहीं खुले.

    पहले दिन चार तहखानों का सर्वे किया गया. सभी के तालों को तोड़ना पड़ा. ताला तोड़ कर ही सर्वे की टीम भीतर दाखिल हुई. इससे पहले मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सर्वे करने का विरोध किया था. कोर्ट के सख्त आदेश के सामने सभी को झुकना पड़ा. पुलिस का तगड़ा सुरक्षा इंतजाम किया गया था. सभी सुबह 7.30 बजे ज्ञानवापी के गेट 4 के सामने जमा हुए थे. सुबह 8 बजे से सर्वे का काम शुरु हुआ था.

    सुप्रीम कोर्ट पहुंचा ज्ञानवापी मस्जिद का मामला

    इस बीच ज्ञानवापी मस्जिद- श्रृंगार गौरी मंदिर मामले में सर्वे के आदेश का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हुजैफा अहमदी ने अंजुमन इंतजामिया की तरफ से याचिका दाखिल कर वाराणसी कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने और वस्तुस्थिति को बनाए रखने की निर्देश देने की मांग की.

    इस याचिका की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया एनवी रमना ने वाराणसी कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से फ़िलहाल इनकार कर दिया और कहा कि पहले पेपर्स देखूंगा फिर आदेश पारित करूंगा.
    अधिवक्ता अहमदी ने याचिका में कहा कि वाराणसी में एक ऐसी संपत्ति के सर्वे का आदेश कोर्ट द्वारा दिया गया है जो प्लेसेस ऑफ़ वरशिप एक्ट के तहत संरक्षित है. अब कोर्ट ने कमिश्नर के माध्यम से सर्वे का आदेश दिया है.

    अहमदी ने कोर्ट से मांग की कि वस्तुस्थिति को बनाए रखने का आदेश दिया जाये. जिस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि हम देखते हैं. उन्होंने कहा कि वह पूरे मामले से अवगत नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने पेपर्स नहीं देखें हैं. मैं कुछ भी नहीं जानता, मैं कैसे आर्डर पास कर सकता हूं. पहले मैं पेपर देखूंगा, पढूंगा और फिर आर्डर दूंगा.
    जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई अगले हफ्ते कर सकती है. फ़िलहाल आज हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी सिविल कोर्ट के आदेश पर कोई रोक नहीं लगाई है. वाराणसी की सिविल कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद के चप्पे-चप्पे की वीडियोग्राफी करने और 17 मई को कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है. हालांकि आदेश के इस फैसले से मुस्लिम पक्ष संतुष्ट नहीं है.

  • विरार में बिल्ड़र की हत्या के आरोपी वाराणसी से गिरफ्तार

    विरार में बिल्ड़र की हत्या के आरोपी वाराणसी से गिरफ्तार

    आईएनएस न्यूज नेटवर्क

    वाराणसी. मुंबई से सटे विरार इलाके में 26 मार्च को डी मार्ट के पास बिल्डर समरजीत उर्फ समय चौहान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. चौहान की हत्या के मामले में आरोपियों की तलाश कर रही वसई -विरार पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है

    .वसई-विरार क्राइम ब्रांच की टीम ने यूपी एटीएस के साथ मिल कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों आरोपी पूर्वांचल के माफिया डॉन मनीष सिंह उर्फ सोनू के पंटर बताये जा रहे हैं. मनीष को पुलिस ने 21 मार्च को मुठभेड़ में मार गिराया था.

    मुंबई से सटे वसई-विरार शहर में 26 फरवरी को एक बिल्डर समय चौहान की हत्या के मामले में यूपी STF ने वसई विरार क्राइम ब्रांच के साथ जॉइंट ऑपरेशन में वाराणसी से 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों का नाम अभिषेक सिंह और राहुल शर्मा है. दोनों आरोपी पूर्वांचल के माफिया मनीष सिंह उर्फ सोनू के साथी दार है मनीष को यूपी STF ने ही 21 मार्च को एक मुठभेड़ में मार गिराया था. विरार  हत्याकांड में एक और आरोपी है जो फरार है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है.

    गिरफ्तार दोनों आरोपी पहले भी कई हत्या में शामिल थे. गिरफ्तार किये गए राहुल शर्मा ने 2013 में मुंबई के निर्मल नगर में विजय पुजारी की हत्या की थी. 2013 में अजील शेख और 2015 में मीरा रोड में बंटी प्रधान की हत्या का आरोप है.

    यूपी एसटीएफ के एडिशनल सीपी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि 21 मार्च को एनकाउंटर में मारा गया मनीष सिंह भी इस हत्याकांड में शामिल था.सिंह ने बताया कि आरोपियों को चितईपुर थाने में कानून कार्यवाही के लिए भेज दिया गया है. विधिक कार्यवाही के बाद, क्राइम ब्रांच की टीम मुंबई लेकर रवाना हो जाएगी.