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मुंबई में शिवसेना के सबसे पहले निर्वाचित दो नगरसेवकों में एक गजानन संतराम ठाकरे का निधन
आईएनएस न्यूज नेटवर्कमुंबई। मुंबई में शिवसेना के सर्वप्रथम चुने गए दो नगरसेवकों में से एक और पांच बार नगरसेवक रहे गजानन संतराम ठाकरे का 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया। शिवसेना के वरिष्ठ पूर्व नेता एवं विद्या भूषण शिक्षा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष ठाकरे का निधन शुक्रवार रात 9.30 बजे हुआ। उनके परिवार में दो बेटे, एक बहू और एक पोता हैं। उनका अंतिम संस्कार शनिवार दोपहर 1 बजे दौलतनगर श्मशान घाट पर किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में (उबाठा) के शिव सैनिक उपस्थित थे। (Gajanan Santram Thackeray, one of the first two Shiv Sena corporators elected in Mumbai, passed away)गजानन ठाकरे लगातार पांच बार (27 वर्ष) बीएमसी में नगरसेवक रहे। जब जब नगरसेवक थे तब कांदिवली से दहिसर तक सिर्फ़ एक ही वार्ड था, उस समय हिंदू हृदय सम्राट शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे गजानन ठाकरे के पीछे मजबूती से खड़े थे। वे शिवसेना के धनुष-बाण चुनाव चिन्ह पर कई दिग्गजों को हराकर निर्वाचित होते थे। यह वार्ड कांदिवली के समतानगर से दहिसर के चौकी तक फैला हुआ था।अब इस वार्ड में 10 वार्ड हैं। गजानन ठाकरे को समाज सेवा और राजनीति का समन्वय करने वाले एक आदर्श राजनेता के रूप में देखा जाता है।गजानन ठाकरे को हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे ने मुंबई महानगरपालिका के महापौर परिषद के पहले अध्यक्ष के रूप में सम्मानित किया था। शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे गजानन ठाकरे की प्रशंसा करते हुए कहते थे, ‘मूर्ति छोटी है, लेकिन कीर्ति बड़ी है।’ उन्होंने खुद को एक विकास पुरुष और एक ऐसे राजनेता के रूप में स्थापित किया था, जिन्होंने शिवसेना की कई शाखाओं के माध्यम से समाज सेवा को समाज सेवा के साथ जोड़ा था, जैसे कि शिवसेना शाखा के माध्यम से, मिनी कोर्ट चलाने जैसे तरीके से न्याय प्रदान करना, जब प्याज और आलू जैसी चीजें महंगी हो जाती थीं, तो उन्हें आम आदमी की पहुंच में आने वाले दामों पर बेचना, हर घर तक बीएमसी का पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन की व्यवस्था करना और विभिन्न प्रकार के फंडों के माध्यम से लोगों की सेवा करते थे।उन्होंने दहिसर बोरीवली विभाग में कई शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना में लोगों की मदद की और स्वयं विद्या भूषण शैक्षणिक संस्थान की स्थापना की और रावलपाड़ा विभाग के दहिसर उपनगर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और एक अत्यंत सुसज्जित सुविधा का निर्माण किया। आज इस विद्यालय में 1900 से अधिक छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने इस संस्था के सचिव का पद अपने कट्टर समर्थक और उस समय के साथी पूर्व नगरसेवक अशोक नार को सौंपकर दहिसर संभाग में एक अनूठा मॉडल स्थापित किया कि शिक्षा क्षेत्र सेवा का क्षेत्र है।दहिसर से बोरीवली तक कई विधायकों, नगरसेवकों और शिवसेना कार्यकर्ताओं सहित नेताओं की अगली पीढ़ी तैयार करने का श्रेय गजानन ठाकरे को जाता है। गजानन ठाकरे की शोक सभा 26 अक्टूबर को शाम 5 से 7 बजे तक विद्या भूषण हाई स्कूल और जूनियर कॉलेज में आयोजित की गई है। अशोक गोविंद नर ने नागरिकों से इस शोक सभा में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। -

भाजपा के वरिष्ठ नेता केशरी नाथ त्रिपाठी का निधन
आईएनएस न्यूज नेटवर्क
प्रयागराज: भाजपा के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी का आज सुबह निधन हो गया. (Senior BJP leader Keshari Nath Tripathi passed away) त्रिपाठी 89 वर्ष के थे. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है.
केशरी नाथ त्रिपाठी लंबे समय से बीमार चल रहे थे. 8 दिसम्बर को बाथरूम में फिसलने की वजह से उनके कंधे में फ्रैक्चर हो गया था. हालांकि उपचार के बाद इनको डिस्चार्ज कर दिया गया था.
केशरी नाथ त्रिपाठी उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. पिछले कुछ दिनों से उनकी तबियत खराब चल रही थी. अस्पताल से आने के बाद उनका घर पर चल ही इलाज चल रहा था.
कल शाम को फिर से उनकी तबीयत बिगड़ गई. उनको सांस लेने में परेशानी हो रही थी. रविवार सुबह 5 बजे गोलोकवासी हो गए. केशरी नाथ त्रिपाठी उत्तर प्रदेश भाजपा के कई बार अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि केशरी नाथ त्रिपाठी ने प्रदेश में पार्टी को बढ़ाने में बहुत योगदान दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केशरी नाथ त्रिपाठी के निधन पर गहरा दु:ख जताया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि “वरिष्ठ राजनेता, भाजपा परिवार के वरिष्ठ सदस्य, प. बंगाल के पूर्व राज्यपाल आदरणीय केशरी नाथ त्रिपाठी जी का निधन अत्यंत दुःखद है. प्रभु श्री राम दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान व शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति दें.