Breaking Newsमहाराष्ट्रमुंबई

विनोद तावड़े पैसा बांटने प्रकरण में तीन एफआईआर दर्ज, हितेंद्र ठाकुर के खिलाफ भी दर्ज हुआ मामला

आईएनएस न्यूज नेटवर्क
मुंबई. नालासोपारा के वेदांता होटल में मतदाताओं को पैसे बांटने के आरोप में चार घंटे चले ड्रामा के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, भाजपा उम्मीदवार राजन नाईक, बहुजन विकास आघाड़ी नेता हितेंद्र ठाकुर, विधायक क्षितिज ठाकुर एवं अन्य लोगों पर आचार संहिता उल्लंघन, पत्रकार परिषद करने और होटल रुम में रुपए बरामद होने के मामले एफआईआर दर्ज की है. (Three FIRs registered in Vinod Tawde money distribution case, case registered against Hitendra Thakur too)
 भाजपा महासचिव विनोद तावड़े को बविआ के कार्यकर्ताओं ने पैसा बांटने के आरोप घेर कर हंगामा शुरू कर दिए. मौके पर हितेंद्र ठाकुर और क्षितिज ठाकुर भी पहुंच गए. हितेंद्र ठाकुर ने कहा कि निश्चित रूप से विनोद तावड़े पैसा बांटने में शामिल थे, उन्होंने महिला मतदाताओं का फोटो दिखाया जो अपना मुंह ढंके हुए हैं. चार घंटे चले हंगामें के बाद विनोद तावड़े हितेंद्र ठाकुर और क्षितिज ठाकुर के साथ कार में बाहर निकल गए. हितेंद्र ने कहा कि उन्हें एक भाजपा नेता ने फोन कर बताया कि विनोद तावड़े वेदांता होटल में पांच करोड़ रुपए बांटने के लिए आए हैं. हमने कहा कि इतना बड़ा नेता ऐसा काम नहीं कर सकता फिर भी चल कर देखते हैं. होटल में गए तो नेता की बात सच निकली. मौके पर विनोद तावड़े की डायरी मिली जिसमें कुल 15 करोड़ रुपए का लेखा-जोखा है.
  चुनाव पूर्व पैसा बांट कर मतदाताओं को लुभाने के मामले पूरी भाजपा घिर गई है. शिवसेना उबाठा प्रमुख उद्धव ठाकरे, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, नाना पाटोले बीजेपी का काला कारनामा उजागर कर रहे हैं. यह मामला देश भर में फैल गया गया है. हालांकि तावड़े ने कहा कि वे केवल भाजपा उम्मीदवार से मिलने गए थे. उन्होंने कोई पैसा नहीं बांटा है.
पांच करोड़ का आरोप झूठ निकला 
 पांच करोड़ रुपए बांटने का आरोप भी गलत निकला है. निर्वाचन आयोग के छापामार दस्ते की जांच में 9,93,500 रूपए बरामद किए गए हैं. होटल के विभिन्न कमरों से यह रूपए बरामद किए गए हैं. रुपए मिलने पर तुलिंज पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज की गई है.
Vinod Tavde Mony Distribution Case at Vedanta Hotel Nalasopara
 विनोद तावड़े पर जो एफआईआर दर्ज की गई है उसमें आचार संहिता उल्लंघन करने करने का आरोप लगाया गया है. मतदान खत्म होने के 48 घंटा पहले शांतिकाल में उम्मीदवार का प्रचार करने विधानसभा क्षेत्र में रूकना अपेक्षित नहीं था. इस मामले में बीएनएस की धारा 323, और जनप्रतिनिधि कानून की धारा 126 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
 वहीं प्रचार के शांतिकाल में पत्रकार परिषद लेने के मामले में भी उपरोक्त धारा के तहत एफआईआर दर्ज किया गया है. इसमें हितेंद्र ठाकुर, क्षितिज ठाकुर एवं बविआ कार्यकर्ताओं के नाम हैं.

Related Articles

Back to top button