UGC के नये नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, भाजपा नेताओं के मंसूबों पर फिरा पानी

आईएनएस न्यूज नेटवर्क
दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने UGC के नये नियमों पर रोक लगा दी है। यूजीसी को लेकर दायर याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यूजीसी में नये प्रावधान को शामिल किए जाने से धारा देश भर के सामान्य वर्ग में भारी आक्रोश फैल गया था। सामान्य वर्ग भाजपा सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आया। 15 जनवरी से पर लगातार धरना प्रदर्शन किया जा रहा था। (The Supreme Court has stayed the new UGC regulations, thwarting the plans of BJP leaders)
यूजीसी 2026 पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है।
चीफ जस्टिस ने कहा कि ये नियम 13 जनवरी 2026 को नोटिफाई किए गए थे, जिनका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव (खासकर SC-ST) और (OBC) के खिलाफ) को रोकना है। जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा केवल SC, ST और OBC सदस्यों के खिलाफ भेदभाव तक सीमित है। इससे सामान्य वर्ग के लोगों को सुरक्षा या शिकायत निवारण तंत्र से बाहर रखा गया माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि झूठी शिकायतों के खिलाफ कोई दंड का प्रावधान नहीं है (2012 के नियमों में था, लेकिन 2026 में हटा दिया गया), जिससे गलत इस्तेमाल की आशंका है। हमें पता है क्या हो रहा है। सुनिश्चित करें कि खामियां दूर की जाएं। कोर्ट ने यह भी कहा कि इसके दुरुपयोग की आशंका है। हम इसे लिस्ट करेंगे। अब इसकी सुनवाई 19 मार्च को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने ने कहा कि नया आदेश आने तक 2012 के यूजीसी नियम ही लागू रहेंगे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मुद्दा बनाकर केंद्र सरकार ने सवर्ण जातियों के खिलाफ झूठी शिकायत पर कार्रवाई का प्रावधान निकल कर पूरे समाज के छात्रों को उत्पीड़न के लिए ढ़केलने का काम किया है।




