घाटकोपर होर्डिंग दुर्घटना 17 लोगों की मौत, आईपीएस कैसर खालिद हो सकते हैं बर्खास्त

आईएनएस न्यूज नेटवर्क
मुंबई। घाटकोपर होर्डिंग दुर्घटना में 17 लोगों की मौत के मामले में गठित एक सदस्यीय जांच समिति ने महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी कैसर खालिद पर एफआईआर दर्ज कर बर्खास्त करने की शिफारिश की है। होर्डिंग दुर्घटना में निलंबित चल रहे कैंसर खालिद की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। (Ghatkopar hoarding accident kills 17, IPS Kaiser Khalid may face dismissal)
पिछले वर्ष 13 मई को घाटकोपर होर्डिंग पेट्रोल पंप पर गिरने से 17 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 80 लोग घायल हो गए थे। इस मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने सेवानिवृत्त जस्टिस दिलीप भोसले की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया था। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में जीआरपी के आयुक्त रहे कैसर खालिद ने अवैध रूप से चार होर्डिंग लगाने की अनुमति देने का दोषी माना है। समिति ने आईपीएस अधिकारी पर एफआईआर दर्ज कर बर्खास्त करने की शिफारिश की है। मूलतः बिहार के रहने वाले कैंसर खालिद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि जब दुर्घटना हुई उस समय लौह मार्ग के आयुक्त रविंद्र शिशवे थे लेकिन होर्डिंग लगाने की अनुमति कैसर खालिद के आयुक्त रहते दी गई थी।
समिति ने की कठोर कार्रवाई की शिफारिश
उच्चस्तरीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कैसर खालिद आयुक्त रहते होर्डिंग के मामले में कई गैरकानूनी निर्णय लिए थे। खालिद स्वयं होर्डिंग की साईज बढ़ाए। बिना टेंडर निकाले चौथी होर्डिंग की परमीशन दी। होर्डिंग की अनुमति देने में आर्थिक अनियमितता की गई। होर्डिंग की साईज 40×40 फीट की थी लेकिन आयुक्त बनने के बाद कैसर खालिद ने तीन होर्डिंग का आकार बढ़ा दिया। होर्डिंग लगाने की समय-सीमा 10 साल से बढ़ा कर 30 साल कर दिया गया। होर्डिंग लगाने वाली कंपनी ईगो मीडिया के मालिक भावेन भिडे से आईपीएस अधिकारी के सहयोगी मोहम्मद अर्शद खान ने 84 लाख रुपए का ब्लैंक चेक लिया। राज्य सरकार की शिफारिश को स्वीकार करती है तो कैसर खालिद की नौकरी जा सकती है।




