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कल्याण- डोंबिवली में 50 करोड़ का टीडीआर घोटाला

मनसे की हाईकोर्ट में याचिका

आईएनएस न्यूज नेटवर्क

कल्याण:- कल्याण डोंबिवली मनपा में 50 करोड़ रुपये के टीडीआर घोटाले के खिलाफ मनसे के पूर्व नगरसेवक और कल्याण ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष प्रकाश भोईर ने मुंबई हाईकोर्ट में  याचिका (क्रमांक 114/2021) दायर की है. इस बात की जानकारी प्रकाश भोईर ने पत्रकार परिषद में दी.
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के डोंबिवली स्थित मध्यवर्ती कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद में प्रकाश भोईर ने मुंबई उच्च न्यायालय में दायर याचिका की झेराक्स प्रतियां पत्रकारों को दीं. याचिका में  द्रौपदी बाई सखाराम म्हात्रे सहित अन्य पर नकली दस्तावेज के जरिए घोटाला करने का आरोप लगाया गया है.
प्रकाश भोईर ने पत्रकारों को बताया कि  द्रौपदी बाई म्हात्रे, कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका के तीन तीन बार स्थायी समिति के सभापति रहे वामन सखाराम म्हात्रे की माता हैं, प्रकाश भोईर ने पत्रकार परिषद में यह भी बताया कि गोरख सखाराम म्हात्रे कल्याण डोंबिवली मनपा में कर्मचारी हैं.
प्रकाश भोईर ने बताया कि जो जमीन सरकारी है, उसको नकली दस्तावेज से अपनी जमीन का दस्तावेज बनवाया, उस सरकारी जमीन पर किसी तरह का कल्याण डोंबिवली मनपा का आरक्षण नहीं है, फिर भी उस पर आरक्षण का नकली दस्तावेज बनवाया, और उस नकली दस्तावेज से कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका से टीडीआर का लाभ प्राप्त किया. प्रकाश भोईर के अनुसार यह सरकारी राजस्व के 50 करोड़ रुपए हड़प करने की भ्रष्ट करतूत है, इसलिए मुंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है.
प्रकाश भोईर ने  कहा कि वामन म्हात्रे महानगर पालिका में तीन तीन बार स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन रह चुके हैं, महानगर पालिका में उनकी पार्टी शिवसेना की सत्ता है, इस सत्ता के बल पर वो साढ़े 8 हेक्टेयर सरकारी जमीन का अपने परिवार के सदस्य का नकली जमीन का मालिकाना हक का नकली दस्तावेज तैयार करवाकर, उस जमीन पर कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका का नकली आरक्षण दिखाकर टीडीआर हड़प लिया है. प्रकाश भोईर का कहना है टीडीआर 50 करोड़ का है. हालांकि प्रकाश भोईर ने यह भी कहा कि यह 18 हजार वर्गमीटर से अधिक टीडीआर है जो वर्तमान दरों में सौ करोड़ का हो सकता है, लेकिन इसका सरकारी स्तर पर अधिकृत मूल्यांकन किया जाना बाकी है. उन्होंने कहा कि राजस्व चोरी की अधिकृत स्तरों पर शिकायतें कर चुके हैं. मनपा आयुक्त, लोकायुक्त, भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो आदि सब में शिकायत के बाद भी कोई एक्शन नहीं होने पर याचिका दायर की है.  कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका आयुक्त ई. रविन्द्रन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आदेश दिए हैं लेकिन सत्ता के बल पर वामन म्हात्रे ने आयुक्त के आदेश को रद्दी में फिकवा दिया.
नागरिकों के हक के राजस्व को इस तरह भ्रष्टाचार करके हड़पने का करतूत का भंडाफोड़ हो, दोषियों के खिलाफ कारवाई हो इस लिए मुंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है. भ्रष्टाचार करने वाले भ्रष्टाचार करके जश्न नहीं मनायें. कानून है, जो दोषियों को सजा देता है. इस भ्रष्टाचार की जानकारी शहर को भी पता चले इस लिए पत्रकार परिषद आयोजित किया है.

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