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दूसरी पार्टियां तोड़ने वाली भाजपा खुद टूट रही है। भिवंडी मनपा में भाजपा के 10 नगरसेवकों को कांग्रेस ने दिया समर्थन

आईएनएस न्यूज नेटवर्क
मुंबई। देश भर में दूसरी पार्टियों को तोड़ कर सत्ता स्थापित करने वाली भाजपा को महाराष्ट्र में करारी चोट मिली है। भिवंडी महानगरपालिका में भाजपा के 10 नगरसेवक टूट कर अलग गुट बना लिए जिसे कांग्रेस ने अपना समर्थन दिया है। (The BJP, which broke up other parties, is itself breaking up.
Congress supports 10 BJP councillors in the Bhiwandi Municipal Corporation)
Congress supports 10 BJP councillors in the Bhiwandi Municipal Corporation)
भिवंडी महानगरपालिका में भाजपा नगरसेवकों ने यह बगावत की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने महापौर पद के लिए पहले नारायण चौधरी को उम्मीदवार घोषित किया था। लेकिन नामांकन दाखिल करने से ठीक पहले रविंद्र चव्हाण ने महापौर पद के लिए स्नेहल मेहुल को पत्र दे दिया। जिससे नाराज 10 नगरसेवकों ने बगावत का बिगुल बजा दिया। दूसरी पार्टियों के नेताओं को तोड़ने वाली भाजपा भिवंडी में अपना घर नहीं बचा सकी। बगावत ऐसी हुई कि न ईडी काम आई और न ही सीबीआई।
भाजपा से अलग हुए नगरसेवकों के दल को कग्रेस, राष्ट्रवादी (शरद) को समर्थन देने का एलान भी कर दिया। बागी नगरसेवक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से मुलाकात कर समर्थन का ऐलान करेंगे । इसी के महापौर चुनाव में तेजी आ गई है। भिवंडी में भाजपा के 22 नगरसेवक चुन कर आए थे। शिवसेना शिंदे गुट के 12 नगरसेवक एक निर्दलीय को मिला कर यह संख्या 35 होती है। जबकि बहुमत का आंकड़ा 46 है। अब भाजपा में टूट के बाद सत्ता स्थापित करने का सपना टूटता दिख रहा है।
वहीं कांग्रेस के 30 राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद) के 12, समाजवादी पार्टी के 6, कोणार्क विकास आघाड़ी 4, भिवंडी विकास आघाड़ी के 4 नगरसेवक हैं। कांग्रेस के नेतृत्व में यह सभी मिलकर सेक्युलर मोर्चा बनाया है। सेक्यूलर मोर्चा के भाजपा के 10 नगरसेवक इनके साथ आने से भाजपा को सत्ता स्थापित करने आस धूमिल हो गई है।




