Breaking Newsमुंबई

वाकोला नदी में कचरा फेंकने से रोकने की तैयारी

ज्ञानेश्वर नगर में नालों पर लगाई जाएगी लोहे की जाली

आईएनएस न्यूज नेटवर्क

मुंबई। मुंबई के नालों में फेंके जाने वाले कचरे को रोकने के लिए मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने पिछले साल नालों पर लोहे की जाली (Fencing) लगाने का निर्णय लिया था। अब तक केवल बांद्रा के गजदरबंध के नाले पर ही फेंसिंग लगाई गई है। हालांकि मानसून से पहले मनपा ने अब फेंसिंग लगाने का काम तेज करने का निर्णय लिया है। सांताक्रुज के ज्ञानेश्वर नगर में वाकोला नदी में कचरा फेंकने से रोकने के लिए मनपा ने टेंडर जारी किया है। (Preparations underway to stop dumping of garbage in the Wakola River)

मनपा के अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने बताया कि वाकोला के बाद दहिसर इलाके के जिन नालों में कचरा फेंका जाता है वहां भी फेंसिंग लगाने के लिए जल्द टेंडर जारी किया जाएगा।

मुंबई में कई ऐसे नाले हैं जिनके आस पास स्लम बस्ती में रहने वाले नागरिक नालों में कचरा फेंक देते हैं। यह कचरा मानसून के समय नालों को जाम कर देता है जिससे उन इलाकों में जलजमाव हो जाता है। इसके समाधान के लिए मनपा ने खुले नालों पर लोहे की जाली लगाने की योजना बनाई है। हालांकि एक साल बीतने के बाद भी केवल एक जगह पर फेंसिंग लगाई गई है। मनपा अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने यह स्वीकार किया कि इस कार्य में ज्यादा प्रगति नहीं हुई है। अभी नालों की पहचान की जा रही है कि कहां ज्यादा कचरा फेंका जाता है। वाकोला के बाद दहिसर के नालों में फेंसिंग की जाएगी। मानसून से पहले कई नालों में फेंसिंग लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

 स्लम इलाके जहां नाले खुले हैं और कचरा प्रबंधन उचित ढंग से नहीं किया जा रहा है वहां लोग नाले में कचरा फेंक देते हैं। इससे पूरे वर्ष नालों में कचरे भरे रहने से हर साल मानसून के पहले बीएमसी को करोड़ों रुपए खर्च कर नालों की सफाई करानी पड़ती है।  पिछले वर्ष मुंबई मस्जिद बंदर से लेकर वडाला तक नाले जाम होने से पटरियों पर पानी भर गया था। मध्य रेलवे ने फेंसिंग लगा कर नालों में फेंके जाने वाले कचरे को कम करने में सफलता प्राप्त की है। उसी तरह बीएमसी भी खुले नाले के किनारे फेंसिंग लगाने की शुरुआत की है।

वाकोला नदी पर फेंसिंग लगाने के लिए मनपा ने टेंडर निकाला है जिस पर 1 करोड़ 60 लाख रुपए आने का अनुमान लगाया गया है। टेंडर का ई लिफाफा 2 मार्च को खोला जाएगा। उसके बाद मनपा की स्थायी समिति में प्रस्ताव लाकर इसे मंजूर किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button