पिछले चुनाव के मुकाबले मुंबई में ज्यादा मतदान, किसकी खुलेगी किस्मत अनुमान लगाया हुआ मुश्किल

आईएनएस न्यूज नेटवर्क
मुंबई. पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार ज्यादा मतदान होने से उम्मीदवारों की धड़कन बढ़ गई है. मुंबई की 36 सीटों पर हुए मतदान को लेकर अनुमान लगाना कठिन हो गया है कि इस चुनाव में जीत किस उम्मीदवार के हाथ लगेगी. एक्जिट पोल भी अलग-अलग अनुमान व्यक्त कर रहे हैं. कोई महाविकास आघाड़ी को ज्यादा सीटें दिला रहा है तो कोई महायुति की वापसी की भविष्यवाणी कर रहे हैं. मुंबई शहर जिले की 10 सीटों और उपनगर जिले की 26 सीटों पर सभी में 3 प्रतिशत से लेकर 7 प्रतिशत तक अधिक मतदान होने से वोटों के पोलराइजेशन की जानकारी सामने आ रही है. (There is more voting in Mumbai compared to the last election, it is difficult to predict whose luck will shine)
बीते कई चुनाव में इतनी संख्या में वोटिंग नहीं हुई थी. इस बार लाडकी बहिन योजना और वोट जिहाद, बंटेंगे तो कटेंगे जैसे मुद्दे जोर शोर से उठा कर हिंदू वोटों के एकजुट होने के कारण महायुति को फायदा मिलने की बात की जा रही है. वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम वोटों का महाविकास आघाड़ी की तरफ एकमुश्त ध्रुवीकरण होने से आघाड़ी को फायदा मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है.
इस बार मुंबई में चुनाव कराने की जिम्मेदारी मुंबई मनपा पर डाली गई थी. मनपा द्वारा किए गए बेहतर प्रबंधन ने मतदाता वोट करने के आकर्षित हुए. मनपा आयुक्त भूषण गगरानी ने सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त किया है. साथ ही शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न कराने पर चुनावी ड्यूटी पर लगे अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को भी धन्यवाद दिया है.
मुंबई की 36 विधानसभा सीटों में सबसे ज्यादा मतदान भांडुप विधानसभा में हुआ है. यहां पर 61.12 प्रतिशत मतदान हुआ है, जो पिछले चुनाव से 5% अधिक है. बोरीवली में 60.5 प्रतिशत मतदान हुआ जो 5.5 % ज्यादा है. सबसे कम मतदान 44.49 प्रतिशत कुलाबा विधानसभा में हुआ है हालांकि यह भी पिछले चुनाव से 4.5 प्रतिशत अधिक है. ज्यादा मतदान से किसे फायदा होगा इसको लेकर बड़े बड़े चुनावी जानकर भी चकरा गए हैं. मुंबई उपनगर जिले में कुल 55.77 और मुंबई शहर में 52.07 प्रतिशत मतदान हुआ है.




