वायु प्रदूषण रोकने एमएमआरडीए ने उठाया बड़ा कदम, निर्माण धूल नियंत्रण दिशानिर्देशों का पालन न करने पर लगेगा 20 लाख रुपए जुर्माना

आईएनएस न्यूज नेटवर्क
मुंबई. मुंबई महानगरपालिका के लचर रवैए के विपरीत एमएमआरडीए ने निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल नियंत्रण दिशानिर्देश का पालन नहीं करने वाले ठेकेदारों पर 20 लाख रुपए जुर्माना वसूलने का निर्णय लिया है. जबकि बीएमसी वायु प्रदूषण फैलाने वालों से रोजाना केवल एक हजार रूपए जुर्माना वसूलती है. (MMRDA takes a big step to prevent air pollution, Rs 20 lakh fine will be imposed for not following dust control guidelines at construction sites)
मुंबई महानगर में मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं. मेट्रो लाइन , कोस्टल रोड, ब्रिज जैसे निर्माण कार्य के कारण होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं. यह मुंबई में वायु प्रदूषण को कम करने और सतत शहरी विकास सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.
नए दिशानिर्देशों में धूल को नियंत्रित करने के लिए तत्काल उपाय, निर्माण कार्य की निगरानी, मलबे का प्रबंधन और एमएमआरडीए परियोजना स्थलों पर वाहनों के यातायात का विनियमन शामिल है. इस पहल के माध्यम से, विकास प्रयासों के साथ-साथ पर्यावरणीय मुद्दों का समाधान खोजने की प्राधिकरण की प्रतिबद्धता उजागर होती है.
प्रमुख उपाय इस प्रकार हैं.
1. धूल नियंत्रण
सभी निर्माण स्थलों पर जल छिड़काव और फॉगिंग मशीनें तैनात करना, मिट्टी के परिवहन और निर्माण सामग्री का भंडारण करते समय नियमित रूप से पानी का छिड़काव करें. परियोजना क्षेत्र में यंत्रचालित सफाई मशीनों का उपयोग
2. निगरानी एवं प्रबंधन
मौजूदा दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण. प्रगति का मूल्यांकन करने के लिए एक व्यापक निगरानी और रिपोर्टिंग तंत्र.
3. कचरे का प्रबंधन
अनधिकृत डंपिंग को रोकने और धूल को कम करने के लिए निर्माण और विध्वंस (सी एंड डी) कचरे के परिवहन की उचित योजना.
4. वाहनों का विनियमन
निर्माण सामग्री का परिवहन करने वाले वाहनों के लिए उचित कवर और लाइसेंस सहित दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन.
5. अपशिष्ट जलाने की रोकथाम
परियोजना स्थल पर कचरा जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध एमएमआरडीए ने दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए ठेकेदारों के लिए सख्त दंड तय किए है. नियमों का पहली बार उल्लंघन करने पर जुर्माना 5 लाख रुपए से शुरू होगा, जबकि दोबारा उल्लंघन करने पर जुर्माना बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दिया जाएगा और परिचालन बंद करने की कार्रवाई की जाएगी.
एमएमआरडीए आयुक्त आईएएस डॉ. संजय मुखर्जी ने कहा कि स्वच्छ हवा के लिए प्रयास करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. इन दिशानिर्देशों के माध्यम से, एमएमआरडीए ने तेजी से बुनियादी ढांचे के विकास और पर्यावरण संरक्षण को संतुलित करने की पहल की है. हम सभी हितधारकों से इन सिद्धांतों का पालन करने और स्वच्छ मुंबई की दिशा में योगदान देने की अपील करते हैं.




