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तीसरे चरण में 60.12 प्रतिशत मतदान
627 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद

आईएनएस न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में तीसरे चरण का मतदान शाम 6 बजे खत्म गया. तीसरे चरण में 60.12 % वोटिंग हुई. इसी के साथ चुनाव लड़ रहे 627 उम्मीदवारों की क़िस्मत ईवीएम में क़ैद हो गयी. जिनमें अखिलेश यादव, शिवपाल यादव, एसपी सिंह बघेल, सतीश महाना जैसे कद्दावर नेता शामिल हैं. वहीं मतदान के दौरान इटावा में एक पीठासीन अधिकारी की हार्ट अटैक से मौत हो गयी. छिटपुट झड़प को छोड़ दें तो 9 जिलों में मतदान के दौरान कोई बड़ी हिंसा नहीं हुई.
सबसे ज्यादा मतदान ललितपुर जिले में हुआ. जहां 67.38 फीसदी मतदान हुआ है. वहीं सबसे कम वोट वाला जिला कानपुर रहा जहां मात्र 50.76 फीसदी ही वोट पड़े. वहीं मतदान के दौरान इटावा में एक पीठासीन अधिकारी की हार्ट अटैक से मौत हो गयी. छिटपुट झड़प को छोड़ दें तो 9 जिलों में मतदान के दौरान बड़ी हिंसा की कोई खबर नहीं मिली. शाम 6 बजे मतदान खत्म होने पर कुल 627 उम्मीदवारों की क़िस्मत ईवीएम में क़ैद हो गयी.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि इस चरण में हाथरस,फिरोजाबाद, एटा, कासगंज, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर नगर, जालौन, झांसी, ललितपुर, हमीरपुर और महोबा में पांच बजे तक 57.58 प्रतिशत मतदान हुआ है. इसमे सबसे अधिक 67 प्रतिशत ललितपुर में और सबसे कम 51 प्रतिशत कानपुर में नगर में मतदान हुआ. उन्होंने कहा कि शाम 6 बजे तक वोटिंग हुई, ऐसे में मतदान का प्रतिशत बढ़ना स्वाभाविक है.
93 ईवीएम में मिली गडबड़ी
शुक्ला ने बताया कि तीसरे चरण के मतदान के दौरान 93 ईवीएम और 351 वीवी पैट में गड़बड़ी आई, जिसे बदल दिया गया. चुनाव के दौरान आयोग को कुल 399 शिकायतें मिलीं. इसमें से 97 शिकायतें सही पाई गईं. इस दौरान फ्लाइंग स्क्वायड व स्टैटिक सर्विलांस टीम को कुल 271 मामले आचार संहिता उल्लंघन के मिले, जिसमें आयोग द्वारा कार्रवाई की गई. शुक्ला ने बताया कि तीसरे चरण में कुल 13903 बूथों पर वेबकास्टिंग की गई. इसके अलावा 1342 बूथों पर अलग से वीडियो ग्राफी की भी व्यवस्था की गई थी.
2017 में ऐसे रहा आंंकड़ा
2017 में इन 59 सीटो में से 49 विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा था. 8 पर समाजवादी पार्टी, एक पर कांग्रेस और एक सीट पर बहुजन समाज पार्टी जीती थी. तब सपा और कांग्रेस का गठबंधन था.
इस इलाके में 19 विधानसभा सीटे हैं. 2017 में बीजेपी ने इन सभी 19 सीटों पर कब्जा जमाकर इतिहास रच दिया था. इतना ही नहीं बीजेपी ने ये सभी सीटें करीब एक लाख से लेकर 15 हजार वोटों के बड़े अंतर से जीती थीं. ऐसे में इस बार बीजेपी के ऊपर पिछला इतिहास दोहराने का जबर्दस्त दबाव भी है.




