
आईएनएस न्यूज नेटवर्क
मुंबई. शिवसेना नेता व स्थायी समिति अध्यक्ष यशवंत जाधव (yashwant Jadhav House Income tax Raid) के शुक्रवार सुबह 7 बजे से शुरु हुई आयकर विभाग की छापेमारी 24 घंटे बीतने के बाद भी जारी थी. आयकर अधिकारी जाधव के घर रात भर तलाशी और पूछताछ करते रहे. देर रात यशवंत जाधव को घर से बाहर निकाले जाने की खबर सुनते ही शिवसैनिक भी बड़ी संख्या में पहुंच गए. इनकम टैक्स विभाग की छापेमारी के खिलाफ शिवसैनिक नारेबाजी करते रहे. रात भर अधिकारी और शिवसैनिकों के धैर्य की परीक्षा होती रही. अधिकारी घर के भीतर जमे रहे तो शिवसैनिक भी घर के बाहर रात भर डटे रहे.
शुक्रवार को यशवंत जाधव के भायखला स्थित दोनों घरों पर एक साथ छापेमारी शुरु की गई थी. इनकम टैक्स की कई टीमें एक साथ मुंबई के अलग-अलग स्थानों पर छापे की कार्रवाई शुरु की थी जिसमें जाधव के अलावा उनके बीएमसी के करीबी ठेकेदार भी थे. यशवंत जाधव के पीए, बीएमसी ठेकेदार नजदीकी दोस्त को मिला कर 15 से अधिक स्थानों पर छापे डाले गए.
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने जाधव पर 100 करोड़ रुपये भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया था. इसमें 15 करोड रुपये शेल कंपनी प्रधान डीलर्स के जरिए पैसे को सफेद कर यूनाइटेड अरब अमीरात(UAE) में मनी लांड्रिंग करने का आरोप है.
यशवंत जाधव शिवसेना के उपनेता हैं. उनकी पत्नी यामिनी जाधव भायखला विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी हैं. वे शिवसेना के शाखा प्रमुख से आगे बढ़ते हुए उपनेता पद तक पहुंचे हैं. 1997 में पहली बार मुंबई महानगर पालिका में नगरसेवक चुनकर आये थे. बीएमसी की कई समितियों के सदस्य रहे. पिछले चार साल से मनपा की तिजोरी कही जाने वाली स्थायी समिति के अध्यक्ष पद विराजमान हैं. कोविड के समय दिए गए ठेके और अपने वार्ड में नियुक्त ठेकेदारों की वजह से चर्चा में आये जिसके बाद उन पर बीएमसी में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया गया.
जाधव पर छापेमारी के बाद मुंबई आम आदमी पार्टी ने स्टैंडिंग कमेटी की अंडरस्टेंडिंग बता कर सभी पार्टियों पर निशाना साधा है. आम आदमी पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष रुबेन मस्कारेनहास ने कहा कि बीएमसी को लूट कर खोखला बनाने में शिवसेना, भाजपा, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस, सपा सब शामिल हैं. बिना पैसा लिए कोई प्रस्ताव बीएमसी में पास नहीं होता था. जाधव देश के सबसे भ्रष्ट नेताओं में से एक हैं.




