विधानसभा में किसने क्या कहा कि तनाव के बाद भी छूट गई हंसी
किसने पूछा, फडणवीस आपने एक पत्थर से कितने शिकार किए?

आईएनएस न्यूज नेटवर्क
मुंबई. विधान सभा की कार्रवाई शुरु होने तक सभी के चेहरों पर तनाव स्पष्ट रुप से दिखाई दे रहा था. विधानसभा अध्यक्ष चुनाव में भाजपा-शिंदे गुट के उम्मीदवार राहुल नार्वेकर की जीत के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उन्हें सम्मानपूर्वक अध्यक्ष के आसन तक ले गए. उसके बाद अभिनंदन प्रस्ताव रखा गया. पहले मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री के बाद जब विपक्षी सदस्यों का नंबर आया तो एक के एक तीर और जुमले चले कि तनाव भरे माहौल में सदस्यों के मुंह से हंसी छूट गई.
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि देश में पहली घटना घटी है कि सत्ता से हटना पड़ा. शिवसेना और भाजपा की सरकार आई है, यह कहें कि हमारी सरकार आ गई है. राहुल नार्वेकर विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए. उसके बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बधाई प्रस्ताव पेश किया. इस अवसर पर एकनाथ शिंदे ने अपने सभी साथियों का बड़े ही विश्वास के साथ आभार व्यक्त किया.
शिंदे ने कहा कि मेरे 50 सदस्यों ने मुझ जैसे छोटे कार्यकर्ता पर भरोसा किया. कुछ लोग कह रहे थे कि हमारे पास 15-20 विधायक हैं, कुछ कह रहे थे कि आने के जो विधायक गए हैं वापस आ जाएंगे. मैंने कहा मुझे बताओ कि वे कौन हैं. मुझे 50 विधायकों के साथ मुख्यमंत्री पद दिया गया है, मैं इसके लिए नरेंद्र मोदी और अमित शाह को धन्यवाद देता हूं.
अजीत पवार ने चलाए शब्दबाण
अजीत पवार ने कहा कि सभी को लगा था कि देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बनने वाले हैं. लेकिन, उन्होंने एकनाथ शिंदे के नाम की घोषणा कर ने पूरा महाराष्ट्र स्तब्ध हो गया था. गिरीश महाजन अभी भी रो रहे हैं. वे पहने हुए फेटे को हटाकर अपनी आंखें पोंछ रहे हैं.
अभिनंदन प्रस्ताव पर बोलते हुए अजीत पवार ने जमकर व्यंग बाण चलाए. पवार ने कहा कि भाजपा के लोग इस बात से नाराज हैं कि देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री बनने का मौका कैसे गंवा दिया. बीजेपी के पास आज 105 विधायक हैं. लेकिन एक बार आप सदद्विवेक से सोचें कि क्या आप वास्तव में संतुष्ट हैं. इसलिए अजीत दादा ने भी चंद्रकांत पाटिल से कहा कि अब ढोल न बजाएं आपको मंत्री बनाया जाएगा कि इस पर अभी सस्पेंस है.
जयंत के मजाकिया लहजे में कहा
एनसीपी नेता और पूर्व मंत्री जयंत पाटिल ने कहा राहुल नार्वेकर जी, आप हमारे दामाद हैं. अगर सदन में आप हमारी बात पर ध्यान नहीं देंगे तो हम अपनी बेटी को बताएंगे और फिर आपकी खबर ली जाएगी. पाटिल ने कहा कि अबू आजमी महाराष्ट्र में बोल रहे थे. इसलिए हर बार उनकी बातों पर आपत्ति जताना ठीक नहीं है. फडणवीस जी, आप कम से कम एक साल के लिए नीचे दामाद और उपर ससुर के नहीं जाने की व्यवस्था करें.
तो धीरे से कान में कह देना था
सुधीर मुनगंटीवार ने अपने भाषण में आदित्य ठाकरे की तरफ इशारा करते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री बनना था तो धीरे से कान में कह देते इसका जवाब आदित्य ठाकरे ने दिया. जब बोलने के लिए आदित्य का अवसर आया तो कहा कि हमने देवेंद्र फडणवीस से कहा था कि अगर ऐसा होता तो ढाई साल पहले के हालात होते और आज वे मुख्यमंत्री होते. हमने उनके कान में ही कहा था लेकिन हमारी बात नहीं माने. आज वे कहां हैं.
एक पत्थर से कितने पक्षी मारे
कांग्रेस नेता बाला साहेब थोरात ने कहा कि
आप आदित्य ठाकरे के करीबी थे आपने उन्हें कानून पढ़ाया. अजीत पवार ने उनसे अपने संबंधों के बारे में बात की. लेकिन फिर आपने कांग्रेस को किनारे क्यों किया. थोरात ने कहा कि सदन में अनुभवी सदस्यों को अध्यक्ष के रूप में नियुक्त करने की भी परंपरा है. जिसे मंत्री बनना था अध्यक्ष बना दिया,देवेंद्र फडणवीस आपने एक पत्थर से कितने पक्षियों का शिकार किया? “यहां से राज्य चलाया जाता है. पिछले दो वर्षों में सदस्यों को बोलने का मौका नहीं मिला. विधानसभा ने कई महान लोगों को देखा है. नये अध्यक्ष से मैं आशा करता हूं कि सभी को न्याय देंगे.




