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मुंबई में इस वर्ष नहीं बढ़ेगा प्रापर्टी टैक्स, साल भर लोगों को मिली राहत

आईएनएस न्यूज नेटवर्क

मुंबई. मुंबई महानगरपालिका इस वर्ष प्रापर्टी टैक्स में  वृद्धि नहीं करने का फैसला किया है. नियमानुसार बीएमसी प्रति हर पांच वर्ष में प्रापर्टी टैक्स में 15 से 20 प्रतिशत टैक्स बढ़ोतरी करती है. प्रापर्टी टैक्स में आखिरी वृद्धि 2020-21 में की गई थी. उसके बाद से कोई वृद्धि नहीं की गई है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में  टैक्स बढ़ने की संभावना थी. आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए मनपा ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर साफ किया है कि एक वर्ष के लिए प्रापर्टी टैक्स में वृद्धि उचित नहीं है. इससे स्पष्ट हो गया है कि इस वित्तीय वर्ष में यह बढ़ोतरी नहीं होगी. (Property tax will not increase in Mumbai this year, people got relief throughout the year)

बीएमसी  ने राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग को पत्र लिखा है कि रेडी रेकनर के मुताबिक सिर्फ एक साल के लिए प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाना उचित नहीं होगा.  मनपा ने गत वर्ष प्रापर्टी टैक्स बढ़ाने का फैसला लिया था,  जिसका हर स्तर पर विरोध होने के बाद राज्य सरकार ने टैक्स वृद्धि के प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी. पांच साल के आखिरी साल में यह बढ़ोतरी की जा सकती है या नहीं, इसे लेकर बीएमसी के कर निर्धारण और संग्रह विभाग में बैठक हुई.
मनपा अधिकारी ने बताया कि रेडी रेकनर के अनुसार मनपा के पास टैक्स दर बढ़ाने का अधिकार है. यदि टैक्स नहीं बढ़ाना है तो राज्य सरकार की मंजूरी लेना आवश्यक होता है. टैक्स वृद्धि के लिए राज्य सरकार की अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है, टैक्स बढ़ाने से रोकने के लिए राज्य सरकार को नियमों में संशोधन करना पड़ेगा.
अधिकारी ने बताया कि चुनाव के कारण पिछले चार साल में राज्य सरकार ने संपत्ति कर वृद्धि टालती रही है. मनपा की योजना है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 से अगले पांच साल के लिए प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने की है. अधिकारी ने कहा कि अभी एक वर्ष के लिए टैक्स बढ़ाया जाता है तो अगले वर्ष फिर से टैक्स बढ़ाना पड़ेगा. इसलिए एक वर्ष के लिए वृद्धि नहीं करने का निर्णय लिया गया है.
  पिछले पांच वर्षों में टैक्स में वृद्धि नहीं करने से मनपा को प्रति वर्ष 675 करोड़ रुपए नुकसान हो रहा है. चूंकि जकात बंद होने से मनपा के आय का स्रोत कम हो गया है इसलिए उन्हें उम्मीद है कि 2025-26 के लिए अगले वर्ष प्रॉपर्टी टैक्स में बढ़ोतरी कर नुकसान की भरपाई की जाए.

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