म्हाडा के सस्ते में घर चाहिए तो हो जाएं तैयार, नये वर्ष में आने वाली है लॉटरी

आईएनएस न्यूज नेटवर्क
मुंबई. म्हाडा (MHADA) के मुंबई बोर्ड को ताड़देव स्थित घर को खरीदार नहीं मिल रहा है. यहां कुल चार घर हैं जिनकी कीमत करीब सात करोड़ रुपए है. चार घरों में से तीन घर म्हाडा द्वारा 2024 में निकाली गई लॉटरी में शामिल किया गया जबकि एक को शामिल नहीं किया गया था. लेकिन जो घर लॉटरी में लगे थे वे भी उन्हें म्हाडा के पास सरेंडर कर दिया. सरेंडर किए गए घरों में से एक घर प्रतीक्षा सूची में दिया जाने वाला है. जबकि तीन घरों के लिए अब भी खरीदार नहीं मिल रहे हैं. यह घर बिकेंगें कि नहीं इसको लेकर मुंबई बोर्ड की चिंता बढ़ गई है. म्हाडा के सस्ते में घर चाहिए तो तैयार रहें. नये वर्ष एक बार फिर लॉटरी निकलने वाली है. (If you want a cheap house from MHADA then get ready, lottery is going to come in the new year)
मुंबई बोर्ड को 2023 के आवंटन के लिए ताड़देव की बहुमंजिला क्रिसेंट टॉवर (Criscent Tower) में 141.30 वर्ग मीटर और 142.30 वर्ग मीटर के ऐसे कुल सात मकान हैं। इन मकानों के लिए 2023 में लॉटरी निकाली गई. इन घरों की कीमतें साढ़े सात करोड़ रुपये के बीच थीं. हालांकि ये घर म्हाडा दरों के अनुसार महंगे हैं, लेकिन मुंबई बोर्ड का मानना था कि इन्हें बेचा जाएगा क्योंकि ये बाजार मूल्य की तुलना में सस्ते हैं. वर्ष 2023 के ड्रा में सात में से एक भी घर नहीं बिका. मकानों को बोर्ड ने 2024 के ड्रा में शामिल किया.
म्हाडा ने 2024 हाउस लॉट में कीमतों में 10 से 25 प्रतिशत की कमी की है, जिससे इन घरों की कीमत 75 लाख रुपए कम होकर 7 करोड़ तक आ गई है. 2024 में निकाली गई लॉटरी में ताड़देव के इन छह घरों को अच्छी प्रतिक्रिया मिली. लेकिन जब वास्तव में विजेताओं से स्वीकृति पत्र लेने का समय आया तो चार विजेताओं ने मकान वापस कर दिए. जबकि दो विजेताओं ने स्वीकृति पत्र ही नहीं दिया. ये घर रणनीतिक स्थानों और विशाल इमारतों में स्थित हैं. आवास की कीमतें बाजार दरों से कम हैं. अधिकारियों का कहना है कि इसके बावजूद इन मकानों को कोई रिस्पांस क्यों नहीं मिल रहा है. अब इन घरों को वर्ष 2025 में निकाली जाने वाली लॉटरी में फिर से शामिल किया जाएगा.
वैसे तो म्हाडा के कुल 14047 घर बिना बिके रह गए. इन घरों की कीमत करीब 3000 करोड़ रुपए है. वर्ष 2017 से ही इन घरों के खरीददार नहीं आ रहे हैं. म्हाडा कोकण मंडल की मुख्य अधिकारी रेवती गायकर ने बताया कि बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण यह स्थिति है.अब हम इन घरों के लिए स्कूल-कॉलेज, खेल के मैदान, सुपर मार्केट, स्विमिंग पूल, अस्पताल आदि बना रहे हैं. साथ ही घरों के विज्ञापन के लिए म्हाडा की एक टीम बनाई है, जो सोशल मीडिया के साथ-साथ रेलवे व बस स्थानकों सहित 29 सार्वजनिक स्थानों पर म्हाडा के घरों का विज्ञापन और प्रचार करेगी. म्हाडा के इन घरों की कीमत 14-16 लाख रुपए है, जो आम नागरिकों की पहुंच के बाहर है. ऐसे में म्हाडा पहली बार अपने घरों को बेचने के लिए परेशान हो गया है.




