मुंबई में 14 फीट से ऊंचे 1000 से अधिक झोपड़ों को बीएमसी का नोटिस कार्रवाई पर अड़ी बीएमसी, नेताओं में खलबली

आईएनएस न्यूज नेटवर्क
मुंबई। मुंबई में झोपड़पट्टी धारकों को बीएमसी द्वारा थमाए जा रहे नोटिस से हड़कंप मच गया है। महानगरपालिका ने 14 फीट से अधिक ऊंचाई वाले 1000 से अधिक झोपड़ा धारकों को नोटिस जारी किया है। बीएमसी की इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है और मामला अब मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। (BMC issues notices to over 1,000 shanties in Mumbai exceeding 14 feet in height; BMC firm on taking action, sparking a stir among politicians)
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीएमसी प्रशासन ने सभी वार्डों को निर्देश दिए हैं कि 14 फीट से ऊंची झोपड़ियों का सर्वे कर उन्हें नोटिस दिया जाए। इसके बाद धारावी, गोवंडी, मानखुर्द, चेंबूर, कुर्ला और घाटकोपर सहित कई इलाकों में 1000 से ज्यादा लोगों को नोटिस बांटे जा चुके हैं, जिससे झोपड़पट्टी में रहने वाले गरीब परिवारों में डर का माहौल है।
इस मामले को लेकर सत्तापक्ष के ही सभागृह नेता गणेश खणकर ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने मनपा आयुक्त अश्विनी भिडे को पत्र लिखकर इस कार्रवाई को तुरंत स्थगित करने की मांग की है। वहीं भाजपा के पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर बीएमसी की इस कार्रवाई को तुरंत रोके जाने की मांग की है।
गणेश खणकर का कहना है कि समय के डीसीआर (विकास नियंत्रण नियमावली) के अनुसार 1 एफएसआई की सीमा में रहते हुए 14 फुट तक की ऊंचाई को कानूनी मान्यता दी गई थी। ऐसे में यह नोटिस नियम के विपरीत है। इससे जनता में ड़र का माहौल है। यदि बीएमसी झोपड़ों पर कार्रवाई करती है तो जनता का आक्रोश भड़क सकता है। दरअसल स्लम इलाकों से चुनकर आए भाजपा नगरसेवकों के होश उड़े हुए हैं।
उन्होंने पत्र में कहा कि मुंबई की 40% आबादी आज भी झोपड़पट्टी में रहती है और सरकार खुद SRA और क्लस्टर योजना के तहत मुंबई को झोपड़पट्टी मुक्त करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है। ऐसे में बीएमसी का यह कदम गरीब मुंबईकरों को तकलीफ देने वाला है।
उन्होंने मांग की है कि सिर्फ वही निर्माण जो खतरनाक हैं और जिनसे जान-माल को खतरा है, उन्हीं पर कार्रवाई की जाए, सभी को एक साथ नोटिस देकर दहशत न फैलाई जाए।
वहीं बीएमसी अधिकारी अपने निर्णय पर अड़े हैं कि बढ़ती ऊंचाई से हादसों का खतरा है, इसलिए कार्रवाई जरूरी है।
मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सात सितंबर से 14 फीट से ज्यादा ऊंचे झोपड़ों को चिन्हित किया जा रहा है। अब 39,111 झोपड़ों की पहचान की गई है जिनकी ऊंचाई तय मानक से अधिक है। अधिकारी ने कहा कि यह संख्या 50 हजार से भी अधिक हो सकती है। हम पूरे झोपड़ों को नहीं तोड़ेंगे। केवल 14 फीट से ज्यादा बनाए गए अतिरिक्त हिस्से को तोड़ेंगे। हमने चेतावनी जारी कर दी है अतिरिक्त निर्माण करने वाले स्वयं अवैध हिस्से को तोड़ दें। वरना उसे बीएमसी तोड़ेगी। मनपा आयुक्त अश्विनी भिडे ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि अवैध हिस्से पर 1 अक्टूबर से कार्रवाई शुरू की जाएगी।




