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बीजेपी ने जारी की राज्यसभा के 16 उम्मीदवारों की सूची
भाजपा के ब्राह्मण चेहरे लक्ष्मीकांत वाजपेयी को मौका

आईएनएस न्यूज नेटवर्क
दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी ने देश भर में रिक्त हुई राज्यसभा सीटों के लिए अपने 16 उम्मीदवारों की घोषणा(BJP released the list of 16 Rajya Sabha candidates) कर दी है. बीजेपी की इस सूची में लगभग पुराने नेताओं को रिपीट किया गया है.
भाजपा ने उत्तर प्रदेश से लक्ष्मीकांत वाजपेयी और राधा मोहन अग्रवाल समेत 6 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है. राज्यसभा की 57 सीटों पर 10 जून को चुनाव होने वाले हैं. 31 मई को नामांकन की आखिरी तारीख है.
बीजेपी ने मध्य प्रदेश से कविता पाटीदार, कर्नाटक से निर्मला सीतारमन एवं जग्गेश, महाराष्ट्र से पीयूष गोयल व डॉ. अनिल बोंडे, राजस्थान से घनश्याम तिवारी, उत्तर प्रदेश से लक्ष्मीकांत बाजपेयी, राधामोहन अग्रवाल, सुरेंद्र सिंह नागर, बाबूराम निषाद, दर्शना सिंह, संगीता यादव, उत्तराखंड से कल्पना सैनी, बिहार से सतीश चंद्र दुबे, शंभू शरण पटेल और हरियाणा से कृष्ण लाल पंवार को उम्मीदवार बनाया है.
उत्तर प्रदेश की 11 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं. पार्टी ने 6 उम्मीदवारों की घोषणा की है. पार्टी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी का वनवास खत्म किया है. वाजपेयी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाई थी और संगठन की कमान संभाल रहे थे. उसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में संगठन ने उन्हें जॉइनिंग कमेटी का चेयरमैन बनाया गया था.
लक्ष्मीकांत वाजपेयी भाजपा बड़े ब्राह्मण चेहरे हैं. बाजपेयी ने चुनाव से पहले बड़े स्तर पर अन्य दलों के नेताओं को बीजेपी जॉइनिंग कराई थी. 2014 के लोकसभा चुनाव में यूपी में सबसे ज्यादा 73 सीटें बीजेपी ने जीती थी. वहीं, गोरखपुर के विधायक रहे राधा मोहन अग्रवाल भी राज्यसभा के उम्मीदवार बनाए गए हैं. उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए सदर सीट छोड़ी थी.
बीजेपी ने अभी यूपी की सिर्फ 6 सीटों पर ही प्रत्याशी घोषित किए हैं. यूपी की 7 राज्यसभा सीटों के लिए बीजेपी के पास पूर्ण बहुमत है. आठवीं सीट पर भी बीजेपी प्रत्याशी उतारेगी. जबकि सपा ने सिर्फ तीन प्रत्याशी ही अभी तक घोषित किए हैं. समाजवादी पार्टी गठबंधन के पास तीन प्रत्याशियों को जिताने के लिए ही बहुमत हैं. महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव को लेकर घमासान मचा हुआ है. छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज संभाजी राजे भोसले को शिवसेना ने टिकट देने के बुलाया लेकिन संभाजी ने पार्टी में शामिल होने से इनकार कर दिया जिसके बाद शिवसेना ने अपना तीसरा उम्मीदवार उतार दिया.
अब भाजपा भी तीसरा उम्मीदवार उतार सकती है जिससे शिवसेना की परेशानी बढ़ सकती है.




