
आईएनएस न्यूज नेटवर्क
नवी मुंबई. पनवेल महानगर पालिका(Panel Municipal Corporation) की तरफ से आम नागरिकों पर जबरन थोपे गये प्रापर्टी(Property Tax) टैक्स की कामोठे में होली जलाई गई. होलिका दहन के अवसर पर कामोठे के सेक्टर 19 में घर आंगन, सत्यम हाईट्स, शुभशरणम् सहित अन्य सोसायटी के लोग जमा होकर प्रापर्टी टैक्स की होली जलाई. 

गौरतलब हो कि सिडको द्वार विकसित किये गए क्षेत्रों जिसमें पनवेल महानगर पालिका के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 2 लाख 50 हजार प्रापर्टी कर दाताओं का मामला अभी मुंबई हाईकोर्ट में लंबित है. खारघर से लेकर पनवेल तक के इलाकों को सिडको के अंतर्गत डेवलप किया था जिसे पनवेल महानगरपालिका को हस्तांतरित कर दिया गया है. तब ही पीएमसी और स्थानीय निवासियों के बीच प्रापर्टी टैक्स का विवाद शुरु हो गया. इसी विवाद को लेकर खारघर फोरम, कामोठे फोरम के साथ शेतकरी कामगार सहित सभी विपक्षी पार्टियों ने शुक्रवार को महामोर्चा निकाला.
दरअसल जब से सिडको ने इन इलाकों को डेवलप किया है वही सभी टैक्स वसूल करता था.सिडको ने 2020 में खारघर, तलोजा, खांदा कालोनी, कलंबोली, कामोठे, पनवेल और न्यू पनवेल क्षेत्रों सर्वाधिकार पीएमसी को हस्तांतरित कर दिया था लेकिन पीएमसी ने वर्ष 2016 से ही 2.5 लाख प्रापर्टी धारकों को टैक्सी वसूली की नोटिस भेज रहा है. टैक्स अदा नहीं करने पर प्रापर्टी जब्त करने की नोटिस भेज कर ड़राने का प्रयास किया जा रहा है.

स्थानीय नागरिकों को सिड़को 25 प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराता था बदले में लोगों से टैक्स लेता था. सिडको की तरफ से टैक्स वसूले जाने के बाद पीएमसी दुबारा उसी सुविधाओं का टैक्स वसूल कर रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीएमसी अब तक लोगों को कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराया है. फिर बैकडेट में 12%प्रापर्टी टैक्स वसूलने का उसको कोई अधिकार नहीं है. फिलहाल मामला हाईकोर्ट में प्रलंबित है. पनवेल मनपा की मनमानी के खिलाफ मामला हाईकोर्ट में अभी लंबित है. उपरोक्त इलाकों के लोग परेशान हैं.
प्रापर्टी टैक्स की होली जलाने गौरव पोरवाल ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी यदि इसी तरह आम लोगों को परेशान करती रही तो आगामी चुनाव में यही जनता उसकी होली जला देगी. इस अवसर पर सचिन झनझने युवा संगठक शेतकरी कामगार पार्टी, उषा झनझने, महिला आघाड़ी अध्यक्ष कामोठे,तुकाराम औटी, सारंग आंबोरे सहित बड़ी संख्या में लोग होलिका दहन के अवसर पर मौजूद रह कर टैक्स वसूली का विरोध किया.




