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गणेश नाईक को हाईकोर्ट से राहत

शर्तो के साथ मिली अग्रिम जमानत

आईएनएस न्यूज नेटवर्क
मुंबई. महिला के साथ बलात्कार,जान से मारने की धमकी के आरोप झेल रहे  पूर्व मंत्री व बीजेपी विधायक गणेश  (Ganesh Naik got antisepetribell in rape case) को आखिरकार हाईकोर्ट  (High court) से राहत मिल गई है. ठाणे सत्र न्यायालय से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद नाईक हाईकोर्ट गए थे जहां कोर्ट ने आज शर्तों के साथ अग्रिम जमानत दे दी.
ऐरोली के भाजपा विधायक गणेश नाइक के खिलाफ नेरुल और सीबीडी पुलिस स्टेशन में कथित तौर पर रिवॉल्वर दिखाकर  जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था. इस बीच नाईक गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी. लेकिन कोर्ट ने जमानत खारिज कर दी गई थी. इससे कयास लगाया जा रहा है कि उन्हें कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है.
 एफआईआर के बाद से फरार थे नाईक
 नाईक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली दीपा चव्हाण की  शिकायत पर नाईक के खिलाफ बेलापुर और नेरुल में रेप का मामला दर्ज किया गया है.  पुलिस 4 दिन से फरार चल रहे नाईक की तलाश में लगी है. लेकिन वे पुलिस के हाथ नहीं आ रहे हैं.
उनकी गिरफ्तारी के लिए एनसीपी और शिवसेना आंदोलन कर रहे हैं. महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने कहा कि नाईक को कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है, पुलिस उसकी जोर शोर से तलाश कर रही है. अपने सिर पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार देख नाईक ने अग्रिम जमानत के लिए ठाणे सत्र न्यायालय में आवेदन किया था. कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी थी.
महिला आयोग के पत्र पर एक्टिव हुई पुलिस

पीड़िता ने नाईक के खिलाफ दो हफ्ते पहले नेरुल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. तब से एक के बाद एक दो मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे नाईक की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दीपा चव्हाण ने अपना और गणेश नाईक का डीएनए टेस्ट कराने की मांग की थी. विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोरहे ने कहा कि गणेश नाईक खुद डीएनए टेस्ट कराएं.

राज्य महिला आयोग ने नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त को पत्र भेजकर इस संबंध में कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. महिला आयोग के पत्र को गंभीरता से लेते हुए नेरुल पुलिस ने 16 अप्रैल की रात पीड़िता का बयान दर्ज कर बलात्कार का मामला दर्ज किया.

    क्या है मामला
 दीपा चव्हाण नामक महिला ने आरोप लगाया कि पिछले 27 साल से नाईक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में  रह रही है. जब उसने अपने बच्चे का नाम और उसके खर्च के लिए संपत्ति में अधिकार मांगा तब नाईक जान से मारने की धमकी देने लगे. पीड़िता का कहना है कि नाईक से हमारा एक बेटा है और वह अब पंद्रह साल का है. नाईक ने महिला से कहा था कि जब लड़का पांच साल का होने के बाद, हम आधिकारिक तौर पर लड़के और उसकी मां को स्वीकार कर लेंगे. हालांकि, नाईक ने अपनी बात से पलट गए और अब महिला और उसके बच्चे को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं.

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