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BMC का 100 करोड़ का स्मार्ट पार्किंग प्रोजेक्ट फेल, 4 सितंबर को रद्द हुआ टेंडर, अब अक्टूबर में आएगा नया टेंडर

आईएनएस न्यूज नेटवर्क

मुंबई। मुंबईकरों को पार्किंग की समस्या से राहत देने के लिए BMC ने 100 करोड़ रुपये का जो स्मार्ट पार्किंग प्रोजेक्ट शुरू किया था, वह शुरू होने से पहले ही फेल हो गया है। BMC द्वारा जारी किया गया टेंडर 4 सितंबर 2026 को रद्द कर दिया गया है, क्योंकि एक भी निजी कंपनी ने इसमें बोली नहीं लगाई।

*15 अगस्त को निकला था टेंडर*
BMC ने 15 अगस्त 2026 को शहर के 32 सबसे व्यस्त इलाकों – दादर, बांद्रा, अंधेरी, बोरीवली, कुर्ला, सायन, घाटकोपर और दक्षिण मुंबई के लिए स्मार्ट पार्किंग टेंडर निकाला था। टेंडर भरने की अंतिम तारीख 3 सितंबर थी। 3 सितंबर तक पोर्टल पर एक भी बिड नहीं आई, जिसके बाद 4 सितंबर को BMC को `Cancelled due to No Response` लिखकर टेंडर वापस लेना पड़ा।

*क्या था प्रोजेक्ट में?*
इस प्रोजेक्ट के तहत कई आधुनिक सुविधाएं देने का वादा किया गया था – FASTag से ऑटोमैटिक भुगतान, मोबाइल ऐप से पार्किंग स्लॉट की एडवांस बुकिंग, सेंसर से खाली जगह की रीयल-टाइम जानकारी, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, सीसीटीवी निगरानी और EV चार्जिंग की सुविधा।

*कुल लागत 100 करोड़ और फेल होने की 3 वजहें*
इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत 85 से 100 करोड़ रुपये थी। इसमें सॉफ्टवेयर और सेंसर पर 35 करोड़, सिविल वर्क पर 25 करोड़ और 5 साल के मेंटेनेंस पर 25 करोड़ का खर्च बताया गया था।

सूत्रों के अनुसार टेंडर फेल होने की 3 बड़ी वजहें रहीं:
1. कंपनी को हर साल BMC को करोड़ों का प्रॉपर्टी टैक्स और रेवेन्यू शेयर देना था।
2. शुरुआती 100 करोड़ का पूरा निवेश और 5 साल का मेंटेनेंस कंपनी को ही उठाना था।
3. पार्किंग की दरें BMC तय करेगी, कंपनी अपने हिसाब से दाम नहीं बढ़ा सकती। कंपनियों का कहना था कि इस मॉडल में लागत ज्यादा और मुनाफा कम है।

*अब क्या करेगी BMC?*
टेंडर रद्द होने के बाद BMC के अतिरिक्त आयुक्त ने अधिकारियों को शर्तों में ढील देने का निर्देश दिया है। नए टेंडर में प्रॉपर्टी टैक्स की शर्त हटाई जाएगी और रेवेन्यू शेयर 50-50 की जगह 70-30 (कंपनी को 70%) किया जाएगा।

BMC का दावा है कि नए टेंडर का ड्राफ्ट अगले हफ्ते तक तैयार होगा और अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में नया टेंडर जारी होगा। मुंबई में 32 जगहों पर रोजाना 1.5 लाख गाड़ियां पार्क होती हैं, जबकि अधिकृत क्षमता सिर्फ 30 हजार की है।

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