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मुंबई 3.0 ही नहीं मुंबई 4.0 का भी खाका तैयार

MMRDA ने रिकॉर्ड ढाई महीने में मुंबई 3.0 और 4.0 का 2008 sq km ELU सर्वे

इनसाइट न्यूज स्टोरी

मुंबई। मुंबई का विस्तार सिर्फ नवी मुंबई तक नहीं रुकेगा। MMRDA ने मुंबई 3.0 के साथ मुंबई 4.0 का भी खाका तैयार कर लिया है। अथॉरिटी ने रिकॉर्ड ढाई महीने में 565 गांवों के 2,008 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का Existing Land Use (ELU) सर्वे पूरा कर लिया। यह रिपोर्ट आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपी गई। (Blueprint ready not just for Mumbai 3.0 but also for Mumbai 4.0; MMRDA conducted a 2,008 km survey in two and a half months)

पहला है – KSC न्यू टाउन यानी मुंबई 3.0 – पेन, उरण और पनवेल के 124 गांव, 324 वर्ग किमी। नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, JNPA पोर्ट, अटल सेतु और विरार-अलिबाग कॉरिडोर के कारण ये इलाका सबसे तेजी से डेवलप होने वाला नया शहर होगा।

दूसरा – और तीसरा जोन है मुंबई 4.0 – इसमें पालघर का नॉर्थ ENA (224 गांव, 1007 वर्ग किमी) और रायगड-अलिबाग का साउथ ENA (217 गांव, 677 वर्ग किमी) शामिल है। पालघर में 40 किमी लंबा समुद्र तट, जंगल और आदिवासी क्षेत्र है तो अलिबाग में बीच, किले और टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं।

MMRDA ने इस पूरे सर्वे के लिए ड्रोन LiDAR, सैटेलाइट इमेजरी और GIS मैपिंग जैसी लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है।

अब इस डेटा से डिजिटल ट्विन बनाए जाएंगे। ताकि कोई भी बड़ा प्रोजेक्ट जमीन पर उतारने से पहले उसका ट्रैफिक, बाढ़ और सुविधाओं पर असर परखा जा सके।

महत्वपूर्ण बात ये है कि 45% इलाका ग्रीन और फॉरेस्ट जोन है। जिसे MMRDA संरक्षित रखेगा। बाकी 55% में ही अफोर्डेबल घर, इंडस्ट्री, लॉजिस्टिक्स पार्क, डेटा सेंटर और रोजगार के नए हब बसाए जाएंगे। मुंबई के बाद नवी मुंबई बनी। बढ़ती जनसंख्या के कारण मुंबई का विस्तार मुंबई 3.0 के तौर पर हो रहा है। नवी मुंबई एयरपोर्ट और अटल सेतु बनने के बाद विकास कार्य भी तेज हो गया है। अब मुंबई 4.0 विस्तार पालघर तक किया जा रहा है। पालघर में वाढवण बंदरगाह का विकास चल रहख है। इसलिए अब मुंबई चार को पूरे प्लानिंग के साथ बनाया जाएगा।

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