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0 से 2 साल के बच्चों के पैकेट फूड पर एफडीए का बड़ा आदेश

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा, हर पैकेट पर 'मां का दूध सर्वोत्तम' लिखना होगा जरूरी

आईएनएस न्यूज नेटवर्क

मुंबई |  खाद्य व औषध प्रशासन (FDA) ने नवजात बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सख्त कदम उठाया है। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने मंगलवार को पत्रकार परिषद में कहा कि विभाग अब तक 22 रेगुलेशन और 11 ऑर्डर निकाल चुका है, जिसका असर दिख रहा है। अब 0 से 2 साल तक के बच्चों के लिए पैकेज्ड फूड पर नया ऑर्डर जारी किया गया है।मुंढे ने कहा, “हमने स्कूलों को लेकर 22 महीने से 18 साल तक के बच्चों के लिए ऑर्डर निकाला था। लेकिन 22 महीने से कम उम्र के बच्चों का क्या? आज का ऑर्डर नवजात शिशुओं के लिए है, जो 2 साल तक के बच्चों पर लागू होगा।”

किन प्रोडक्ट्स पर लागू होगा आदेश?

2 साल से कम उम्र के बच्चों को पैकेट में दिया जाने वाला हर प्रोडक्ट – शिशु फॉर्मूला, शिशु दूध-आहार, पारंपरिक पैक बंद शिशु आहार जो 6 महीने के बाद से 2 साल तक दिया जाता है, सब पर यह नियम लागू होगा। सप्लायर, ब्रांड मालिक, ई-कॉमर्स विक्रेता – सभी को यह ऑर्डर मानना होगा। 6 महीने तक बच्चे को सिर्फ मां का ही दूध देना चाहिए।

जांच में क्या मिला?

पिछले कुछ महीनों में FDA ने पूरे महाराष्ट्र में जांच की। कई प्रोडक्ट्स पर आगे की तरफ ‘माँ का दूध सर्वोत्तम’ का संदेश लिखा ही नहीं था। किस उम्र से खाना देना है, इसकी चेतावनी और जानकारी भी गायब थी। इससे बच्चों की सेहत पर असर पड़ रहा है।

स्तनपान का आंकड़ा घटा – चौंकाने वाले आंकड़े

5 साल में 6 महीने से कम उम्र के बच्चों में स्तनपान 63.7% से घटकर 55% पर आ गया।शहरी इलाकों में सिर्फ 52% माताएं स्तनपान कराती हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों में 75% – गांव की स्थिति बेहतर है।डिलीवरी के 1 घंटे के अंदर स्तनपान होना चाहिए, लेकिन महाराष्ट्र में 50% माताएं जन्म के एक घंटे में दूध नहीं पिलातीं। मतलब डॉक्टर सही जानकारी नहीं दे रहे।इसका सीधा असर सेहत पर – 10 से 12 साल के बच्चों में 35% हाई BP और 10 से 19 साल में 12.3% डायबिटीज का प्रमाण मिला ।मुंढे ने कहा, “फॉर्मूला मिल्क पर बैन नहीं है, लेकिन नियम मानना जरूरी है। भारत में इसके पीछे दो कानून हैं।

“नए ऑर्डर की 5 बड़ी बातें:

  1. हर पैकेट के सामने वाले हिस्से पर ‘माँ का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम है’ लिखना अनिवार्य।
  2. ‘डॉक्टर की सलाह पर ही इस्तेमाल करें’ लिखना होगा।
  3. ‘यह एकमात्र विकल्प नहीं है’ लिखना होगा।
  4. ‘यह सप्लीमेंट्री फूड है और 6 महीने के बाद ही इस्तेमाल करें’ लिखना होगा।
  5. पैकेट पर माँ और बच्चे की फोटो नहीं लगा सकते। साथ ही सप्लीमेंट प्रोडक्ट का प्रचार नहीं कर सकते, माँ के दूध के बराबर है ऐसी झूठे विज्ञापन नहीं कर सकते साथ ही फ्री सैंपल या कूपन नहीं दे सकते।

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